Lifestyle Desk : सर्दियों का मौसम आते ही बाजार में ताजी और रसीली मूली मिलने लगती है। इस मौसम में मूली के पराठे नाश्ते की थाली का खास हिस्सा बन जाते हैं। गरमागरम पराठों के साथ दही, मक्खन या अचार मिल जाए तो नाश्ते का स्वाद ही बढ़ जाता है। लेकिन मूली के पराठे बनाना हर किसी के लिए आसान नहीं होता। कई बार पराठे बेलते समय आटा फट जाता है और उसके अंदर भरी मूली बाहर निकलने लगती है।
इससे पराठे ठीक से सिक नहीं पाते और उनका स्वाद भी प्रभावित होता है। दरअसल, मूली में पानी की मात्रा काफी अधिक होती है। जब इसे कद्दूकस करके आटे में भरते हैं, तो इसका अतिरिक्त पानी पराठे की परत को कमजोर कर सकता है। हालांकि, कुछ आसान रसोई टिप्स अपनाकर आप इस परेशानी से बच सकते हैं। आइए जानते हैं मूली के पराठे बनाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
मूली को कद्दूकस करने के बाद निचोड़ लें
मूली के पराठे फटने की सबसे बड़ी वजह उसकी स्टफिंग में मौजूद अतिरिक्त पानी होता है। इसलिए मूली को कद्दूकस करने के बाद साफ सूती कपड़े या छलनी की मदद से अच्छी तरह निचोड़ लें। इससे अतिरिक्त पानी निकल जाएगा और भरावन ज्यादा गीली नहीं रहेगी।
आटे को थोड़ा सख्त गूंथें
पराठे के लिए आटा बहुत ज्यादा नरम नहीं होना चाहिए। अगर आटा अधिक गीला या चिपचिपा होगा, तो बेलते समय वह आसानी से फट सकता है। इसलिए आटे में पानी धीरे-धीरे डालें और इसे मध्यम सख्त गूंथें। आटा तैयार होने के बाद 10 से 15 मिनट के लिए ढककर रख दें।
मूली की स्टफिंग में नमक पहले न डालें
कई लोग मूली कद्दूकस करते ही उसमें नमक और मसाले मिला देते हैं। ऐसा करने से मूली पानी छोड़ने लगती है। बेहतर होगा कि मूली को पहले निचोड़ लें और स्टफिंग में नमक तभी मिलाएं, जब आप पराठे भरने वाले हों। इससे भरावन ज्यादा गीली नहीं होगी।
स्टफिंग में थोड़ा बेसन मिलाएं
अगर मूली की भरावन में हल्की नमी बची हुई है, तो उसमें एक से दो चम्मच भुना हुआ बेसन मिला सकते हैं। बेसन अतिरिक्त नमी को सोखने में मदद करता है। इससे स्टफिंग को संभालना आसान हो जाता है और पराठा बेलते समय भरावन बाहर निकलने की आशंका कम होती है।
आटे की लोई का आकार सही रखें
मूली के पराठे बनाते समय लोई न तो बहुत छोटी रखें और न ही बहुत बड़ी। मध्यम आकार की लोई बनाकर उसे थोड़ा बेल लें। इसके बीच में मूली की स्टफिंग रखें। ध्यान रखें कि भरावन की मात्रा आटे के मुकाबले ज्यादा न हो। बहुत अधिक स्टफिंग भरने से पराठा बेलते समय फट सकता है।

लोई को सही तरीके से बंद करें
स्टफिंग भरने के बाद आटे के सभी किनारों को धीरे-धीरे उठाकर बीच में लाएं। फिर इन्हें अच्छी तरह मिलाकर बंद कर दें। ध्यान रखें कि अंदर हवा न रह जाए। अतिरिक्त आटा निकालकर लोई को हल्के हाथों से चपटा करें। इससे बेलते समय स्टफिंग बाहर आने की संभावना कम हो जाती है।
बेलते समय ज्यादा दबाव न डालें
मूली के पराठे को बहुत तेजी या जोर लगाकर बेलने से बचें। इसके लिए बेलन को हल्के हाथों से चलाएं और पराठे को धीरे-धीरे चारों तरफ से बेलें। सूखा आटा जरूरत के अनुसार इस्तेमाल करें। अगर एक तरफ ज्यादा दबाव पड़ेगा, तो पराठा फट सकता है।
तवे का तापमान सही रखें
पराठे को सेंकने के लिए तवा पहले से गर्म होना चाहिए। बहुत ठंडे तवे पर पराठा डालने से वह ठीक से नहीं सिकेगा, जबकि बहुत तेज आंच पर बाहर से जल्दी जल सकता है। मध्यम आंच पर दोनों तरफ से अच्छी तरह सेंकें। इसके बाद थोड़ा घी या तेल लगाकर सुनहरा और कुरकुरा होने तक पकाएं।
मूली के पराठे बनाते समय इन गलतियों से भी बचें
1-मूली की स्टफिंग को बहुत देर पहले तैयार करके रखना, उसमें ज्यादा नमक डालना या भरावन में अतिरिक्त पानी छोड़ देना।
2-इसके अलावा, पराठे को बार-बार पलटने से भी बचना चाहिए। सही तापमान पर धैर्य के साथ सेंकने से पराठे अच्छी तरह पकते हैं।
3-मूली के पराठों का स्वाद बढ़ाने के लिए स्टफिंग में बारीक कटी हरी मिर्च, हरा धनिया, अजवाइन और थोड़ा कद्दूकस किया हुआ अदरक मिला सकते हैं। इससे पराठों का स्वाद भी बढ़ेगा और सर्दियों के नाश्ते का मजा दोगुना हो जाएगा।

