भिलाईनगर। महारत्न सेल अपनी तीन बड़ी यूनिटों-बीएसपी, इस्को बर्नपुर व बोकारो में एक्सपाशन व मार्डनाइजेशन प्रोजेक्ट ला रहा है। बीएसपी का एक्सपाशन व मार्डनाइजेशन प्रोजेक्ट के लिए करीब 30000 करोड़ से अधिक का भारी निवेश किया जाना प्रस्तावित है। इससे बीएसपी का प्रोडक्शन 3.5 मिलियन टन बढ़ेगा, जिससे कुल प्रोडक्शन कैपेसिटी 10 मिलियन टन हो जाएगी। यह मेगा प्रोजेक्ट भिलाई और छत्तीसगढ़ क्षेत्र के औद्योगिक विकास को नई दिशा प्रदान करेगा।
भिलाई इस्पात संयंत्र के अलावा इस्को बर्नपुर में 35000 करोड़ के प्रोजेक्ट से 4.5 मिलियन टन की बढ़ोतरी की योजना है। इसी तरह बोकारो स्टील प्लांट में 18000 करोड़ निवेश कर 3 • मिलियन टन की बढ़ोतरी की जाएगी। तीनों संयंत्र के प्रोजेक्ट से सेल का प्रोडक्शन 22 मिलियन टन तक बढ़ जाएगा। बीएसपी के एक्सपाशन प्रोजेक्ट के जरिए यहां रेलपांत का प्रोडक्शन बढ़ाने की तैयारी है।
यह सेल का सबसे प्राफिट देने वाला प्रोडक्ट है और यही प्रोडक्ट बीएसपी को भी कम्पनी का सिरमौर बनाए हुए है। यूनिवर्सल रेल मिल के बाद उसी तर्ज पर एक और आधुनिक मिल लाने की योजना है जिससे रेलपांत का प्रोडक्शन बढ़ाया जा सके। रेल एंड स्ट्रक्चरल्स मिल पुरानी हो गई है। इस पुरानी मिल के साथ दो नई रेल मिल हो जाने से रेलवे की मांग के अनुरूप रेलपांत की आपूर्ति की जा सकेगी।

बीएसपी की क्षमता में ऐसे होगी बढ़ोतरी
नए एक्सपाशन व मार्डनाइजेशन प्रोजेक्ट से हाट मेटल , क्रूड स्टील व सेलेबल स्टील की क्षमता भी बढ़ जाएगी। वर्तमान में हाट मेटल 7.5 मिलियन टन, क्रूड स्टील 7 मिलियन टन, सेलेबल स्टील 6.3 मिलियन टन प्रति वर्ष बनाया जा रहा है। बीएसपी का प्रोडक्शन बढ़कर 10 मिलियन टन तक हो जाएगा।
बीएसपी के लिए एक अच्छी खबर है कि कैबिनेट ने तीन बड़े रेलवे प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है जिसकी लागत 23437 करोड़ है। जाहिर है कि इसके लिए बड़ी मात्रा में रेलपांत की जरूरत होगी और इसका बड़ा आर्डर बीएसपी को ही मिलेगा। रेलवे के नए प्रोजेक्ट के तहत 901 किमी रेलवे लाइन के विस्तार की योजना है। यह विस्तार मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, तेलंगाना आदि राज्यों को मिलाकर होगा।
बीएसपी में काफी पहले से ही तैयारी शुरु है
बीएसपी में एक नई रेल मिल की स्थापना के लिए काफी पहले से ही तैयारी शुरु हो गई है। बीएसपी के नए एक्सपाशन व मार्डनाइजेशन प्रोजेक्ट के लिए संयंत्र के जनसंपर्क विभाग, सेंट्रल रजिस्ट्री, प्रोटोकाल, पास सेक्शन, गैराज (आउट सोर्सिंग) आदि को सेक्टर 1 में शिफ्ट किया जा रहा है। इसके लिए बड़े पैमाने पर पेड़ों को भी काटा गया है। बीएसपी के नए एक्सपांशन व मार्डनाइजेशन प्रोजेक्ट से पूरा सेक्टर 3 और सेक्टर 4 का कुछ हिस्सा प्रभावित होगा।
हितग्राहियों की राशि फर्जी तरीके से हस्तांतरित कराने वाले दो आरोपी गिरफ्तार
भिलाईनगर। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना अंतर्गत थाना धमधा व पाटन में 107 हितग्राहियों की 17 लाख 10 हजार रुपए से अधिक की राशि फर्जी तरीके से अन्य खातों में हस्तांतरित कर धोखाधड़ी करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने जनपद पंचायत स्तर पर लॉगिन आईडी व पासवर्ड का दुरुपयोग कर हितग्राहियों के बैंक खातों के स्थान पर अन्य बैंक खातों का विवरण दर्ज किया था।
ग्रामीण एएसपी मणिशंकर चन्द्रा ने बताया कि 17 मई को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत धमधा ने थाना धमधा में तथा 19 मई को जनपद पंचायत पाटन से थाना पाटन में लिखित प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। प्रतिवेदन में दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को मिलने वाली शासकीय प्रोत्साहन राशि अन्य बैंक खातों में हस्तांतरित होने की शिकायत प्राप्त होना बताया गया।
प्राप्त शिकायतों एवं दस्तावेजों के परीक्षण पर थाना धमधा क्षेत्र में कुल 44 हितग्राहियों की राशि लगभग 4,50,000 रुपये तथा थाना पाटन क्षेत्र में कुल 63 हितग्राहियों की राशि लगभग 12,60,000 रुपये अन्य बैंक खातों में स्थानांतरित होना पाया गया। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना धमधा में धारा 318 ( 4 ) बीएनएस एवं थाना पाटन में धारा 318 (4), 3 ( 5 ) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान बैंक दस्तावेज, तकनीकी साक्ष्य एवं ऑनलाइन पोर्टल की जानकारी का विश्लेषण किया।
जांच में पाया कि आरोपियों ने योजना संबंधी खातों में सुधार के लिए प्राप्त लॉगिन आईडी एवं पासवर्ड का दुरुपयोग करते हुए हितग्राहियों के वास्तविक बैंक खातों के स्थान पर अपने नियंत्रण वाले बैंक खातों का विवरण दर्ज किया गया था। इससे शासकीय राशि उनके खातों में हस्तांतरित होती रही। आरोपियों ने प्राप्त राशि को एटीएम एवं मोबाइल बैंकिंग माध्यमों से संचालित किया जा रहा था।
शिकायत एवं जांच प्रारंभ होने की जानकारी मिलने पर कुछ राशि पुनः वापस जमा कर दी गई थी। पुलिस ने आरोपी दीपक कुमार यादव व लिलेश्वर यादव उर्फ रवि, ( 26 वर्ष) निवासी ग्राम अकोला वार्ड क्रमांक 06 उड़िया बस्ती थाना कुम्हारी को गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड एवं बैंक दस्तावेज जब्त कर कार्रवाई की है।
इस तरह से अपराध करने का तरीका : ग्रामीण एएसपी मणिशंकर चन्द्रा ने बताया कि आरोपियों को शासकीय योजना अंतर्गत हितग्राहियों के बैंक खातों में सुधार के लिए लॉगिन आईडी एवं पासवर्ड उपलब्ध था। आरोपियों ने इसी अधिकृत एक्सेस का दुरुपयोग करते हुए ऑनलाइन पोर्टल में हितग्राहियों के वास्तविक बैंक खातों के स्थान पर अपने नियंत्रण वाले बैंक खातों का विवरण दर्ज किया गया। इसके बाद शासकीय योजना की राशि संबंधित खातों में हस्तांतरित होने लगी। आरोपियों ने मोबाइल बैंकिंग एवं एटीएम माध्यम से राशि का संचालन किया जा रहा था।
बीएसपी कर्मी से 38.30 लाख की ठगी, फर्जी एजेंट गिरफ्तार
भिलाईनगर। अधिक मुनाफे का लालच देकर भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) के एक कर्मचारी से 38.30 लाख रुपए की धोखाधड़ी मामले में भट्टी पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस पूरे फर्जीवाड़े का मास्टर माइंड की पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है। पकड़े गए दोनों आरोपियों को पुलिस ने न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
ग्रामीण एएसपी मणिशंकर चन्द्रा ने बताया कि प्रार्थी संतोष कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराया कि वर्ष 2022 में उनकी एक पुरानी बीमा पॉलिसी मैच्योर हुई थी। इसी सिलसिले में वे सिविक सेंटर स्थित बीमा कार्यालय गए थे, जहां उनकी मुलाकात के. देवासहायम नाम के व्यक्ति से हुई । उसने खुद को बीमा एजेंट बताकर उसे अपनी बातों में उलझा लिया। ज्यादा रिटर्न देने वाली नई बीमा पॉलिसी का झांसा देकर उनका भरोसा जीत लिया।
इसके बाद आरोपी पिता और उसके दोनों बेटों ने मिलकर प्रार्थी व उसके परिवार का बीमा करने के नाम पर अलग-अलग किस्तों में चेक और ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिए 31 लाख 30 हजार रुपए अपने खातों में जमा करवा लिए। ठगों का लालच यहीं नहीं रुका। उन्होंने प्रार्थी को झांसे में लेकर सुपर बाजार से लगभग 7 लाख रुपए के इलेक्ट्रॉनिक सामान भी यह कहकर खरीदवाए कि वे इन्हें बाजार में ज्यादा मुनाफे में बिकवा देंगे। इस तरह आरोपियों ने कुल 38 लाख 30 हजार रुपए की बड़ी ठगी को अंजाम दिया ।
पैसे देने के काफी समय बाद जब संतोष कुमार ने अपनी बीमा पॉलिसी के दस्तावेज मांगे, तो आरोपी लगातार टालमटोल करने लगे । प्रार्थी ने ज्यादा दबाव बनाने पर आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दे डाली। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विवेचना शुरू की और जुर्म दर्ज कर सेक्टर- 06 ( वर्तमान पता सेक्टर -07) निवासी आरोपी के. रवि कुमार (29) और उसके भाई के. राजेश कुमार (26) को 17 मई को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस मुख्य आरोपी के. देवासहायम की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
दुर्ग पुलिस को मिले 39 नए वाहन
भिलाईनगर। दुर्ग पुलिस को 35 इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल (ईआरवी ) एवं चार हाईवे पेट्रोलिंग वाहन मिले हैं। इन अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस वाहनों को आज पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग और विधी विधायी मंत्री गजेंद्र यादव ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। छत्तीसगढ़ शासन ने नागरिकों को त्वरित एवं प्रभावी आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से डायल – 112 सेवा को नवीन तकनीक एवं आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित फेस-2 नेक्स्ट जेन स्वरूप में विकसित किया गया है।
इसी क्रम में दुर्ग जिले के पुलिस विभाग में 35 नवीन ईआरवी वाहन एवं 4 हाईवे पेट्रोलिंग वाहन प्रदान किए गए हैं, जिनका शुभारंभ 20 मई को पुलिस कंट्रोल रूम सेक्टर -06 में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से किया गया। कार्यक्रम के दौरान आधुनिक सुविधाओं से युक्त नवीन डायल-112 वाहनों का प्रदर्शन किया गया। साथ ही त्वरित रिस्पांस प्रणाली, हाईवे पेट्रोलिंग व्यवस्था एवं आपातकालीन सहायता सेवाओं की विस्तृत जानकारी उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं मीडिया प्रतिनिधियों को प्रदान की।
शिक्षा विभाग में अटैचमेंट का खेल समाप्त
दुर्ग। शिक्षा विभाग में शिक्षकों के संलग्नीकरण को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया गया है। इस आशय का आदेश जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा द्वारा 20 मई को जारी किया गया है। आदेश में कहा गया है कि जिले के प्राथमिक / पूर्व माध्यमिक / हाईस्कूल एवं हायर सेकेंड्री शालाओं में इस कार्यालय के माध्यम से अध्यापन व्यवस्था के तहत संलग्नीकरण आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाता है।
डीईओ ने सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी को भी निर्देशित किया है कि उनके द्वारा अगर किसी स्कल में शिक्षकों को संलग्न किया गया है, उसे तत्काल निरस्त किया जाए। डीईओ ने कहा है कि संबंधित शिक्षकों को तत्काल मूल शाला के लिए तत्काल कार्यमुक्त करें। कार्य मुक्ति के बाद 25 मई तक पालन प्रतिवेदन जिला शिक्षा कार्यालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करे एवं इस आशय का प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करें कि कोई भी शिक्षक अब संलग्न नहीं है।
स्वास्थ्य विभाग के बाद अब स्कूल शिक्षा विभाग में अटैचमेंट को समाप्त किए जाने का निर्देश जारी किया गया है। अटैचमेंट सिर्फ शिक्षकों का ही नहीं है, बल्कि अधिकारी तथा लिपिक का भी है। स्कूलों से बड़ी संख्या में लिपिक शिक्षा विभाग के कार्यालयों में संलग्न किए गए हैं। यह संलग्नीकरण भी तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाना चाहिए। इसी तरह अधिकारियों के संलग्नीकरण पर भी ठोस कार्रवाई किया जाना चाहिए।
व्याख्याता तथा प्राचार्य कैडर के कई कर्मचारी स्कूल जाने के भय से जिला या विकासखंड शिक्षा विभाग में संलग्न करा लेते हैं। ऐसे कर्मचारियों को भी चिन्हित कर मूल पदांकन संस्था के लिए तत्काल रिलीव किया जाना चाहिए। डीईओ अरविंद मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि इस निर्देश के पश्चात भी कोई भी शिक्षक संलग्न पाया जाता है तो संबंधित शिक्षक एवं संस्था प्रमुख जिम्मेदार माने जाएंगे एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रस्ताव उच्च कार्यालय को प्रेषित किया जाएगा।
एम्स हॉस्पिटल नौकरी लगाने के नाम पर 10 लाख की ठगी
राजनांदगांव। एम्स रायपुर में नौकरी लगाने के नाम पर 10 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है । शिकायत पर घुमका पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है। घटना की जांच की जा रही है।
घुमका पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम मोहंदी निवासी ओमकार वर्मा ने थाना घुमका में लिखित शिकायत दर्ज कराई है कि गांव के ही कमलनारायण साहू ने एम्स अस्पताल में कम्प्यूटर ऑपरेटर के पद पर नौकरी लगवाने का झांसा देकर उससे और उसके परिचितों से कुल 10 लाख 60 हजार रुपये वसूल लिए।
शिकायतकर्ता के मुताबिक वर्ष 2024 में आरोपी ने अपने प्रभाव और पहचान का हवाला देते हुए नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया था। आरोपी ने ओमकार वर्मा के भाई हरिनारायण वर्मा, महेश साहू की बेटी शीतल साहू तथा कीर्तन वर्मा के भाई प्रताप वर्मा की नौकरी लगाने के नाम पर अलग-अलग रकम ली।
बताया गया कि 7 अक्टूबर 2024 से 4 फरवरी 2025 के बीच कुल 10.60 लाख रुपये आरोपी को दिए गए। पीड़ितों का आरोप है कि लंबे समय तक नौकरी नहीं लगने पर जब पैसे वापस मांगे गए तो आरोपी टालमटोल करता रहा। बाद में आरोपी ने 10 मार्च 2026 को अपने स्वामित्व की जमीन को लेकर एक इकरारनामा भी किया, जिसमें तय समय में राशि वापस नहीं करने पर जमीन रजिस्ट्री कराने की बात कही गई थी।
आरोप है कि तय अवधि गुजरने के बाद भी न तो पैसे लौटाए गए और न ही जमीन की रजिस्ट्री कराई गई। उल्टा आरोपी ने रकम लौटाने से इनकार करते हुए धमकी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए घुमका पुलिस ने शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है।
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