अयोध्या में चार दिवसीय दीपोत्सव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए पूरे क्षेत्र को 20 जोन और 53 सेक्टर में बांटा गया है. चार नवंबर से पुलिसकर्मियों की ड्यूटी शुरू होगी और आयोजन स्थलों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात रहेगा.
अयोध्या. चार दिवसीय दीपोत्सव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस ने व्यापक तैयारी की है. पूरे क्षेत्र को 20 जोन और 53 सेक्टर में बांटकर पुलिस बल की तैनाती की जाएगी. चार नवंबर से पुलिसकर्मी अपनी जिम्मेदारी संभालना शुरू कर देंगे.
आयोजन स्थलों के अलावा प्रमुख मंदिरों और रामलीला स्थलों पर भी अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा. सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है.
20 एएसपी और 45 सीओ तैनात
दीपोत्सव की सुरक्षा में 20 अपर पुलिस अधीक्षक और 45 पुलिस उपाधीक्षक तैनात रहेंगे. इनके साथ 120 निरीक्षक, 450 उपनिरीक्षक और 60 महिला उपनिरीक्षक भी ड्यूटी पर रहेंगी.
इसके अलावा 1,750 पुरुष मुख्य आरक्षी व आरक्षी और 400 महिला आरक्षी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा होंगी. यातायात संचालन के लिए 10 यातायात निरीक्षक, 50 यातायात उपनिरीक्षक और 300 हेड कांस्टेबल व कांस्टेबल लगाए जाएंगे.
पीएसी और आरएएफ की तैनाती
भीड़ को नियंत्रित करने और आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए पीएसी की नौ कंपनियां और बाढ़ राहत पीएसी की एक कंपनी तैनात रहेगी. इसके साथ आरएएफ की तीन कंपनियां, एटीएस और एसडीआरएफ की एक-एक टीम भी सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगी.
सुरक्षा जांच के लिए तीन बम निरोधक दस्ते, तीन डॉग स्क्वायड और एसएस चेक टीम के नौ दस्ते लगाए जाएंगे. अभिसूचना इकाई भी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेगी.
दो पालियों में होगी ड्यूटी
प्रमुख मंदिरों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और रामलीला स्थलों पर राजपत्रित अधिकारियों की निगरानी में पुलिस बल तैनात किया जाएगा. चार नवंबर से दो पालियों में पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगेगी. किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) और रिजर्व पार्टी भी तैयार की गई है.
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर के मुताबिक, दीपोत्सव को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं. चार नवंबर से पुलिसकर्मियों की ड्यूटी शुरू हो जाएगी और अन्य जोन व रेंज से पुलिसकर्मियों का आना भी शुरू हो गया है. उन्होंने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था की हर स्तर पर निगरानी की जाएगी.

