Durg-Bhilai-Rajnandgaon News Update, दुर्ग। जिले के नंदौरी गांव में बच्चा चोरी के शक में पांच महिलाओं के साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें लोग महिलाओं के बाल खींचते और उन्हें लात-घूंसों व लाठियों से पीटते दिख रहे हैं।

यह पूरा मामला भिलाई-3 थाना क्षेत्र का है। ग्रामीणों के अनुसार, महिलाएं ऑटो से गांव पहुंची थीं। बच्चों के चिल्लाने पर ग्रामीणों को बच्चा चोरी का संदेह हुआ और उन्होंने महिलाओं को पकड़ लिया, जबकि उनके साथ आए दो लोग मौके से फरार हो गए।

वहीं पुरानी भिलाई थाना प्रभारी विजय यादव ने बच्चा चोरी की आशंका को पूरी तरह खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, महिलाएं घरों में घुसकर जबरन पैसे मांग रही थीं, जिससे विवाद भड़का और ग्रामीणों ने उन्हें पकड़कर पुलिस को सौंपा। पुलिस फिलहाल महिलाओं की पहचान और पते का सत्यापन कर रही है और दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई में जुटी है।

मासूम पर जानलेवा हमला करने वाला गिरफ्तार…

डोंगरगढ़। छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम मेढ़ा में गली में खेल रहे 6 वर्षीय मासूम बच्चे पर जानलेवा हमला करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक युवक ने बच्चे को उठाकर बिजली के खंभे के पास लगे तार पर पटक दिया, जिससे बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।

जानकारी के अनुसार, आरोपी की पहचान चेतन कंवर (30 वर्ष), पिता लक्ष्मण कंवर, निवासी ग्राम मेढ़ा, थाना डोंगरगढ़ के रूप में हुई है। वहीं, बच्चे के पिता चेतन कुमार चंद्रवंशी (31 वर्ष) ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है।

शिकायत के मुताबिक, 25 अक्टूबर को उनका 6 वर्षीय बेटा पड़ोस के बच्चों के साथ गली में खेल रहा था। इसी दौरान आरोपी ने कथित तौर पर अश्लील गाली-गलौज करते हुए बच्चे को जान से मारने की नीयत से उठाकर सोमिन के घर के पास स्थित बिजली के खंभे के तार पर पटक दिया। घटना में बच्चे को गंभीर चोटें आईं।

पीड़ित के पिता की रिपोर्ट पर डोंगरगढ़ पुलिस ने अपराध क्रमांक 633/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296 और 109 में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, आरोपी के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। फिलहाल पुलिस मामले की विवेचना कर रही है।

अवैध ठेला-गुमटियों पर निगम की कार्रवाई

भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई ने सिविक सेंटर क्षेत्र में अवैध रूप से व्यवसाय संचालित करने वाले ठेला-गुमटी संचालकों के खिलाफ अभियान चलाया। निगम की टीम ने नियमों का उल्लंघन कर चाय, मोमोज, कॉफी, फास्ट फूड और अन्य चाय-नाश्ते का व्यवसाय करने वाले चार दुकानदारों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई करते हुए कुल 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।

यह कार्रवाई निगम आयुक्त के निर्देशानुसार की गई। अभियान के दौरान संबंधित दुकानदारों को अवैध रूप से संचालित दुकानों को हटाने की समझाइश दी गई। साथ ही सिविक सेंटर क्षेत्र में व्यवस्थित तरीके से और निर्धारित नियमों के अनुसार व्यवसाय संचालित करने के निर्देश दिए गए।

कार्रवाई के दौरान जोन क्रमांक 5 के सहायक राजस्व अधिकारी अनिल मेश्राम, सहायक राजस्व निरीक्षक प्रह्लाद लहरे, गणित बघेल और प्रकाश महिलवार मौजूद रहे। वहीं पुलिस विभाग की ओर से जनकराम कुर्रे, दिनेश देशमुख और राहुल सोनी सहित अन्य कर्मचारी भी अभियान में शामिल हुए।

अवैध धान के परिवहन-भंडारण को लेकर प्रशासन अलर्ट

खैरागढ़। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान अवैध धान की आवक, परिवहन, भंडारण और पुनर्चक्रण पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है। इस संबंध में व्यापारियों की बैठक लेकर नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अनियमितता पाए जाने पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल के निर्देशन में अपर कलेक्टर सुरेंद्र कुमार ठाकुर की अध्यक्षता में थोक एवं फुटकर मंडी अनुज्ञप्तिधारी व्यापारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सीमावर्ती राज्यों से अवैध रूप से धान लाकर पंजीकृत किसानों के रकबे के माध्यम से उपार्जन केंद्रों में खपाने की कोशिशों पर विशेष नजर रखी जाएगी।

प्रशासन को बिचौलियों और कोचियों द्वारा धान की खरीदी कर समर्थन मूल्य पर बेचने तथा मिलरों और परिवहनकर्ताओं के माध्यम से धान के पुनर्चक्रण की आशंका को देखते हुए संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

गोदामों और वाहनों की होगी जांच

अवैध धान के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए राजस्व, खाद्य, मंडी, सहकारिता, वन और परिवहन विभाग के अधिकारियों को शामिल कर विशेष जांच दल गठित किए गए हैं। ये दल व्यापारियों के प्रतिष्ठानों, गोदामों और वाहनों का निरीक्षण करेंगे। इस दौरान धान के भंडारण और परिवहन से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जाएगी। वैध दस्तावेजों के बिना धान का भंडारण या परिवहन पाए जाने पर नियमानुसार जब्ती सहित अन्य कार्रवाई की जाएगी।

व्यापारियों को दिए गए निर्देश

बैठक में व्यापारियों को अपने प्रतिष्ठानों में धान के स्टॉक, खरीदी-बिक्री और आवक-जावक का रजिस्टर नियमित रूप से संधारित करने तथा सभी अभिलेख अद्यतन रखने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा मंडी संबंधी नियमों, आवश्यक पर्चियों और शुल्क के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया।

कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से होगी निगरानी

अवैध धान परिवहन पर नजर रखने के लिए जिला स्तर पर कंट्रोल एंड कमांड सेंटर स्थापित किया गया है। प्रशासन का उद्देश्य समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना और अवैध धान की खपत पर रोक लगाना है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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