अशोक कुमार जायसवाल, डीडीयू नगर. दुल्हीपुर में इलाज में कथित लापरवाही का मामला सामने आया है. 13 तारीख को हुई घटना के बाद मरीज की हालत लगातार बिगड़ने से नाराज परिजनों ने शनिवार को संबंधित क्लीनिक पर पहुंचकर हंगामा किया. परिजनों ने चिकित्सक समीर अहमद पर गलत इलाज करने और एक्सपायरी इंजेक्शन लगाने का गंभीर आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी से कार्रवाई की मांग की है.

महामलपुर निवासी निखिल श्रीवास्तव के अनुसार, उनकी पत्नी को पहले बुखार हुआ था. वह दवा लेने समीर अहमद के क्लीनिक पहुंचे. बुखार में आराम मिलने के बाद पेट में दर्द शुरू हुआ. चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड और ब्लड टेस्ट कराया. परिजनों का आरोप है कि रिपोर्ट में पैंक्रियास सामान्य होने के बावजूद चिकित्सक ने पैंक्रियास की समस्या बताकर इंजेक्शन लगाया. इसके बाद मरीज की हालत और बिगड़ गई. परिजनों का दावा है कि जांच में इंजेक्शन एक्सपायरी पाया गया.

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जय श्रीवास्तव ने बताया कि बाद में बनारस और मुगलसराय में कराई गई जांच में पैंक्रियास सामान्य मिला. शनिवार को मरीज का बीपी अचानक गिरने से वह बेहोश होकर गिर गई, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया. परिजनों के मुताबिक, इलाज पर अब तक 25 से 30 हजार रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन मरीज की हालत में सुधार नहीं है.

परिजनों का कहना है कि पहले पुलिस चौकी पर शिकायत के बाद माफीनामा और इलाज का खर्च देने को लेकर समझौते की बात हुई थी, लेकिन आरोप है कि चिकित्सक ने शर्तें पूरी नहीं कीं. उन्होंने मरीज के इलाज का पूरा खर्च और हर्जाना दिलाने के साथ सार्वजनिक रूप से माफी मंगवाने की मांग की है. वहीं, सीएमओ परितोष मिश्रा की ओर से शिकायत को साक्ष्यों सहित लिखित रूप में कार्यालय में देने को कहा गया है, ताकि मामले की विधिवत जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जा सके. हालांकि, चिकित्सक समीर अहमद का पक्ष समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सका था.