नांगल चौधरी के धौलेड़ा गांव में नहरी पानी की पाइपलाइन बाधित होने और श्मशान घाट पर जलापूर्ति न होने से ग्रामीणों में भारी रोष है। ग्रामीणों ने समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
गुलशन कुमार, महेंद्रगढ़। जिले के नांगल चौधरी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव धौलेड़ा में भीषण गर्मी के बीच पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। आज गांव की विकास समिति के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने एकत्र होकर जल किल्लत के खिलाफ रोष व्यक्त किया और एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया। बैठक में ग्रामीणों ने गांव की मूलभूत सुविधाओं, विशेषकर पेयजल और नहरी पानी की आपूर्ति में आ रही बाधाओं पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर प्रशासन से जल्द से जल्द राहत प्रदान करने की मांग की गई, ताकि गर्मी के इस मौसम में आमजन के साथ-साथ मवेशियों को भी राहत मिल सके।
बाधित पाइपलाइन और गिरता जलस्तर बना बड़ी समस्या
ग्रामीणों के अनुसार, गांव के जोहड़ (तालाब) तक नहरी पानी पहुंचाने के लिए डाली गई पाइपलाइन लंबे समय से बाधित पड़ी है। पाइपलाइन में तकनीकी खराबी और रुकावट के कारण नहर का पानी जोहड़ तक नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे तालाब का जलस्तर लगातार गिरता जा रहा है। भीषण गर्मी में जोहड़ सूखने के कगार पर है, जिससे पशु-पक्षियों के लिए पीने के पानी का भारी संकट उत्पन्न हो गया है। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत और संबंधित विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि समय रहते पाइपलाइन की मरम्मत नहीं कराई गई, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी भयावह हो सकती है।

श्मशान घाट की टंकी बंद
पानी की समस्या केवल तालाब तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव के श्मशान घाट पर बनी पानी की टंकी भी लंबे समय से अनुपयोगी पड़ी है। ग्रामीणों ने बताया कि टंकी तक जाने वाली पाइपलाइन पूरी तरह क्षतिग्रस्त है और बीच से पाइप का हिस्सा भी गायब है, जिसके कारण वहां जलापूर्ति ठप है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पाइपलाइन दुरुस्त कर नहरी पानी की बहाली और श्मशान घाट की सप्लाई चालू नहीं की गई, तो वे भविष्य में बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। अब देखना यह है कि प्रशासन इस ज्वलंत मुद्दे पर कितनी तत्परता से कार्रवाई करता है।

स्थानीय लोगों की मुख्य मांगें
बैठक के समापन पर विकास समिति और ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष अपनी तीन मुख्य मांगें रखी हैं। पहली, नहर से जोहड़ तक की मुख्य पाइपलाइन को तत्काल प्रभाव से ठीक किया जाए। दूसरी, श्मशान घाट पर बनी पानी की टंकी की सप्लाई को पाइप डालकर बहाल किया जाए और तीसरी, पूरे गांव में पानी की स्थायी व सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की अनदेखी के कारण आज पूरा गांव बूंद-बूंद पानी को तरस रहा है और अब वे इस मुद्दे पर किसी भी प्रकार का समझौता करने के मूड में नहीं हैं।

