भिलाईनगर। नवरात्रि पर्व के दौरान दुर्ग पुलिस ने डोंगरगढ़ दर्शन के लिए जाने वाले पैदल श्रद्धालुओं तथा वाहन चालकों के सुगम व सुरक्षित आवागमन हेतु कुम्हारी से अंजोरा बाईपास तक विशेष रूट निर्धारित कर कॉरिडोर बनाया गया है। इस दौरान 11 अक्टूबर से 19 अक्टूबर तक 03 पेट्रोलिंग वाहन लगातार 24 घंटे मार्ग पर तैनात रहेंगे। जो पेट्रोलिंग वाहन लाउडस्पीकर के माध्यम से पदयात्रियों को बाएं चलने और यातायात सुचारू रखने के निर्देश देंगे।

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पदयात्रियों की सुविधा व सुरक्षा हेतु मार्ग में अस्थायी पुलिस सहायता केंद्र भी बनाये जा रहे है। कुम्हारी टोल प्लाजा सिरसा गेट चौक डबरापारा तिराहा – खुर्सीपार तिराहा- पावर हाउस अंडरब्रिज मुर्गा चौक सेंट्रल एवेन्यू सेक्टर- 09 चौक -ठगड़ा बांध ओवरब्रिज जेल तिराहा गौरव पथ – गांधी पुतला – पटेल चौक गंजपारा पुलगांव चौक – शिवनाथ नदी ब्रिज -अंजोरा बाइपास – राजनांदगांव होते हुए डोंगरगढ़ जाएंगे। वहीं दुर्ग शहर एवं सेक्टर एरिया की यातायात व डायवर्शन व्यवस्था की है।

पावर हाउस अंडरब्रिज से मुर्गा चौक / सेंट्रल एवेन्यू की ओर जाने वाले सभी चार पहिया वाहनों को फॉरेस्ट एवेन्यू एवं गैरेज रोड की ओर डायवर्ट किया जाएगा और दुर्ग से सेंट्रल एवेन्यू की ओर आने वाले चार पहिया वाहनों को भी सेक्टर 09 चौक से फॉरेस्ट एवेन्यू एवं गैरेज रोड में डायवर्ट किया जाएगे। वहीं दुर्ग शहर (रात्रि नो एंट्री एवं बस, डायवर्शन भी किया है। भारी / मध्यम वाहन प्रतिबंधितः रात्रि के समय शहर के भीतर मध्यम एवं भारी वाहनों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।

प्रतिबंधित क्षेत्र पुलगांव चौक, पोटिया चौक, महाराजा चौक, जेल तिराहा, गुरुद्वारा तिराहा, धमधा रोड, नयापारा से दुर्ग शहर की ओर ) गंजपारा दुर्गा पंडाल व्यवस्था में गंजपारा दुर्गा पंडाल के पास रात्रि में पुलिस लाइन एवं गंजपारा से आने वाले सभी दो पहिया व चार पहिया वाहनों को गंज मंडी के पीछे से डायवर्ट किया जाएगा। वहीं बस डायवर्जन में रात्रि के समय पुलगांव चौक से आने वाली सभी बसों को महाराजा चौक- जेल तिराहा होते हुए बस स्टैंड की ओर डायवर्ट किया जाएगा। इसी प्रकार दुर्ग बस स्टैंड से पुलगांव की ओर जाने वाले बस इसी मार्ग का उपयोग करेंगे।

भिलाई निगम का 662 करोड़ का अर्बन चैलेंज फंड प्लान

भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई ने अर्बन चैलेंज फंड के तहत पीपीपी मोड़ पर 5 बड़ी परियोजनाओं के लिए 662 करोड़ रुपये का प्रस्ताव एमआईसी में रखा है। इसमें केंद्र का हिस्सा 25% यानी 165.50 करोड़ और बैंक, बाहरी स्रोत से 50% यानी 496.50 करोड़ जुटाया जाएगा।

पीपीपी मोड पर कुल परियोजना लागत करोड़ रुपए केंद्र का हिस्सा 25% रुपए करोड़ बैंक, बाहरी स्रोत 25% / 50% करोड़ रुपए परियोजना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है। आकाश गंगा सुपेला मार्केट शहरी पुनविर्कास, सुपेला मुख्य बाजार 45 वर्ष पुराना परिसर तोड़कर आकाश गंगा के रूप में नया निर्माण बहुमंजिला नया व्यावसायिक परिसर कई प्रकार के व्यवसाय पूरे निगम की नीलामी / विक्री से निर्माण लागत का 50% क्रॉस-सब्सिडी मॉडल।

एसटीपी से उपचारित गंदे पानी का उद्योग में पुनः भिलाई नगर निगम का 150 एमएलडी एसटीपी उपचारित पानी उद्योगों को बेचा जाएगा। शीतल कॉम्प्लेक्स बहुमंजिला मार्केट पुनविर्कास, शीतल मार्केट, पावर हाउस क्षेत्र 150 पुरानी दुकानों तोड़कर नया निर्माण बहुमंजिला व्यावसायिक परिसर, फूड जोन, आधुनिक दुकानें, व्यवस्थित पार्किंग नगर निगम की नीलामी, बिक्री से निर्माण लागत का 50% क्रॉस-सब्सिडी मॉडल, प्रियदर्शिर्नी परिसर में 6 मंजिला व्यावसायिक परिसर उत्तरी गंगा विस्तार क्षेत्र में प्रमुख व्यावसायिक विकास, परिसर की बिक्री, किराया क्षेत्र में जमीन के मूल्य में वृद्धि होगी।

कोक ओवंस हादसा; डीजीएम प्रोजेक्ट अशोक जसवानी सस्पेंड

भिलाईनगर। बीएसपी के कोक ओवंस बैटरी में 7 अक्टूबर को काम करने के दौरान ठेका श्रमिक पंचानन प्रसाद (50 वर्ष) 12 मीटर की ऊँ चाई से गिर गए थे। इससे उसे सिर व कमर में चोट लगी थी। वह काम करने के दौरान सेफ्टी हार्नेस नहीं पहना था। इस लापरवाही पर डीजीएम प्रोजेक्ट अशोक जसवानी को सस्पेंड कर दिया गया।

ज्ञात हो कि बीएसपी के कोक ओवंस बैटरी क्रमांक 8 का इन दिनों रिस्ट्रक्चरिंग का काम चल रहा है। ठेका श्रमिक पंचानन प्रसाद बीते मंगलवार को एक प्लेटफार्म पर काम कर रहा था। अचानक उसका बैलेंस बिगड़ा और वह नीचे आ गिरा। वह सिर में हेलमेट तो पहना था लेकिन ऊँचाई में काम करने के दौरान सेफ्टी हार्नेस भी पहनना था लेकिन वह नहीं पहना था। नीचे गिरने पर उसके सिर में एक साइड और कमर में चोट लगी।

सेक्टर 9 हास्पिटल में प्रारंभिक उपचार के बाद उसे एक अन्य निजी हास्पिटल में भर्ती कराया गया। इस मामले को मैनेजमेंट ने सेफ्टी में गंभीर लापरवाही माना और प्रारंभिक जांच के बाद डीजीएम प्रोजेक्ट अशोक जसवानी को सस्पेंड कर दिया।

असल में मैनेजमेंट अब सेफ्टी में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दास्त करने के मूड में नहीं है। कारण, पिछले दिनों सेल के डायरेक्टर केके सिंह व सीएमडी डॉ. एके पंडा भी संयंत्र में काम करने के दौरान लगातार मौतों पर यहां आकर समझाईश देकर गए हैं। इसके बाद से यह माना जा रहा है कि सेफ्टी में जिसकी भी लापरवाही उजागर होगी उसे पनिशमेंट मिलेगा।

अब मोबाइल ऐप से करनी होगी खाद की खरीदी

दुर्ग। किसानों को समय पर, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी तरीके से उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग उर्वरक विक्रय की नई डिजिटल व्यवस्था लागू कर रहा है। इस व्यवस्था के तहत किसानों को अब खरीफ और रबी सीजन की खेती के लिए मोबाइल ऐप के माध्यम से खाद की खरीदी करनी होगी। रबी सीजन में किसानो को टोकन के माध्यम से खाद मिलेगा।

जानकारी के मुताबिक, मोबाइल ऐप आधारित उर्वरक वितरण प्रणाली को पहले गरियाबंद एवं बीजापुर जिलों में मॉडल के रूप में संचालित किया गया था। इसके सफल क्रियान्वयन के बाद अब रबी सीजन 2026-27 से इसे पूरे छत्तीसगढ़ में लागू किया जा रहा है। यह किसानों के लिए नई व्यवस्था होगी। कृषि विभाग के अधिकारियों का दावा है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण को सुव्यवस्थित करना, कालाबाजारी पर नियंत्रण रखना तथा किसानों को उर्वरक प्राप्त करने में होने वाली अनावश्यक परेशानियों को कम करना है।

नई प्रणाली के माध्यम से पीओएस मशीन से अनिवार्य विक्रय, उपलब्ध स्टाक का रियल टाइम मिलान, पात्र किसानों का शत-प्रतिशत पंजीयन एवं आधार लिंकिंग सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा। इससे उर्वरकों की अग्रिम मांग का आकलन करने, भंडारण एवं वितरण की बेहतर कार्ययोजना तैयार करने तथा अमानक उर्वरकों और कालाबाजारी पर निगरानी मजबूत करने में सहायता मिलेगी।

टोकन के लिए करना होगा यह प्रक्रिया : नई व्यवस्था के तहत किसान मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से उर्वरक खरीदी की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। जिन किसानों के पास स्वयं का मोबाइल फोन नहीं है, वे परिवार के किसी अन्य सदस्य के मोबाइल में गूगल प्ले स्टोर से एफएफएस फर्टिलाइजर ऐप इंस्टाल कर आवश्यक जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इसके बाद टोकन अथवा क्यूआर कोड के माध्यम से नजदीकी निर्धारित केंद्र से अनुशंसित मात्रा में उर्वरक प्राप्त किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त किसान अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से भी आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर उर्वरक प्राप्त कर सकेंगे।

नाम सुधारने का झांसा देकर सवा 6 लाख की ठगी

भिलाईनगर। पुरानी भिलाई थाना अंतर्गत एक निजी कंपनी के डीजीएम से सवा छह लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, पीड़ित गोपाल नारायण सहगल लायड्स कंपनी में डीजीएम के पद पर कार्यरत हैं। वे 7 अक्टूबर को काम के सिलसिले में हथखोज इंडस्ट्रियल एरिया स्थित भिलाई इंजीनियरिंग कार्पोरेशन (बीईसी) आए हुए थे। उसी दौरान उनके वाट्सएप पर एक अनजान नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने पीड़ित के पिता का नाम एसआईआर रिकॉर्ड्स में गलत दर्ज होने का झांसा दिया।

आरोपी ने नाम सुधारने का दावा करते हुए एक लिंक भेजा और फॉर्म भरने को कहा। जैसे ही प्रार्थी ने लिंक खोलकर विवरण दर्ज किया, उनके बैंक खाते से 6,25,000 रुपये कट गए। ठगी का अहसास होने पर उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। भिलाई-3 पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

5वीं के छात्र ने लगाई फांसी

भिलाईनगर। जामुल थाना अंतर्गत शनिवार की सुबह पांचवी कक्षा के छात्र ने अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। पुलिस मर्ग कायम कर विवेचना कर रही है। जामुल थाना प्रभारी राकेश खुंटेश्वर ने बताया कि घटना आज सुबह 9 बजे की है। मृतक छात्र का नाम मनीष देवांगन निवासी नवीन चौक कुरुद है। कुछ दिनों पूर्व मृतक के बड़े पिता का अस्थि विर्सजन करने राजिम ले जाने से मना करने की वजह से आज नाराज होकर उसने अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। पिता विकलांग हैं। जामुल थाना पुलिस ने मर्ग कायम विवेचना कर रही है।

20 से अधिक स्थानों पर लगेंगे सेवा पंडाल, खंभों की लाइटें भी सुधारी गईं

राजनांदगांव। इस साल मां बम्लेश्वरी की दर्शन के लिए डोंगरगढ़ पहुंचने वाले श्रध्दालुओं की सेवा में बीस से अधिक पंडाल होगें । राजनांदगांव से डोंगरगढ़ मार्ग तक सेवा पंडाल की लग चुका हैं, वहीं मार्ग में सोलर व विद्युत लाइटें भी लगा दी गई है। जिससे पदयात्री रात में भी पदयात्रा कर सकेगें। शहर में नवागांव में पहला सेवा पंडाल लगा हैं, जिसकी तैयारियां पूरी कर ली गई है।

जिला प्रशासन द्वारा पीडब्ल्यूडी विभाग और क्रेडा विभाग को सोलर लाइटों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए थे। वर्तमान में सभी सोलर लाइट दुरूस्त कर दी गई हैं, वही विद्युत खंबे में भी लाइट लगाए गए है। प्रशासन द्वारा हर साल की तरह इस बार भी पदायात्री मार्ग अंजोरा बाईपास से रायपुर नाका तक रखें जाने के बाद रूट स्टेशन पारा होकर बल्देव बाग और ममता नगर से नवगांव सुकुलदैहान की ओर किया गया है।

इसी रास्ते सेवा पंडाल लगाए गए हैं, वहीं हाईवे में अंजोरा, टेड़ेसरा, देवादा और सुंदरा में सेवा पंडाल लगाए गए है। प्रशासन पदयात्रियों को सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हाईवे में वनवे रूट किया है। अंजोरा दुर्ग बाइपास से पदयात्री सुंदरा डेंटल कालेज के किनारे से आएंगे।

इन रूटो पर लगाए गए सेवा पंडाल

जानकारी अनुसार भानपुरी (प्रा.स्वा.के. के पास), ग्राम पंचायत मुसराकला, मुसरा खुर्द (लोक मण्डई मैदान), शीतला मां मंदिर प्रांगण, कुसमी, पंचायत भवन के पास माड़ीतराई, पंचायत भवन, बेलगांव, मठ के सामने धुसेरा, कलकसा (ग्राम पंचायत भवन के पास), बगदई पारा, अछोली, खैरागढ़ रोड, अछोली, पंचायत भवन शिवपुरी, पंचायत भवन ढारा सहित अन्य स्थानों पर सेवा पंडाल बन रहे हैं।

टैफिक पुलिस ने की प्लानिंग, भारी वाहन होगें डायवर्ट

अंजोरा दुर्ग से भारी वाहन लेफ्ट साइड होकर चलेगें। अगर भारी वाहनो की संख्या अधिक हुई तो पुलिस ने विकल्प के तौर पर इस बार खुटेरी रूट का प्लान बनाया है। जहां शाम 5 बजे से रात 12 तक व्यवस्था में बदलाव होंगे। सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि, यदि पदयात्रियों की संख्या ज्यादा हुई। तो अंजोरा से खुटेरी आकर भारी वाहन सुरगी होकर शिवनाथ नदी की दिशा में आगे बढ़ेंगे। इसके बाद उन्हें मोहारा ओवर ब्रिज से बाइपास की दिशा में लाया जाएगा। यातायात प्रभारी नवरत्न कश्यप ने बताया कि, ट्रैफिक की पूरी तैयारी की गई है। भारी वाहन का दबाव होने पर विकल्प भी बनाया गया है और जाम भी नही होगी।

मेडिकल अस्पताल में नर्सों की हड़ताल जारी, समझाइश के बाद भी नहीं बनी बात

राजनांदगांव। तीन दिनों से शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में नर्सों की हड़ताल जारी रहने से स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की स्थिति बनी हुई है। दो सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रही नर्से समझाइश के बाद भी हड़ताल समाप्त करने के लिए तैयार नहीं हैं। अस्पताल प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों की ओर से उन्हें काम पर लौटने के लिए समझाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन मांगों पर ठोस पहल नहीं होने से आंदोलन जारी है।

नसों की हड़ताल से मरीजों की परेशानियां भी बढ़ गई है नर्सों का कहना है कि उनकी दो सूत्रीय मांगों का निराकरण किया जाना चाहिए। मांगों को लेकर लंबे समय से असंतोष बना हुआ है। इसी के चलते नस ने आंदोलन का रास्ता अपनाया है। समझाइश के बाद भी सहमति नहीं बनने से हड़ताल समाप्त होने के आसार फिलहाल स्पष्ट नहीं हैं। नर्से मांगों पर निर्णय होने की प्रतीक्षा कर रही हैं। तीन दिनों से चल रहे हड़ताल के चलते दूर-दूर से पहुंचने वाले मरीजों को भी काफी अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। परिजन भी काफी अधिक दिक्कत उठा रहे हैं।

मरीजों की देखभाल पर असर की चिंता

जिले का एकमात्र मेडिकल कॉलेज अस्पताल होने के कारण यहां पर मरीजों का आना-जाना लगा रहता है। अस्पताल प्रबंधन की माने तो प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में नर्सों की हड़ताल से मरीजों की देखभाल, वार्डों में सेवाओं और उपचार व्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका है।

इंस्टाग्राम में युवती से दोस्ती कर दुष्कर्म व ब्लैकमेलिंग, आरोपी गुजरात से गिरफ्तार

राजनांदगांव। इंस्टाग्राम के माध्यम से युवती से दोस्ती कर उससे दुष्कर्म करने तथा ब्लैकमेलिंग करने वाले आरोपी को पुलिस ने गुजरात से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने पीड़िता से नगद एवं ऑनलाइन माध्यम से कुल 2 लाख 19 हजार 500 रुपये की ठगी भी की गई।

साइबर सेल से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी का नाम रोनक सिंह पिता पंकज भाई उम्र 19 वर्ष निवासी प्लॉट न 102 अश्विन सोसायटी -2 खोडियार नगर रोड वराछा थाना अश्विनी नगर सूरत गुजरात बताया जाता है । प्रकरण में आरोपी द्वारा 1 मई 2025 से 19 जुलाई 2025 के मध्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के माध्यम से पीड़िता से संपर्क कर दोस्ती की गई।

इसके बाद कैंसर से पीड़ित होने की बात कहकर मदद के नाम पर नगद एवं ऑनलाइन माध्यम से कुल 2,19,500 रुपये की ठगी की गई थी, इसके अलावा आरोपी रौनक सिंह द्वारा सूरत से राजनांदगांव आकर एक निजी होटल में रुककर पीड़िता को होटल बुलाकर पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया गया था एवं उस दौरान अपने मोबाइल से पीड़िता का प्राइवेट आपत्तिजनक फोटो वीडियो रिकॉर्ड कर लिया गया था. पीड़िता द्वारा अपने दिए गए पैसों की मांग करने पर आरोपी द्वारा पीड़िता की निजी फोटो एवं वीडियो रिकॉर्ड कर वायरल करने की धमकी भी दी गई।

पीड़िता की लिखित शिकायत पर 20 अगस्त 2026 को आरोपी के विरुद्ध साइबर पुलिस थाना राजनांदगांव में अपराध क्रमांक 02/26 धारा 318 ( 4 ), 77 बीएनएस, 66 (ई) आईटी के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। विवेचना के दौरान पीड़िता के कथन के आधार पर प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की धारा 69 एवं 351 (1) जोड़ी गई। साइबर सेल की टीम द्वारा तकनीकी साक्ष्यों एवं आरोपी के लोकेशन के आधार पर कार्रवाई करते हुए 9 अक्टूबर को आरोपी रोनक सिंह को को सूरत, गुजरात से हिरासत में लिया गया।

पूछताछ के दौरान आरोपी द्वारा अपराध स्वीकार करने पर आरोपी से घटना में प्रयुक्त मोबाइल सेट, मोबाइल नंबर एवं एटीएम कार्ड विधिवत जप्त किए गए। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर संबंधित न्यायालय सूरत गुजरात में पेश किया गया, जहां से प्रकरण की विवेचना हेतु आरोपी का ट्रांजिट रिमांड प्राप्त कर आरोपी को आज साइबर थाना राजनांदगांव लाया गया जहां से वैधानिक कार्यवाही कर आरोपी को न्यायिक रिमांड हेतु न्यायालय राजनांदगांव के समक्ष पेश किया जा रहा है.

औंधी में खुले में मिला जहरीले कीटनाशकों का जखीरा

औंधी। मोहला मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले के अति संवेदनशील व महाराष्ट्र सीमावर्ती क्षेत्र आंधी तहसील मुख्यालय से कृषि विभाग की घोर आपराधिक लापरवाही और पदीय शक्तियों के दुरुपयोग का एक बेहद संगीन मामला सामने आया है। औधी स्थित दो गोदामों के ठीक बीच के खुले परिसर में भारी मात्रा में जहरीले कीटनाशक, जैव- उर्वरक और रासायनिक पैकेजिंग सामग्री को लावारिस हालत में फेंक दिया गया है।

मौके पर किए गए इन्वेस्टिगेटिव सर्वे में साफ देखा गया कि सड़क किनारे फैले इस जहरीले रासायनिक कचरे में Profen 44 जैसे जानलेवा तरल कीटनाशक, Coral जैव उर्वरक और घनश्याम खाद की सैकड़ों बोतलें, सीलबंद पैकेट और बोरियां लावारिस पड़ी सड़ रही हैं। लगातार पड़ रही धूप और बारिश के कारण इन बोतलों से जहरीले रसायनों का रिसाव होकर मिट्टी और भूजल में मिल रहा है, जिससे स्थानीय वनांचल के गरीब मवेशियों, बच्चों और आसपास के पेयजल स्रोतों पर मौत का खतरा मंडरा रहा है। इस पूरे भ्रष्टाचार और लापरवाही के मामले में कृषि विभाग के अधिकारियों का रवैया और भी गैर- जिम्मेदाराना नजर आ रहा है।

जब मामले को लेकर क्षेत्र के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी गोविंद मानपुर धुर्वे से सवाल किए गए, तो उन्होंने ऑन रिकॉर्ड यह तो स्वीकार किया कि रसायनों को इस तरह खुले मैदान में फेंकना नियम विरुद्ध, खतरनाक और गैर- कानूनी है, लेकिन अपनी गर्दन बचाने के लिए पूरा ठीकरा सात साल पुराने कर्मचारियों पर फोड़ दिया। अधिकारी का दावा है कि यह सामग्री लगभग सात से आठ साल पुरानी है, जिसे तत्कालीन कर्मचारियों द्वारा समय पर किसानों को वितरित नहीं किया गया था।

अधिकारी ने यह भी माना कि नियमानुसार एक्सपायर दवाओं को बाकायदा गड्ढा खोदकर डीकंपोज यानी सुरक्षित विनिष्ट किया जाना चाहिए था, न कि इस तरह खुले में फैलाकर लोगों की जान से खिलवाड़ करना चाहिए था। अधिकारी के इस रटे-रटाए जवाब ने प्रशासनिक व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सवाल यह उठता है कि क्या सात साल पुराना मामला बताकर अफसर अपनी आपराधिक जवाबदेही से बच सकते हैं? अगर दवाइयां सात साल पुरानी थीं, तो इतने वर्षों में जितने भी अधिकारी और गोदाम प्रभारी बदले, उन्होंने प्रभार हस्तांतरण और भौतिक सत्यापन के दौरान इस अनुपयोगी स्टॉक का रिकॉर्ड उच्च कार्यालय को क्यों नहीं भेजा ? हर साल होने वाले सरकारी ऑडिट में लाखों रुपये का यह सरकारी माल कागजों में दर्ज क्यों नहीं हुआ?

क्या साक्ष्य मिटाने और सरकारी चोरी छुपाने की नीयत से इस रासायनिक कचरे को हाल ही में गोदाम के अंदर से निकालकर खुले मैदान में फेंका गया है? मीडिया में मामला उजागर होने और साक्ष्य सामने आने के बाद अब विभाग में हड़कंप मचा हुआ है और अधिकारी एक-दूसरे पर दोषारोपण कर पल्ला झाड़ने में जुट गए हैं।

वर्तमान में पदस्थ अधिकारियों का कहना है कि उनके चार्ज लेने से पहले यह सामग्री वहां नहीं थी, जबकि स्थानांतरित होकर गए पूर्व अफसरों का दावा है कि माल गोदाम के भीतर ही पड़ा था। वनांचल क्षेत्र का गरीब किसान साल-दर-साल खाद-बीज और कीटनाशकों के लिए तरसता रहा और दूसरी तरफ जनता के टैक्स के पैसों से खरीदी गई शासकीय दवाइयां अफसरों की नाकामी से गोदामों में सड़ती रहीं।

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