Dungarpur Crime: राजस्थान के डूंगरपुर जिले में पुलिस ने नकली नोट छापने वाले कथित अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह के मास्टरमाइंड रवि कुमार मिश्रा को पकड़ने के लिए टीम ने करीब 1,300 किलोमीटर तक पीछा किया और पंजाब के लुधियाना रेलवे स्टेशन से उसे गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कथित तौर पर वेब सीरीज से नकली नोट बनाने का विचार लिया और सोशल मीडिया के जरिए इसकी जानकारी जुटाई।

फरार मास्टरमाइंड को पकड़ने पंजाब पहुंची पुलिस

डूंगरपुर पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के अनुसार, रामसागड़ा पुलिस ने 29 सितंबर को माड़ा स्कूल मैदान से नकली नोटों के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इस कार्रवाई के दौरान गिरोह का कथित मास्टरमाइंड रवि कुमार मिश्रा फरार हो गया था। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। टीम ने लगातार तीन दिन तक करीब 1,300 किलोमीटर पीछा किया। आखिरकार पंजाब के लुधियाना रेलवे स्टेशन पर रवि उर्फ आशीष मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया। वह उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के कादीपुरा का निवासी बताया गया है।

चार आरोपियों की गिरफ्तारी, कई उपकरण जब्त

पुलिस ने इस मामले में रवि के अलावा मोहम्मद आरिफ, आनंद उर्फ पुष्कर और तरुण को भी गिरफ्तार किया है। आरिफ उत्तर प्रदेश, आनंद हरियाणा के अंबाला और तरुण छत्तीसगढ़ के कंडरापारा का निवासी बताया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से नकली 500 रुपये के नोट, कागज, नोट गिनने की मशीन, प्रिंटर, लेमिनेशन मशीन, लैपटॉप, नौ मोबाइल फोन और नोट छापने के बाद बची रद्दी जब्त की है।

सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती, टेलीग्राम से बढ़ा संपर्क

एसपी मनीष कुमार के मुताबिक, पूछताछ में रवि मिश्रा ने बताया कि उसकी दोस्ती पहले गिरफ्तार किए गए डूंगरपुर निवासी भावेश खटीक और नयन जोशी से सोशल मीडिया के जरिए हुई थी। पुलिस के अनुसार, नयन ने बताया कि दोस्ती के बाद टेलीग्राम पर रवि से बातचीत शुरू हुई। इसी दौरान रवि ने उसे नकली नोटों का एक पार्सल भेजा। पार्सल मिलने के बाद नयन ने दोबारा रवि से संपर्क किया और अधिक संख्या में नकली नोट छापने के लिए डूंगरपुर आने को कहा। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों ने रवि से नकली नोट बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की जानकारी भी ली थी।

किराए के मकान में छापे करीब पांच लाख रुपये के नकली नोट

पुलिस के मुताबिक, रवि के साथ समझौता होने के बाद डूंगरपुर के वसुंधरा विहार में उसके ठहरने के लिए मकान किराए पर लिया गया। नकली नोट बनाने के उपकरण भी उपलब्ध कराए गए। जांच के अनुसार, इन उपकरणों की मदद से रवि ने करीब पांच लाख रुपये के नकली नोट छापे। पुलिस अब जब्त सामग्री और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर मामले की आगे जांच कर रही है।

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