दुर्ग। पंचशील नगर स्थित शासकीय चंद्रशेखर आजाद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में नशीली गोली सेवन का मामला सामने आया है। स्कूल के पांच छात्रों की नशीली गोलियां खाने के बाद अचानक तबीयत बिगड़ गई. छात्रों को तत्काल निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहे हैं।

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घटना की जानकारी मिलते ही स्कूल प्रबंधन तथा शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा ने तत्काल विभागीय अधिकारी को मौके पर भेजा। वहीं शाला प्रबंधन समिति के सदस्य भी वस्तुस्थिति की जानकारी लेने स्कूल पहुंचे। संस्था प्रमुख नलिनी वर्मा की मौजूदगी में मामले को लेकर बीआरसी नेम सिंह साहू तथा शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष भूपेंद्र कुमार यादव सहित सदस्यों की बैठक भी हुई।

शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष भूपेंद्र कुमार यादव ने बताया कि कक्षा 10वीं का एक छात्र अपने साथ नींद की गोलियां लेकर स्कूल पहुंचा था। कथित रूप से इन्हीं गोलियों का सेवन करने के बाद कक्षा 10वीं और 9वीं के पांच छात्रों की तबीयत बिगड़ गई। यह पूरा मामला 16 जुलाई से शुरु हुआ था, जिसके बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने जांच प्रारंभ की। हालांकि, छात्रों ने किस प्रकार गोलियां खाईं और वह कौन-सी दवा थी, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है।

घटना की जानकारी मिलते ही छात्रों के परिजन स्कूल और सिटी कोतवाली थाने पहुंच गए। मामले को लेकर परिजनों में काफी नाराजगी देखी गई। पुलिस ने स्कूल प्रबंधन से पूछताछ शुरु कर दी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि छात्र स्कूल में गोलियां कैसे लेकर पहुंचा, दवा कहां से लाई गई और क्या किसी अन्य छात्र ने भी उसका सेवन किया था। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और संबंधित छात्रों व स्कूल प्रबंधन के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

जांच रिपोर्ट के बाद ही पूरे घटनाक्रम और जिम्मेदारों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। घटना को लेकर शासकीय चंद्रशेखर आजाद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में हुई मीटिंग में पीड़ित बच्चों के पालकों को भी बुलाया गया था। इसमें यह तय किया गया कि संस्था द्वारा एफआईआर दर्ज नहीं कराई जाएगी। पालक स्वतंत्र है चाहे तो वे एफआईआर दर्ज करा सकते हैं। उसके बाद ही पालक एफआईआर दर्ज कराने कोतवाली थाना पहुंचे थे। चर्चा में सामने आई कि नशीली गोली मनोरोगी को दिए जाने वाले दवाई से संबंधित था।

अब बिना आईडी के छात्र-छात्राओं को कक्षाओं में नहीं मिलेगी एंट्री

भिलाईनगर। स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय ने सत्र 2026-27 में विभिन्न पाठ्यक्रमों में नव प्रवेशित छात्रों के लिए एकेडमी बैंक ऑफ क्रेडिट एबीसी आईडी, एपीएएआर आईडी बनाना अनिवार्य कर दिया है। वैध एबीसी आईडी के बिना किसी भी छात्र को संबंधित पाठ्यक्रम में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस तरह से अब प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने के दौरान प्रत्येक छात्र को अपनी सही एबीसी आईडी दर्ज करनी होगी।

विश्वविद्यालय ने सभी संबद्ध कॉलेजों के प्राचार्यों को निर्देशित किया है कि वे प्रवेश के तुरंत बाद छात्रों को एबीसी आईडी बनवाने के लिए प्राथमिकता के आधार पर जागरूक करें। यदि किसी छात्र ने अभी तक एबीसी आईडी नहीं बनाई है तो उसे पाठ्यक्रम शुरू होने से पहले इसे बनाकर अपडेट करना होगा।

वैध एबीसी आईडी, अपार आईडी के बिना किसी भी विद्यार्थी को संबंधित प्रोग्राम में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसी स्थिति में होने वाली असुविधा की जिम्मेदारी संबंधित संस्था और छात्र की होगी। विश्वविद्यालय ने यह भी बताया है। कि विद्यार्थी प्रवेश फॉर्म भरने से पहले एबीसी पोर्टल पर जाकर अपनी आईडी बना सकते हैं। इसके लिए हेल्पलाइन और ई-मेल सहायता की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

गौरतलब है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत लागू एकेडमी बैंक ऑफ क्रेडिट व्यवस्था विद्यार्थियों के शैक्षणिक क्रेडिट का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करती है। इससे भविष्य में क्रेडिट ट्रांसफर, मल्टीपल एंट्री-एग्जिट और विभिन्न संस्थानों में पढ़ाई जारी रखने जैसी सुविधाएं आसान हो जाती है।

प्रवेश फार्म में दर्ज करनी होगी आईडी : प्रवेश से पहले छात्र – छात्राओं को एबीसी, अपार आईडी बनवाना अनिवार्य है क्योंकि प्रवेश फॉर्म में सही एबीसी आईडी दर्ज करनी होगी। वहीं बिना वैध एबीसी आईडी के प्रोग्राम में शामिल होने की अनुमति नहीं मिलेगी। इस तरह से एबीसी आईडी बनने के बाद ही प्रवेश प्रक्रिया को पूर्ण माना जाएगा।

परमेश्वरी आश्रम में लाखों की गड़बड़ी कोर्ट के आदेश पर अपराध दर्ज

दुर्ग। अनावेदकों पर 30 लाख रुपए की गड़बड़ी का आरोप देवांगन समाज द्वारा निर्मित परमेश्वरी आश्रम में लगभग 30 लाख रुपए की गड़बड़ी एवं छल कपट किए जाने का मामला सामने आया है। दुर्ग न्यायालय ने माना कि संलग्न दस्तावेजों, थाना प्रभारी कोतवाली द्वारा दिए गए प्रतिवेदन के आधार पर प्रथम दृश्यता प्रतीत होता है कि तीन अनावेदक ने दुर्ग देवांगन समाज द्वारा निर्मित परमेश्वरी आश्रम में गड़बड़ी व छल कपट किया गया है।

आवेदक पुरानिक राम ने अपने अधिवक्ता प्रदीप नेमा के माध्यम से परिवाद दायर किया था। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी दुर्ग ऐश्वर्या दीवान के आदेश पर तीन अनावेदक के खिलाफ कोतवाली थाना में अपराध दर्ज करने का आदेश दिया है। कोतवाली थाना पुलिस ने अनावेदक लक्ष्मी नारायण देवांगन निवासी पंचशील नगर, पवन कुमार देवांगन नयापारा दुर्ग तथा अनिल देवांगन कोष्टापारा बघेरा के खिलाफ धारा 336 (2), 318 (4), 316 (5), 3 (5) के तहत अपराध दर्ज किया है।

जिला न्यायालय के अधिवक्ता प्रदीप नेमा ने बताया कि आवेदक पुरानिक राम देवांगन निवासी सुपेला दुर्ग जिला देवांगन समाज का अध्यक्ष था, जिसका वर्ष 2020 में पंजीयन किया गया है। दुर्ग जिला देवांगन समाज द्वारा 24 दिसंबर 2017 को जिला स्तरीय सामाजिक अधिवेशन कराया गया था जिसमें छत्तीसगढ़ के तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह मुख्य अतिथि थे।

इस आयोजन में मुख्यमंत्री द्वारा दुर्ग जिला देवांगन समाज के मांग पर 15 लाख रुपए नगर पालिका निगम दुर्ग को परमेश्वरी आश्रम के निर्माण के लिए दिया गया था, ताकि सरकारी जमीन पर परमेश्वरी आश्रम का निर्माण हो सके। नगर पालिका निगम दुर्ग द्वारा मोहलाई रोड बघेरा में ढाई एकड़ जमीन परमेश्वर आश्रम के लिए दी गई थी और एक हाल का निर्माण कर संपूर्ण विद्युत व्यवस्था कर वर्ष 2019 में सौंपा गया था। समिति का रजिस्ट्रेशन करवाया गया था।

देवांगन समाज के समिति का मूल उद्देश्य दुर्ग जिला के अंतर्गत विभिन्न सामाजिक कार्य एवं आर्थिक प्रगति के लिए सदस्यों की नियुक्त कर पंजीकृत कराया गया था। देवांगन समाज के अनुरोध पर तत्कालीन महापौर चंद्रिका चंद्राकर द्वारा महापौर निधि से कक्ष के लिए 500000 रुपए, लोकसभा के सांसद द्वारा किचन शेड निर्माण के लिए 600000 रुपए, विधायक निधि से 10 लाख रुपए सहित कई जगह से राशि प्राप्त हुई थी।

18 अगस्त 2019 को जिला कार्यकारिणी की बैठक में परमेश्वरी आश्रम संचालन समिति का गठन कर लक्ष्मीनारायण देवांगन को भवन प्रभारी बनाया गया था।

परमेश्वरी आश्रम का संचालन करते हुए अनावेदक लक्ष्मी नारायण देवांगन एवं अन्य पदाधिकारी पवन कुमार देवांगन, अनिल देवांगन द्वारा बिना दुर्ग जिला देवांगन समाज की सहमति जानकारी के स्वेच्छा पूर्वक अनधिकृत रूप से रूप से संचालन कर आय को अपने कब्जे में रख लिया था। जब आवेदक पुरानिक राम देवांगन एवं अन्य लोगों ने जानकारी मांगी और रकम की मांग करने लगे तब उन पर अनर्गल आरोप लगाते हुए विवाद प्रारंभ कर दिया गया था।

आत्मानंद स्कूलों स्कूलों में शिक्षक भर्ती निरस्त, 600 शिक्षकों के पद खाली

राजनांदगांव। जिले के दस आत्मानंद स्कूलो शिक्षक सहित विभिन्न पदों के लिए करीब डेढ़ हजार से अधिक आवेदन मंगाए गए थे। आवेदको को उम्मीद थी कि उन्हें आत्मानंद स्कूलों में नौकरी मिल जाएगी। लेकिन राज्य शासन द्वारा एक आदेश जारी कर भर्ती प्रक्रिया निरस्त कर दी है। जिसके बाद राज्य स्तर से भर्ती किए जाने का हवाला दिया गया है। इधर आत्मानंद स्कूलों के आलावा अन्य स्कूलों में छह सौ शिक्षको की कमी बनी हुई है।

जिले के प्राथमिक, मिडिल, हाई व हायर सेकंड्री स्कूल में छह सौ पदों में शिक्षको की भर्ती नही होने के कारण पद लंबे समय से खाली है। जिले में करीब 1336 स्कूलों में छह सौ शिक्षकों की कमी बनी हुई है। जिसके कारण स्कूलों में हर साल पढ़ाई प्रभावित हो रही है। प्रदेश स्तर पर जिले के बच्चे खास प्रदर्शन करने व टाप टेन की सूची में आने प्रयास कर रहे है। लेकिन शिक्षको कमी भी बड़ा कारण बन रहा है।

मिली जानकारी अनुसार, जिले में लंबे समय से शिक्षको की कमी बनी हुई है। जिसमें सबसे ज्यादा सहायक शिक्षक की कमी है। वहीं प्राचार्य, व्याख्याता, व्यायाम शिक्षक, प्रधान पाठक, ग्रंथपाल जैसे पदों में शिक्षको की लंबे समय से कमी बनी हुई है। हर साल इन पदों की भर्ती नही होने के कारण स्कूलो में पढ़ाई प्रभावित होती है। अफसरों का कहना है कि राज्य शासन को खाली पदों को भरने के लिए प्रस्ताव बनाकर भेज दिया जाता है। लेकिन शासन स्तर पर स्कूलों के रिक्त पदों में शिक्षको की भर्ती नही किए जाने के कारण शिक्षा गुणवत्ता प्रभावित होती है।

सालभर से चल रही थी प्रक्रिया

जिले में दस आत्मानंद स्कूल संचालित हो रहे है। इसमें दो दर्जन से अधिक पदों के लिए डेढ़ हजार से अधिक आवेदन आए थे। आवेदन आने के बाद विभाग द्वारा पात्रता सूची भी जारी कर दी थी। सिर्फ ज्वाइनिंग करने का ही इंतजार था। लेकिन ऐन वक्त में राज्य शासन ने भर्ती प्रक्रिया निरस्त कर दी है। अब राज्य स्तर से भर्ती का हवाला दिया गया है।

नेहरू उद्यान के समीप से नगर निगम ने हटाए ठेले

राजनांदगांव। बारिश में सुचारू पानी निकासी एव सुगम यातायात की दृष्टिकोण से नगर निगम द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है। इसी परिप्रेक्ष्य में शीतला मंदिर नेहरू उद्यान के पास से अनाधिकृत रूप से रखे ठेले को निगम के अतिक्रमण दस्ता ने हटाया। इसी प्रकार ममता नगर रोड में पानी निकासी के लिए चबूतरे तोड़े गये।

उल्लेखनीय है कि शीतला मंदिर नेहरू उद्यान के आस पास अतिक्रमण कर 5-6 ठेला रखा गया था, जिससे आवागम बाधित होने के साथ साथ गंदगी फैल रही थी। उक्त ठेलो को अतिक्रमण हटाव अभियान के तहत निगम आयुक्त जी. आर. मरकाम के निर्देश पर नगर निगम की अतिक्रमण दस्ता ने मानव गैंग एवं जे.सी.बी. के माध्यम से हटाने की कार्यवाही किए।

इसी प्रकार ममता नगर रोड में अण्डर ब्रिज के पास पानी निकासी में आ रही बाधा को हटाने प्लेटफाम को तोड़ा गया। यह अभियान निरंतर जारी रहेगी। आयुक्त मरकाम ने शहर को करने स्वच्छ एवं साफ रखने सहयोग नागरिको एवं व्यापारियो से अपील करते हुये कहा है कि शहर के चौक-चौराहों, रोड में पसरा व ठेला खोमचा न लगा रोड में पसरा आदि लगाने से यातायात बाधित होने के साथ साथ दुर्घटना होने संभावना बनी रहती है।

इसी तरह से अतिक्रमण करने से पानी निकासी प्रभावित होती है। साथ ही सड़क में मलमा मटेरियल रखने से गंदगी फैलती है। ऐसा में निगम का अतिक्रमण दस्ता हटाने की कार्यवाही करेगा, उससे पूर्व हटा लेवे अन्यथा बिना सूचना हटाकर जुर्माना वसूला जाएगा।

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