एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने फेसबुक पर शिक्षकों के नाम पत्र साझा कर 23 अक्टूबर के चुनाव में अन्याय और अपमान के खिलाफ सशक्त जनादेश देने की अपील की. गोरखपुर में शिक्षक सम्मेलन के दौरान मंच पर जाने से रोके जाने के बाद उनकी नाराजगी की चर्चा है.
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में विधान परिषद सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह की फेसबुक पोस्ट ने शिक्षक एमएलसी चुनाव से पहले राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है. उन्होंने शिक्षकों के नाम जारी पत्र में 23 अक्टूबर को होने वाले चुनाव में अन्याय और अपमान के खिलाफ सशक्त जनादेश देने की अपील की है. हाल ही में गोरखपुर में आयोजित शिक्षक सम्मेलन के दौरान कथित तौर पर मंच पर जाने से रोके जाने के बाद से उनकी नाराजगी की चर्चा है.
शिक्षकों के नाम संदेश
देवेंद्र प्रताप सिंह ने अपनी पोस्ट में कहा कि उन्होंने शिक्षकों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले प्रतिभाशाली युवाओं के हितों के लिए अपना जीवन समर्पित किया है. उन्होंने अपने संघर्ष की तुलना देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिकों के साहस और निष्ठा से की.
उन्होंने लिखा कि अन्याय का सामना करने वाले लोगों को न्याय दिलाने के लिए वह सदन से लेकर सड़क तक संघर्ष करते रहे हैं. उनके मुताबिक, न्याय की मांग को लेकर वह संघर्ष की अंतिम सीमा तक जाने के लिए तैयार रहते हैं और उनके पास मदद की उम्मीद लेकर आने वाला कोई व्यक्ति निराश होकर नहीं लौटा.
एमएलसी ने शिक्षकों और प्रतियोगी युवाओं को अपने परिवार का हिस्सा बताते हुए कहा कि न्याय के लिए उनके संघर्ष को अपमानित किया गया है. उन्होंने शिक्षकों से 23 अक्टूबर को अन्याय और अपमान के खिलाफ मतदान के जरिए अपना फैसला सुनाने की अपील की.
सम्मेलन में क्या हुआ था
गोरखपुर के महंत दिग्विजयनाथ पार्क में शिक्षक एमएलसी चुनाव में भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के समर्थन में बड़ा शिक्षक सम्मेलन आयोजित किया गया था. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को संबोधित करना था. उनके पहुंचने से कुछ समय पहले गोरखपुर-फैजाबाद खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह भी वहां पहुंचे थे.
बताया जाता है कि लोगों से मुलाकात करते हुए जब वह मंच की ओर बढ़े, तब भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष ने उन्हें यह कहते हुए रोक दिया कि विधायकों के बैठने की व्यवस्था नीचे की गई है. इस पर देवेंद्र प्रताप सिंह ने जवाब दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच बहस होने की बात सामने आई. इस घटना के बाद से उनकी नाराजगी की चर्चा है.
भाजपा से बागी नेता सपा के साथ
गोरखपुर-फैजाबाद सीट पर भाजपा ने ध्रुव कुमार त्रिपाठी को उम्मीदवार बनाया है. इसी सीट से भाजपा के संजयन त्रिपाठी भी चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने पार्टी छोड़ दी और समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए. अब वह सपा के समर्थन से चुनाव मैदान में हैं.
देवेंद्र प्रताप सिंह को समाजवादी पार्टी के शिक्षक एमएलसी प्रत्याशी डॉ. संजय त्रिपाठी का समर्थक बताया जा रहा है. वर्ष 2021 में संजयन त्रिपाठी ने देवेंद्र प्रताप सिंह का समर्थन किया था. ऐसे में उनकी हालिया पोस्ट को संजय त्रिपाठी के पक्ष में शिक्षकों से मतदान की अपील के रूप में देखा जा रहा है.
पोस्ट को लेकर संपर्क किए जाने पर देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि उन्हें जो लिखना था, वह लिख चुके हैं. उन्होंने इस मामले में आगे कुछ भी कहने से इनकार करते हुए खबर अपने तरीके से लिखने की बात कही.
चार बार बने एमएलसी
देवेंद्र प्रताप सिंह गोरखपुर-फैजाबाद निर्वाचन क्षेत्र से चार बार विधान परिषद सदस्य चुने जा चुके हैं. उन्होंने 1998 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर पहली बार स्नातक एमएलसी का चुनाव जीता था. इसके बाद 2010 में सपा के टिकट पर दोबारा विधान परिषद पहुंचे.
वर्ष 2015 में उन्होंने समाजवादी पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया. इसके बाद 2017 में भाजपा के टिकट पर जीत दर्ज की और 2023 में भी इसी पार्टी के टिकट पर चुनाव जीतकर विधान परिषद पहुंचे. इस तरह वह इस निर्वाचन क्षेत्र से चार बार एमएलसी निर्वाचित हुए हैं.

