Business Desk – कई बार लोग जल्दी में घर ढूंढते हैं और घर पसंद आते ही Rent Agreement बिना पढ़े साइन कर देते हैं। यही गलती आगे चलकर किरायेदार और मकान मालिक के बीच विवाद की वजह बन सकती है। इसलिए किराए पर घर लेने से पहले एग्रीमेंट की हर जरूरी शर्त को ध्यान से पढ़ना चाहिए और समझने के बाद ही साइन करना चाहिए।

किराया और एग्रीमेंट की अवधि जांचें
Rent Agreement साइन करने से पहले देखें कि उसमें मासिक किराया, सिक्योरिटी डिपॉजिट, किरायेदारी की अवधि और नोटिस पीरियड सही लिखा है या नहीं। अगर एग्रीमेंट में लॉक-इन पीरियड है तो उसकी शर्त भी ध्यान से पढ़ें। साथ ही यह भी देखें कि किराया कब और किन परिस्थितियों में बढ़ाया जा सकता है।
सिक्योरिटी डिपॉजिट की शर्त साफ हो
घर खाली करते समय सबसे ज्यादा विवाद अक्सर सिक्योरिटी डिपॉजिट को लेकर होता है। इसलिए एग्रीमेंट में साफ लिखा होना चाहिए कि कितनी रकम जमा की गई है, घर खाली करने पर यह रकम कब वापस मिलेगी और मकान मालिक किन परिस्थितियों में इसमें से पैसे काट सकता है।
केंद्र सरकार के Model Tenancy Act में रिहायशी घरों के लिए अधिकतम दो महीने के किराए के बराबर सिक्योरिटी डिपॉजिट का प्रावधान है। हालांकि यह एक मॉडल कानून है और अलग-अलग राज्यों में अपने किराया कानून लागू हो सकते हैं।
छोटी-बड़ी मरम्मत की जिम्मेदारी तय करें
नल खराब होने, बिजली की समस्या या घर में किसी बड़ी टूट-फूट की स्थिति में खर्च कौन उठाएगा, यह पहले ही तय कर लें। एग्रीमेंट में रोजमर्रा के छोटे रखरखाव और बड़ी मरम्मत की जिम्मेदारी अलग-अलग स्पष्ट होनी चाहिए।
घर में शिफ्ट होने से पहले दीवारों, फर्श, फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक सामान की तस्वीरें भी ले लें। इससे पहले से मौजूद नुकसान को लेकर बाद में होने वाले विवाद से बचने में मदद मिल सकती है।
मौखिक वादे पर भरोसा न करें
मकान मालिक ने पार्किंग देने, फ्रिज बदलने या कुछ समय तक किराया नहीं बढ़ाने की बात कही है तो उसे एग्रीमेंट में लिखवाएं। इसी तरह पालतू जानवर रखने की अनुमति, मेंटेनेंस चार्ज, बिजली-पानी का बिल और सोसाइटी चार्ज जैसी बातें भी पहले ही स्पष्ट कर लें। सिर्फ मकान मालिक के बोलने या वादा करने के आधार पर भरोसा करने के बजाय जरूरी शर्तों को लिखित में रखना ज्यादा सुरक्षित है।
भुगतान और घर खाली करने का रिकॉर्ड रखें
किराए और सिक्योरिटी डिपॉजिट के भुगतान की रसीद या बैंक रिकॉर्ड संभालकर रखें। घर खाली करते समय दोनों पक्ष मिलकर मीटर रीडिंग, चाबी वापस करने और सिक्योरिटी डिपॉजिट में की जाने वाली कटौती का रिकॉर्ड भी रखें।
रेंट एग्रीमेंट साइन करने से पहले उसे ध्यान से पढ़ने में कुछ समय जरूर लगेगा, लेकिन यह छोटी-सी सावधानी आगे चलकर पैसे और रिश्ते दोनों को विवाद से बचा सकती है।



