संजय पाटीदार, भोपाल। महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर राजधानी भोपाल में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) की ओर से मिंटो हॉल, शास्त्री प्रतिमा और प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की गईं। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (पीसीसी चीफ) जीतू पटवारी और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बापू और शास्त्री जी की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
‘घृणा करने वाले फूलों से ढोंग कर रहे’
मीडिया से चर्चा करते हुए जीतू पटवारी ने बिना नाम लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग लोकतंत्र और संविधान से घृणा करते हैं, वे केवल दिखावे के लिए गांधीजी के चरणों में फूल चढ़ाते हैं, लेकिन उनकी शिक्षाओं और विचारों को आत्मसात नहीं करते। पटवारी ने कहा कि ग्राम स्वराज और सत्ता का विकेंद्रीकरण बापू का मुख्य सपना था, जो अंतिम व्यक्ति तक शासन की उपस्थिति का एहसास कराता है। वहीं दिग्विजय सिंह ने बीजेपी की विचारधारा पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा को यह बताना चाहिए कि उनकी कौन सी नियत, कर्मठता या कार्यक्रम महात्मा गांधी के विचारों से मेल खाता है।
दिग्विजय सिंह की फिसली जुबान
संबोधन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का एक बयान चर्चा का विषय बन गया। देश के संविधान और गांधीवादी विचारधारा की रक्षा की बात कहते-कहते उनकी जुबान फिसल गई। उन्होंने कहा कि, “हमें सदैव अहिंसा के मार्ग पर चलकर ऐसी ताकतों से लड़ना है जिन्होंने नाथूराम गोडसे की हत्या की थी।” हालांकि, उनका आशय उन ताकतों से लड़ने का था जिन्होंने महात्मा गांधी की हत्या की थी और उनकी विचारधारा को खत्म करना चाहती हैं।
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