Lifestyle Desk :- दिनभर की भागदौड़ और कामकाज के बाद रात को बिस्तर पर आराम करने का समय मिलता है। लेकिन कुछ लोगों को सोते समय पैरों में दर्द, खिंचाव या ऐंठन महसूस होने लगती है। कई बार दर्द इतना बढ़ जाता है कि नींद खुल जाती है। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो इसे हमेशा थकान समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। पैरों में रात के समय दर्द होने के पीछे मांसपेशियों में खिंचाव, दिनभर खड़े रहना, शारीरिक गतिविधि की कमी या कुछ स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में सोने से पहले कुछ आसान उपाय राहत देने में मदद कर सकते हैं।आइए जानते हैं कैसे।

रात में पैरों में दर्द होने के क्या कारण हैं?

रात के समय पैरों में दर्द या ऐंठन होने की कई वजहें हो सकती हैं। दिनभर ज्यादा देर तक खड़े रहने या चलने से मांसपेशियों पर दबाव पड़ सकता है। वहीं, लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहने से भी पैरों में अकड़न महसूस हो सकती है। कुछ लोगों को रात में अचानक पिंडली की मांसपेशियों में ऐंठन होती है, जिससे तेज दर्द महसूस होता है।
इसके अलावा, शरीर में पानी की कमी, कुछ दवाओं का असर, नसों से जुड़ी समस्याएं या रक्त संचार संबंधी परेशानियां भी पैरों में दर्द का कारण बन सकती हैं। इसलिए अगर दर्द बार-बार हो रहा है या लगातार बना रहता है, तो इसकी वजह जानना जरूरी है।

सोने से पहले आजमाएं ये आसान तरीका

अगर रात को पैरों में हल्का दर्द या मांसपेशियों में खिंचाव महसूस होता है, तो सोने से पहले हल्की स्ट्रेचिंग करना मददगार हो सकता है। इससे मांसपेशियों को आराम मिल सकता है और अकड़न कम करने में सहायता मिलती है।

पिंडली की हल्की स्ट्रेचिंग करें

बिस्तर पर बैठकर दोनों पैरों को सामने की ओर सीधा रखें। अब पंजों को धीरे-धीरे अपनी तरफ खींचें और कुछ सेकंड तक इसी स्थिति में रहें। इसके बाद पैरों को सामान्य स्थिति में ले आएं। इस प्रक्रिया को आराम से दोहराएं। ध्यान रखें कि स्ट्रेचिंग करते समय तेज दर्द हो, तो जबरदस्ती न करें।

हल्के हाथों से मालिश करें

सोने से पहले पैरों की मांसपेशियों पर हल्के हाथों से मालिश करने से कुछ लोगों को आराम महसूस हो सकता है। पिंडली और तलवों पर धीरे-धीरे हाथ फेरें। बहुत जोर से दबाव न डालें। अगर पैर में सूजन, लालिमा या असामान्य गर्माहट है, तो मालिश करने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लें।

गुनगुने पानी से आराम दें

अगर पैरों में सामान्य थकान या मांसपेशियों में जकड़न है, तो गुनगुने पानी से नहाना या थोड़ी देर गर्माहट देना आरामदायक हो सकता है। पानी बहुत गर्म न हो। यदि पैरों में सुन्नपन है या गर्म-ठंडे का एहसास ठीक से नहीं होता, तो गर्म पानी या हीटिंग पैड का इस्तेमाल करने से बचें।

दिनभर पर्याप्त पानी पिएं

शरीर में पानी की कमी होने पर कुछ लोगों में मांसपेशियों की ऐंठन की समस्या बढ़ सकती है। इसलिए दिनभर पर्याप्त पानी पिएं। हालांकि, हर तरह की ऐंठन का कारण पानी या इलेक्ट्रोलाइट की कमी नहीं होता। बिना डॉक्टर की सलाह के नमक, पोटैशियम या अन्य सप्लीमेंट लेना सही नहीं है।

पैरों के दर्द से बचने के लिए दिनचर्या में करें बदलाव

दिनभर लगातार बैठे या खड़े रहने के बजाय बीच-बीच में थोड़ा चलें और पैरों को आराम दें। नियमित रूप से हल्की वॉक और अपनी क्षमता के अनुसार व्यायाम करें। आरामदायक जूते पहनें और सोने से पहले कुछ मिनट पैरों को धीरे-धीरे स्ट्रेच करें। यदि दर्द किसी नई दवा को शुरू करने के बाद हुआ है, तो डॉक्टर से बात करें; दवा अपने आप बंद न करें।

कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?

अगर पैरों में दर्द बार-बार हो रहा है, नींद प्रभावित हो रही है या घरेलू उपायों के बाद भी आराम नहीं मिल रहा, तो डॉक्टर से परामर्श लें। अगर एक पैर में अचानक सूजन, लालिमा, गर्माहट और दर्द हो, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। इसके साथ सांस लेने में परेशानी या सीने में दर्द हो, तो यह आपात स्थिति हो सकती है।
पैरों में रात को होने वाला दर्द हमेशा किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता, लेकिन इसके लगातार बने रहने पर कारण की जांच जरूरी है। सोने से पहले हल्की स्ट्रेचिंग, पर्याप्त पानी और आरामदायक दिनचर्या से कुछ लोगों को राहत मिल सकती है।