रेणु अग्रवाल, धार। शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर ऐतिहासिक नगरी धार में भक्ति, उत्साह और आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। हर वर्ष की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस बार भी भोजशाला में मां वाग्देवी को 1,111 मीटर लंबी भव्य चुनरी अर्पित की गई। इस धार्मिक आयोजन में हजारों की संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया, जिससे पूरी धार नगरी माता के जयकारों और भजनों से गुंजायमान हो उठी।

नगर में जगह-जगह हुआ भव्य स्वागत

चुनरी यात्रा संयोजक विश्वास पांडे और भोजशाला मुक्ति यज्ञ के संयोजक गोपाल के नेतृत्व में यह विशाल यात्रा निकाली गई। नगर आगमन पर यात्रा का बेहद भव्य स्वागत किया गया। धार शहर के प्रमुख मार्गों और चौराहों पर स्थानीय नागरिकों व विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा कई स्वागत मंच बनाए गए थे, जहां से पुष्पवर्षा कर यात्रियों का अभिनंदन किया गया। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर था, बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु सिर पर मंगल कलश और लंबी चुनरी थामे भजनों पर थिरकती नजर आईं।

ऐतिहासिक परंपरा और लोगों की अगाध श्रद्धा

भोज उत्सव समिति के संरक्षक विश्वास पांडे ने बताया कि मां वाग्देवी के प्रति क्षेत्र की जनता की अगाध श्रद्धा है और हर वर्ष यह आयोजन और अधिक भव्य रूप लेता जा रहा है। वहीं, महिला श्रद्धालु सरला पांडर ने कहा कि राजा भोज के काल से चली आ रही परंपरा का निर्वहन करते हुए आज राजा भोज के इस ऐतिहासिक मंदिर में मां वाग्देवी को 1111 मीटर की चुनरी अर्पित की गई है। कोर्ट के आदेश के बाद हमारे इस मंदिर में मां वाग्देवी को चुनरी चढ़ाने को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह है और भारी तादाद में लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।

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