रेणु अग्रवाल, धार। मध्य प्रदेश के धार जिले के कुक्षी-डही क्षेत्र में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रस्तावित दौरे और लोकार्पण से पहले 1324 करोड़ रुपये की लागत से बनी ‘टंट्या मामा डही माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना’ विवादों में घिर गई है। डही क्षेत्र के सुरानी गांव में टेस्टिंग के दौरान अचानक पाइपलाइन फूट गई, जिससे लाखों गैलन पानी बह गया और देखते ही देखते आसपास के कई खेत जलमग्न हो गए।
अल्प वर्षा के चलते एक ओर जहां किसान पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे हैं, वहीं लोकार्पण से ठीक पहले अरबो की इस योजना की पाइपलाइन फटने से स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और निर्माण की गुणवत्ता पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लग रहे हैं। यह परियोजना नर्मदा नदी के जल से 126 गांवों की लगभग 47 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि को सींचने के उद्देश्य से बनाई गई है।
कलेक्टर की सफाई: अवैध निर्माण के दबाव से डैमेज हुई लाइन
मामले की गंभीरता को देखते हुए धार कलेक्टर राजीव रंजन मीणा ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि परियोजना का फिलहाल टेस्टिंग ट्रायल चल रहा है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हर हिस्से तक पानी बिना रुकावट पहुंचे।
कलेक्टर के अनुसार, सुरानी गांव में मुख्य पाइपलाइन के ठीक ऊपर एक स्थानीय ग्रामीण द्वारा निर्माण कार्य करवाया जा रहा था। ऊपर हुए कंस्ट्रक्शन के दबाव और कारण नीचे दबी पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिसके बाद पानी का तेज बहाव बाहर निकल आया।
प्रशासन ने दिए सख्त निर्देश
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि टेस्टिंग पीरियड के दौरान होने वाले किसी भी नुकसान या क्षति को ठीक करने की पूरी जिम्मेदारी संबंधित निर्माण एजेंसी की है।
तत्काल सुधार के आदेश
एसडीएम और एनवीडीए के अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर तुरंत पाइपलाइन की मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए हैं।
निर्माण पर रोक व सुरक्षा मानक
पाइपलाइन वाले मार्ग पर नए अवैध निर्माणों पर तत्काल रोक लगाने और भविष्य में सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है।
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि जिन रास्तों से होकर मुख्य पाइपलाइन गुजर रही है, वहां निर्माण करते समय विशेष ध्यान रखा जाए ताकि सरकारी संपत्ति और परियोजना को नुकसान न पहुंचे।
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