निरसा (धनबाद)। साइबर अपराध के खिलाफ धनबाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। गुप्त सूचना के आधार पर धनबाद साइबर थाना की टीम ने बुधवार देर रात निरसा थाना क्षेत्र के पिठाकियारी गांव में छापेमारी की। करीब रात 2 से 2:30 बजे 18 से 20 वाहनों में पहुंची पुलिस टीम ने पूरे गांव की घेराबंदी कर कार्रवाई शुरू की।
पुलिस की चार टीमों ने एक साथ अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की। इस दौरान साइबर अपराध से जुड़े आधा दर्जन से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिए जाने की सूचना है। सभी से पूछताछ की जा रही है।


चार टीमों ने की घेराबंदी, संदिग्धों को साथ ले गई पुलिस
छापेमारी का नेतृत्व साइबर थाना प्रभारी अनिल कुमार शर्मा कर रहे थे। पूरी कार्रवाई को बेहद गोपनीय रखा गया था, जिससे स्थानीय लोगों को भी इसकी भनक नहीं लगी।
कार्रवाई के बाद पुलिस संदिग्धों को अपने साथ ले गई। हालांकि उन्हें कहां रखा गया है और किस स्थान पर पूछताछ चल रही है, इसकी जानकारी पुलिस की ओर से नहीं दी गई है। गिरफ्तार लोगों की सही संख्या और उनकी पहचान भी फिलहाल सार्वजनिक नहीं की गई है।


निरसा में साइबर नेटवर्क को लेकर बढ़ी हलचल
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद निरसा क्षेत्र में सक्रिय साइबर गिरोह को लेकर चर्चा तेज हो गई है। साइबर ठगी के मामलों की जांच के दौरान अलग-अलग राज्यों की पुलिस टीमों का निरसा पहुंचना पहले भी सामने आता रहा है।
पुलिस को आशंका है कि क्षेत्र में सक्रिय साइबर अपराधियों का नेटवर्क दूसरे राज्यों में होने वाली ऑनलाइन ठगी से जुड़ा हो सकता है। ताजा कार्रवाई में पकड़े गए संदिग्धों से पूछताछ के बाद नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और गतिविधियों के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है।


भारी पुलिस बल के साथ कार्रवाई
बताया जा रहा है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान अब धनबाद पुलिस भी बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ छापेमारी कर रही है। इससे पहले कम संख्या में पुलिसकर्मियों के गांव पहुंचने पर स्थानीय लोगों के विरोध के कारण कार्रवाई में परेशानी आने की बात सामने आती रही है।
इसी वजह से इस बार बड़ी संख्या में जवानों और वाहनों के साथ गांव की घेराबंदी कर एक साथ कार्रवाई की गई। पुलिस फिलहाल पूरे मामले में गोपनीयता बरत रही है। संदिग्धों से पूछताछ के बाद ही गिरफ्तारी और साइबर नेटवर्क से जुड़े मामलों को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आने की संभावना है।