Business Desk : करवा चौथ पर गहनों की खरीदारी के बीच लैब-ग्रोन डायमंड की मांग बढ़ रही है। ये हीरे लैब में तैयार होते हैं और चमक, मजबूती व बनावट में प्राकृतिक हीरों जैसे होते हैं। कीमत कम होने के कारण ये ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं। हालांकि, खरीदने से पहले GST, मेकिंग चार्ज और रीसेल वैल्यू समझना जरूरी है।
लैब-ग्रोन डायमंड कितने सस्ते हैं?
ऑकेरा की सह-संस्थापक और CEO लिसा मुखेड़कर के मुताबिक, लैब-ग्रोन डायमंड भी असली हीरे होते हैं। फर्क सिर्फ इनके बनने के तरीके का है। प्राकृतिक हीरे जमीन के नीचे बनते हैं, जबकि लैब-ग्रोन हीरे वैज्ञानिक तकनीक से तैयार किए जाते हैं।
उदाहरण के लिए, सोने की अंगूठी में 1 कैरेट का लैब-ग्रोन डायमंड करीब 60,000 से 1.2 लाख रुपए में मिल सकता है। वहीं, प्राकृतिक हीरे की कीमत 3 लाख रुपए या उससे ज्यादा हो सकती है।
ज्वेलरी पर कितना GST लगेगा?
CA साक्षी जैन के मुताबिक, तैयार डायमंड ज्वेलरी पर 3% GST लगता है। वहीं, बिना गहने में जड़ा लूज डायमंड खरीदने पर 0.25% GST की दर लागू होती है। खरीदारी के समय बिल में ज्वेलरी की कीमत, मेकिंग चार्ज और GST का विवरण जरूर देखें।
सर्टिफिकेट और हॉलमार्क कैसे जांचें?
हीरे की गुणवत्ता के लिए IGI, SGL या GIA जैसी एजेंसियों का ग्रेडिंग सर्टिफिकेट मांगें। सोने की शुद्धता के लिए BIS हॉलमार्क जांचें। 750 नंबर का मतलब 18 कैरेट और 916 का मतलब 22 कैरेट सोना है। डायमंड ज्वेलरी आमतौर पर 14 या 18 कैरेट सोने में बनाई जाती है।
मेकिंग चार्ज कितना होता है?
ज्वेलरी का मेकिंग चार्ज डिजाइन, कारीगरी और ब्रांड पर निर्भर करता है। यह आमतौर पर सोने की कीमत का 10% से 25% तक हो सकता है। कुछ दुकानदार प्रति ग्राम के हिसाब से शुल्क लेते हैं। खरीदने से पहले मेकिंग चार्ज और बायबैक पॉलिसी लिखित में लें।

बेचने पर कितनी रकम वापस मिलेगी?
लैब-ग्रोन डायमंड की रीसेल वैल्यू प्राकृतिक हीरों के मुकाबले कम हो सकती है। अनुमान के मुताबिक, पुराने लैब-ग्रोन डायमंड पर खरीद कीमत का 20-30% और प्राकृतिक हीरे पर 40-60% तक वापस मिल सकता है। यह कोई तय दर नहीं है।
अगर आपने 1 लाख रुपए की लैब-ग्रोन डायमंड ज्वेलरी खरीदी है, तो बेचने पर हीरे के बदले करीब 20,000 से 35,000 रुपए मिल सकते हैं। सोने की कीमत अलग से तय होगी। वास्तविक रकम बाजार भाव और ज्वेलर की बायबैक पॉलिसी पर निर्भर करेगी।
बेचने पर कितना कैपिटल गेंस टैक्स लगेगा?
हीरा बेचने पर मुनाफे के हिसाब से कैपिटल गेंस टैक्स लग सकता है। दो साल के भीतर बेचने पर मुनाफा लागू नियमों के अनुसार टैक्स के दायरे में आता है। दो साल से अधिक रखने के बाद बेचने पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस के नियम लागू हो सकते हैं। 12.5% की दर का दावा करने से पहले मौजूदा टैक्स नियमों और संपत्ति के वर्गीकरण की पुष्टि जरूरी है।
खरीदारी से पहले ध्यान दें: लैब-ग्रोन डायमंड कम कीमत में पसंदीदा डिजाइन खरीदने का विकल्प हैं, लेकिन इन्हें निवेश मानकर खरीदने से पहले रीसेल वैल्यू समझ लें। सर्टिफिकेट, हॉलमार्क, पूरा बिल और बायबैक की शर्तें जरूर जांचें।

