अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच ‘एनर्जी सीजफायर’ का ऐलान किया है. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि यह सीजफायर तत्काल प्रभाव से लागू होगा और रूस-यूक्रेन युद्ध में दोनों पक्ष इस पर सहमत हो गए हैं. उन्होंने दोनों पक्षों से इसका उल्लंघन नहीं करने की अपील की. डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ‘ट्रुथ सोशल’ हैंडल पर पोस्ट किया, “अभी से रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में एनर्जी सीजफायर (ऊर्जा के मामले में युद्ध-विराम) लागू हो गया है। दोनों पक्ष इस पर सहमत हो गए हैं। इसे न तोड़ें! इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद।”
रूस और यूक्रेन के बीच एनर्जी सीजफायर का क्या मतलब है?
एनर्जी सीजफायर का मतलब ये है कि रूस और यूक्रेन के बीच एक सीमित, आपसी समझौता हुआ है, जिसके तहत दोनों देश, एक-दूसरे के ऊर्जा संबंधी बुनियादी ढांचे पर हमले नहीं करेंगे। यह पूरी तरह से युद्धविराम नहीं है, सिर्फ ऊर्जा क्षेत्र तक ही सीमित मामला है।
अगर सरल भाषा में समझें तो इसका सीधा मतलब ये है कि यूक्रेन की तरफ से रूस की तेल रिफाइनरियों, तेल भंडारण, गैस सुविधाओं और अन्य ऊर्जा निर्यात संबंधी ठिकानों पर ड्रोन/मिसाइल हमले नहीं होंगे। वहीं रूस की तरफ से यूक्रेन की बिजली ग्रिड, पावर प्लांट, हीटिंग सिस्टम, सबस्टेशन, पेट्रोल पंप और अन्य ऊर्जा सुविधाओं पर हमले बंद कर दिए जाएंगे।
चूंकि ये पूरी तरह युद्धविराम नहीं है, इसलिए ये नहीं कहा जा सकता है कि रूस और यूक्रेन के बीच युद्धविराम हुआ है। इसके विपरीत ये कहा जा सकता है कि रूस और यूक्रेन के बीच एनर्जी सीजफायर यानी ऊर्जा मामलों में युद्धविराम हुआ है। बाकी युद्ध यथावत चलता रहेगा।
लंबे समय से चल रहा रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध
गौरतलब है कि रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से युद्ध चल रहा है। ऐसे में दोनों ही देश एक-दूसरे के ऊर्जा से जुड़े ढांचे पर निशाना साधते रहे हैं। अगर ऊर्जा के ढांचों पर ये हमले नियमित रहे तो इसका असर रूस के ईंधन उत्पादन और निर्यात को नुकसान के रूप में दिखाई देता है, जिससे वैश्विक कीमतें भी प्रभावित होती हैं। वहीं रूस द्वारा यूक्रेन की बिजली-हीटिंग व्यवस्था को नष्ट करके सर्दियों में दबाव कायम किया जा सकता है।
अब देखना ये होगा कि ट्रंप के इस बयान के बाद रूस और यूक्रेन की तरफ से क्या आधिकारिक बयान आता है और दोनों देश कब तक एनर्जी सीजफायर पर कायम रहते हैं। बता दें कि हाल ही में खबर सामने आई थी कि ट्रंप ने बड़ा यू-टर्न लिया और रूस से डीजल खरीदने की डील की। इससे जेलेंस्की भड़क गए थे।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

