Automobile Desk: सफर के दौरान या कहीं जल्दबाजी में पहुंचते वक्त अक्सर लोगों से यह चूक हो जाती है—कार बंद हुई, लॉक लगा और ध्यान आता है कि चाबी तो अंदर ही छूट गई. ऐसी स्थिति बनते ही ज्यादातर लोग घबरा जाते हैं और गाड़ी खोलने के चक्कर में तुरंत कुछ न कुछ ऐसा जुगाड़ भिड़ाने लगते हैं, जिससे राहत मिलने की बजाय जेब पर बड़ा झटका लग जाता है. ऑटो एक्सपर्ट्स की मानें तो कार लॉक होने की दशा में पैनिक में लिया गया एक गलत फैसला आपकी गाड़ी को अच्छा-खासा नुकसान पहुंचा सकता है.

लोग सबसे पहले कार का शीशा फोड़ने का मन बना लेते हैं, क्योंकि यह उन्हें सबसे आसान और तेज तरीका लगता है. हालांकि, यह फैसला सिर्फ आर्थिक नुकसान ही नहीं कराता, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी जोखिम भरा है. कांच टूटने से बिखरे हुए टुकड़े आपको चोटिल कर सकते हैं. इसके अलावा, बाद में नया ग्लास लगवाना और केबिन से कांच के बारीक कणों की सफाई करवाना एक अलग सिरदर्दी और खर्चीला काम बन जाता है. शीशा तोड़ने का कदम केवल तभी उठाया जाना चाहिए जब कार के अंदर कोई छोटा बच्चा या पालतू जानवर फंसा हो और स्थिति आपातकालीन हो. साधारण मौकों पर यह कदम उठाने से पूरी तरह बचना चाहिए.
इसी तरह, देसी नुस्खों के तौर पर स्केल, लोहे का तार या पेचकस से लॉक खोलने की कोशिश भी बेहद भारी पड़ सकती है. आजकल की आधुनिक गाड़ियों के दरवाजों के भीतर सिर्फ मैकेनिकल लॉक ही नहीं होता, बल्कि कई तरह के इलेक्ट्रॉनिक सेंसर, वायरिंग और एंटी-थेफ्ट मैकेनिज्म फिट रहते हैं. ऐसे में बिना जानकारी के दरवाजे के अंदर कोई नुकीली चीज डालना या जोर आजमाइश करना अंदरूनी वायरिंग को डैमेज कर सकता है. अगर कोई चीज अंदर जाकर टूट गई या फंस गई, तो फिर पूरे डोर मैकेनिज्म को ही बदलना पड़ सकता है, जिसका बिल हजारों में आता है.
अक्सर लोग गुस्से या हड़बड़ी में लॉक हैंडल को जोर-जोर से खींचने लगते हैं या दरवाजे के किनारों पर पेचकस डालकर जगह बनाने की कोशिश करते हैं. इस जोर-जबरदस्ती से कार का डोर फ्रेम, रबर सीलिंग और हैंडल ढीला या टेढ़ा हो सकता है. एक बार अगर रबर सीलिंग या फ्रेम खराब हो गया, तो आगे चलकर बारिश में पानी अंदर टपकने और तेज रफ्तार में गाड़ी चलाते वक्त हवा का शोर आने जैसी स्थाई परेशानियां शुरू हो जाती हैं.
जब भी ऐसी स्थिति बने, सबसे पहले शांत रहें और ठंडे दिमाग से रास्ते तलाशें. सबसे पहले घर पर मौजूद स्पेयर की (दूसरी चाबी) के बारे में सोचें. अगर आप शहर में ही हैं, तो किसी जानकार या परिजन के जरिए स्पेयर की मंगवा लेना ही सबसे किफायती समाधान है. इसके अलावा, अगर आपके पास कनेक्टेड कार फीचर्स वाली नई गाड़ी है, तो उसके मोबाइल ऐप, डिजिटल की या रिमोट अनलॉक फीचर को चेक करें. कई बार बूट (डिग्गी) या कोई एक दरवाजा अनलॉक ही रह जाता है, इसलिए एक बार सभी दरवाजों को संभाल लेना समझदारी है.
यदि कोई भी आसान रास्ता न निकले, तो खुद कारीगर बनने के बजाय अपनी कार कंपनी की रोडसाइड असिस्टेंस (RSA) को कॉल करें या किसी पेशेवर ऑटो लॉकस्मिथ की मदद लें. इन प्रोफेशनल्स के पास बिना किसी नुकसान के कार अनलॉक करने के खास टूल्स होते हैं. सही जानकारी और सही समय पर सही फैसला ही आपको बड़े वित्तीय नुकसान से बचा सकता है.

