सीएम पुष्कर सिंह धामी ने चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस की आपत्तियों पर प्रतिक्रिया देते हुए संवैधानिक संस्थाओं पर लगाए जाने वाले आरोपों को तथ्यों पर आधारित रखने की बात कही. उन्होंने राहुल गांधी के उत्तराखंड में नकल माफिया और सरकारी नौकरियों से जुड़े दावों पर भी सरकार का पक्ष रखा.

देहरादून. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाएं लोकतंत्र का आधार हैं और ऐसी संस्थाओं पर सवाल या आरोप तथ्यों के आधार पर लगाए जाने चाहिए.

कांग्रेस पर धामी का हमला

सीएम धामी ने कहा कि चुनाव में कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद राहुल गांधी अपनी हार के लिए कभी ईवीएम तो कभी संवैधानिक संस्थाओं को जिम्मेदार ठहराते हैं. उन्होंने चुनाव आयोग पर सवाल उठाने को देश के नागरिकों के लोकतांत्रिक जनादेश से जुड़ा विषय बताया.

धामी ने कहा कि कांग्रेस को अपनी हार के लिए नए बहाने तलाशने पड़ रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी को नेता प्रतिपक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद पर रहते हुए अपेक्षित गंभीरता दिखानी चाहिए.

‘राजनीति कम, कॉमेडी ज्यादा’

सीएम धामी ने इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कांग्रेस नेताओं पर टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता आजकल राजनीति कम और कॉमेडी ज्यादा कर रहे हैं. यह बयान धामी की ओर से कांग्रेस और राहुल गांधी पर किए गए राजनीतिक हमले के दौरान आया.

धामी ने राहुल गांधी की ओर से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल पर लगाए गए आरोपों और कांग्रेस के एक नेता की दिवंगत CDS जनरल बिपिन रावत को लेकर की गई टिप्पणी का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि देश की सेवा करने वाले लोगों को लेकर कांग्रेस नेताओं की भाषा बार-बार सवाल खड़े करती है.

नकल माफिया पर जवाब

उत्तराखंड को लेकर राहुल गांधी के बयानों पर भी मुख्यमंत्री धामी ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि राज्य के बारे में बोलने से पहले तथ्यों की जानकारी होनी चाहिए.

धामी के अनुसार, उत्तराखंड में नकल से जुड़े मामलों में 100 से अधिक लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई है. राज्य सरकार के आधिकारिक सूचना विभाग के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में करीब 35 हजार युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति मिली है.

मुख्यमंत्री ने भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए लागू किए गए नकल विरोधी कानून का भी उल्लेख किया. उत्तराखंड सरकार के अनुसार, इस कानून के तहत प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल के दोषी पाए जाने पर 10 वर्ष तक की सजा और 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है.