दिल्ली-NCR में क्षेत्रीय परिवहन नेटवर्क को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) ने चार नए नमो भारत (RRTS) कॉरिडोर के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर केंद्र सरकार को भेज दी है। इन प्रस्तावित कॉरिडोरों का उद्देश्य दिल्ली-NCR में हाई-स्पीड क्षेत्रीय परिवहन नेटवर्क का विस्तार करना, विभिन्न शहरों के बीच यात्रा समय को कम करना और यात्रियों को तेज, सुरक्षित तथा आधुनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है। परियोजनाओं को मंजूरी मिलने के बाद क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई गति मिलने की उम्मीद है।
दिल्ली-NCR की क्षेत्रीय परिवहन व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) ने चार नए नमो भारत (RRTS) कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) केंद्र सरकार को सौंप दी है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य हाई-स्पीड क्षेत्रीय कनेक्टिविटी का विस्तार करना और यात्रियों के सफर को अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना है।
राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के राज्य मंत्री तोखन साहू ने जानकारी दी कि NCRTC ने निम्नलिखित चार नए कॉरिडोरों के लिए DPR तैयार कर केंद्र सरकार को दिल्ली–करनाल नमो भारत कॉरिडोर , दिल्ली–बावल नमो भारत कॉरिडोर , बावल–बहरोड़ नमो भारत कॉरिडोर , गाजियाबाद–नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट नमो भारत कॉरिडोर भेजी है मंत्री ने बताया कि इन प्रस्तावों की अब विभिन्न स्तरों पर तकनीकी, वित्तीय और व्यवहार्यता के आधार पर समीक्षा की जाएगी। समीक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इन परियोजनाओं को मंजूरी देने और उनके क्रियान्वयन पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
NCR में 8 RRTS कॉरिडोर की योजना
फिलहाल देश का पहला परिचालित दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर यात्रियों को तेज और आधुनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध करा रहा है। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर की लंबाई 82.15 किलोमीटर है। इस परियोजना को मार्च 2019 में केंद्र सरकार की मंजूरी मिली थी और यह देश का पहला चालू होने वाला रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर है। राज्यसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के राज्य मंत्री तोखन साहू ने बताया कि नेशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड (NCRPB) ने NCR-2032 के परिवहन मास्टर प्लान में कुल आठ RRTS कॉरिडोर की पहचान की है। इन कॉरिडोरों का उद्देश्य दिल्ली और आसपास के प्रमुख शहरों को सेमी-हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से जोड़ना है।
कई नए रूट प्रस्तावित
नेशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड (NCRPB) के NCR-2032 परिवहन मास्टर प्लान में कुल आठ RRTS कॉरिडोर की पहचान की गई है, जिनका उद्देश्य दिल्ली और आसपास के प्रमुख शहरों को सेमी-हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से जोड़ना है। प्रस्तावित RRTS कॉरिडोर में दिल्ली-गुरुग्राम-रेवाड़ी-अलवर , दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ ,दिल्ली-सोनीपत-पानीपत ,दिल्ली-फरीदाबाद-बल्लभगढ़-पलवल , दिल्ली-बहादुरगढ़-रोहतक ,दिल्ली-शाहदरा-बड़ौत ,गाजियाबाद-खुर्जा ,गाजियाबाद-हापुड़ ये रूट शामिल केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के राज्य मंत्री तोखन साहू ने राज्यसभा में जानकारी देते हुए बताया कि नीति आयोग की टास्क फोर्स ने शुरुआती चरण में तीन RRTS कॉरिडोर को प्राथमिकता दी थी। इनमें दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ, दिल्ली-गुरुग्राम-अलवर और दिल्ली-पानीपत कॉरिडोर शामिल थे।
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