नारनौल, 24 अक्टूबर। प्रसिद्ध आर्य समाज विद्वान प्राचार्य मदन गोपाल ने कहा कि समाज हमेशा उन व्यक्तियों को सम्मान के साथ याद करता है, जिन्होंने अपने व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर दूसरों के कल्याण के लिए काम किया हो। डॉ. जेएस यादव ने शिक्षा के प्रचार-प्रसार, समाजसेवा और महर्षि दयानंद की विचारधारा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके इन्हीं योगदानों के कारण आज भी उन्हें श्रद्धा और सम्मान के साथ याद किया जाता है।
वे शुक्रवार को विश्व प्रसिद्ध जीव वैज्ञानिक डॉ. जेएस यादव की पुण्यतिथि पर उनके पैतृक गांव नीरपुर में आयोजित हवन एवं श्रद्धांजलि समारोह को संबोधित कर रहे थे।
प्राचार्य मदन गोपाल ने कहा कि जीव विज्ञान के क्षेत्र में डॉ. यादव के शोध कार्यों और सैकड़ों शोध-पत्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। पर्यावरण संरक्षण के लिए किए गए उनके प्रयासों को भी आज विभिन्न संगठन आगे बढ़ा रहे हैं। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की विज्ञान संकाय और अन्य शैक्षणिक परियोजनाओं में उनके योगदान को आज भी सम्मानपूर्वक याद किया जाता है। उनके संपादन में प्रकाशित पर्यावरण केंद्रित शोध पत्रिका ‘जीवंती’ के दुर्लभ अंक आज भी शोध कार्यों में उपयोगी हैं। विभिन्न विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और दूसरे क्षेत्रों में उनसे प्रेरित हजारों लोग उनके आदर्शों को आगे बढ़ा रहे हैं।
सामाजिक एकता और शिक्षा के लिए किए उल्लेखनीय कार्य
पूर्व सेशन जज राकेश यादव ने कहा कि शिक्षा पूरी करने के बाद डॉ. जेएस यादव ने कुरुक्षेत्र को अपनी कर्मभूमि बनाया। उनके जीवन से हर व्यक्ति को कुछ न कुछ सीखने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने सामाजिक एकता को मजबूत करने के उद्देश्य से कुरुक्षेत्र में योगेश्वर श्रीकृष्ण भवन का निर्माण करवाया, जो जातीय बंधनों को तोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम था। इसके अलावा, उन्होंने वर्ष 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक राव तुलाराम की प्रतिमा स्थापित करवाकर ऐतिहासिक योगदान दिया।
जजपा के जिलाध्यक्ष राजकुमार खातौद ने कहा कि युवाओं और समाजसेवियों को डॉ. यादव के आदर्शों को अपनाकर उनकी विचारधारा को आगे बढ़ाना चाहिए। यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
राव ओमप्रकाश इंजीनियर ने कहा कि डॉ. यादव ने जीवनभर शिक्षा के प्रचार-प्रसार के साथ बच्चों और युवाओं का मार्गदर्शन किया। नीरपुर जैसे छोटे गांव से निकलकर विज्ञान के क्षेत्र में वैश्विक पहचान बनाने वाले डॉ. यादव का जीवन नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है।
प्रवीण राव एडवोकेट ने कहा कि डॉ. यादव ने विज्ञान और शिक्षा के साथ समाजसेवा में भी विशिष्ट पहचान बनाई। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले दक्षिणी हरियाणा के विद्यार्थियों के लिए वे अभिभावक की तरह थे। वे विद्यार्थियों के रहने, फीस और भोजन से जुड़ी समस्याओं पर ध्यान देते तथा उनके समाधान के लिए हमेशा प्रयासरत रहते थे।
खेल स्टेडियम में विश्राम स्थल का लोकार्पण
हवन एवं श्रद्धांजलि समारोह के बाद डॉ. जेएस यादव की स्मृति में उनके परिजनों की ओर से गांव के खेल स्टेडियम में निर्मित विश्राम स्थल का लोकार्पण किया गया। इस पहल को उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने और उनकी स्मृतियों को संजोने के प्रयास के रूप में देखा गया।
समारोह में मेजर जनरल अरविंद यादव, डॉ. अतुल यादव, असीम राव, कमला देवी, साहित्यकार रघुविन्दर यादव, प्रवक्ता योगेश यादव, डॉ. पवन यादव, कप्तान हरिसिंह, सूबेदार दयानंद, करतार मास्टर, गुलशन यादव, अनिल प्रधान, लालचंद यादव, राव समुंदर सिंह, अभय सिंह बौहरा, विष्णु सरपंच, विकास बडकोदा, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. राजवती, दलीप सिंह चेयरमैन, रामकुंवार, कप्तान बीरेंद्र सिंह, अशोक आर्किटेक्ट, पार्षद प्रतिनिधि सुमेर कांडा, महेंद्र सिंह, सज्जन पहलवान, बलराज कांवी, अनिल यादव और अनुज यादव सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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