चंपावत के बनबसा में एसओजी और पुलिस की संयुक्त टीम ने बैग की दुकान पर छापेमारी कर प्रतिबंधित दवाइयां, कोडीन सिरप और भारतीय-नेपाली मुद्रा बरामद की. पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर कथित नशीले पदार्थों के सप्लाई नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है.
चंपावत. जिले के बनबसा में पुलिस ने बैग की दुकान की आड़ में चल रहे नशीली दवाइयों के कथित कारोबार का खुलासा किया है. ऑपरेशन प्रहार के तहत मीना बाजार क्षेत्र में हुई कार्रवाई में एसओजी और थाना बनबसा पुलिस की संयुक्त टीम ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया.
पुलिस के मुताबिक, दुकान की तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित और नशीली दवाइयां मिलीं. टीम ने कोडीन सिरप के साथ भारतीय और नेपाली मुद्रा भी बरामद की है.
दुकान पर हुई छापेमारी
एसओजी प्रभारी उपनिरीक्षक कमलेश भट्ट के नेतृत्व में टीम ने सटीक सूचना के आधार पर मीना बाजार स्थित बैग बिक्री एवं रिपेयरिंग की दुकान पर छापा मारा. तलाशी के दौरान दुकान के भीतर से नशीली दवाइयों का जखीरा बरामद हुआ.
पुलिस के अनुसार बरामद सामान में अल्प्राजोलम की 126 टैबलेट, 67 प्रतिबंधित कैप्सूल, प्रॉक्सी एसपीएएस के 1323 कैप्सूल, वी+वी केयर के 100 कैप्सूल और कोडीन सिरप की 10 शीशियां शामिल हैं. इसके अलावा पुलिस को 30,700 रुपये की नेपाली मुद्रा और 9,060 रुपये की भारतीय मुद्रा भी मिली.
आरोपी की हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने मामले में बंटी सिंह पुत्र चिचेदर पाल को गिरफ्तार किया है. आरोपी मूल रूप से इस्लामनगर, बदायूं, उत्तर प्रदेश का रहने वाला है और वर्तमान में फागपुर, थाना बनबसा, चम्पावत में रह रहा था.
शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह नशीली दवाइयां पीलीभीत और बरेली से खरीदता था. इसके बाद बनबसा क्षेत्र में भारतीय और नेपाली नागरिकों को इन्हें ऊंचे दामों पर बेचने की बात सामने आई है.
सप्लाई नेटवर्क की जांच
पुलिस अब आरोपी से जुड़े सप्लाई नेटवर्क, दवाइयों के स्रोत और इस कारोबार में शामिल अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है. आरोपी के खिलाफ थाना बनबसा में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है.
जांच में यह भी सामने आया है कि वर्ष 2025 में आरोपी के खिलाफ थाना बनबसा में आबकारी अधिनियम के तहत भी मुकदमा दर्ज हुआ था.



