फिरोजपुर झिरका में एसडीएम लक्ष्मी नारायण के नेतृत्व में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर अवैध ढाबों और पार्किंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई। लगातार चौथी बार हुई इस छापेमारी में अवैध बिजली कनेक्शन काटे गए और नियम तोड़ने वालों को सख्त चेतावनी दी गई।

सोनू वर्मा, नूंह। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे (Delhi-Mumbai Expressway) पर सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने के लिए फिरोजपुर झिरका प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। एसडीएम लक्ष्मी नारायण की अगुवाई में संयुक्त टीम ने रविवार को हाईवे किनारे चल रहे अवैध होटल और ढाबों पर जोरदार छापेमारी की। प्रशासन ने करीब 15 अवैध ढाबों को मौके पर ही बंद करवा दिया। दरअसल, ये ढाबे पहले भी सील किए जा चुके थे, लेकिन शिकायत मिल रही थी कि रात होते ही ये दोबारा शुरू हो जाते हैं। प्रशासन की इस चौथी बार की कार्रवाई से अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।

नियम तोड़ने वालों पर चौतरफा वार

इस विशेष अभियान के दौरान केवल ढाबे ही नहीं, बल्कि अवैध पार्किंग पर भी शिकंजा कसा गया। एक्सप्रेस-वे पर गलत तरीके से खड़ी लगभग 20 गाड़ियों के चालान काटे गए, जो अक्सर बड़े हादसों (Road Accidents) की वजह बनती हैं। कार्रवाई के दौरान बिजली विभाग ने 10 अवैध बिजली कनेक्शन भी काट दिए। जांच में पाया गया कि कई ढाबा संचालक बिना CLU (लैंड यूज चेंज) के खेती की जमीन पर व्यावसायिक काम कर रहे थे। एसडीएम ने साफ कर दिया है कि अब केवल चालान नहीं, बल्कि बार-बार नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

सुरक्षा के लिए हर 10 दिन में होगी चेकिंग

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि एक्सप्रेस-वे पर यात्रियों की सुरक्षा सबसे ऊपर है। अवैध ढाबों और गलत पार्किंग की वजह से बढ़ती दुर्घटनाओं को देखते हुए अब हर 10 दिन में औचक निरीक्षण किया जाएगा। सदर थाना पुलिस और ट्रैफिक टीम को हाईवे पर लगातार गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। एसडीएम लक्ष्मी नारायण ने कहा कि नियमों का उल्लंघन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा। प्रशासन की इस सख्ती का उद्देश्य दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे को पूरी तरह सुरक्षित और बाधा मुक्त बनाना है।