दुर्ग। दुर्ग जिले के 528 निजी विद्यालयों के प्रारंभिक कक्षाओं में निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत भर्ती के लिए 3485 ऑनलाइन आवेदन मिले थे। इनमें से 900 यानी करीब 26% आवेदन रिजेक्ट कर दिए गए हैं। केवल 1883 आवेदन ही स्वीकृत किए गए हैं। इन्हीं आवेदनों पर लॉटरी 15 अप्रैल को निकाली जाएगी। वैसे कुल सीटों की संख्या 1427 बताई गई है। वैसे इस बार आरटीई के तहत प्रवेश के लिए निर्धारित सीटों की संख्या में भारी कटौती की गई है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार करीब एक तिहाई सीटों की कटौती हुई है।

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इस वर्ष केजी-1, केजी – 2 तथा नर्सरी का कांसेप्ट खत्म कर दिया गया है। इस वजह से निजी स्कूलों में आरटीई के तहत केवल पहली कक्षा में प्रवेश दिया जा रहा है, जिसके लिए प्रथम चरण में ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 31 मार्च निर्धारित थी। पिछले वर्ष आरटीई की 4267 सीट थी। यानी इस बार 2840 सीटों की कटौती की गई है। निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) अंतर्गत वर्ष 2026 27 के लिए प्रदेश में संचालित निजी विद्यालयों में आरटीई पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन /भर्ती की कार्रवाई की जा रही है।

इस संबंध में अधिनियम के प्रावधान अंतर्गत नोडल अधिकारी की जानकारी, क्षेत्र का निर्धारण, मान्यता संबंधी कार्यवाही पूर्ण करना, आरक्षित सीटों का निर्धारण, प्रवेश एवं सूचना हेतु आवेदन प्राप्त करना, आवेदन पत्रों की समीक्षा तथा प्रचार प्रसार आवंटन प्रक्रिया एवं शुल्क की प्रतिपूर्ति व प्रक्रिया हेतु समय सारणी से अवगत कराया जा चुका है।

प्रथम चरण में आवेदन के बाद लॉटरी एवं आबंटन 17 अप्रैल तक होगा। जानकारी के मुताबिक 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे से लोक शिक्षण संचालनालय रायपुर में लॉटरी निकाली जाएगी। इसमें सहायक संचालक, 5 पालक, निजी विद्यालय संगठन से जुड़े 2 पदाधिकारी, 2 पालक संघ के प्रतिनिधि तथा 2 मीडिया प्रभारी को भी बुलाया गया है। स्कूल दाखिला 1 मई से 30 मई तक, 2025- 26 की शुल्क प्रतिपूर्ति का सत्यापन कार्य 25 मई से 25 जून तक किया जाएगा।

द्वितीय चरण का शेड्यूल

न्यू स्कूल रजिस्ट्रेशन 8 से 20 जून तक । नोडल प्राचार्य, डीईओ द्वारा सत्यापन, (सीट प्रकटीकरण) 8 जून से 25 जून तक छात्र पंजीयन 1 जुलाई से 11 जुलाई तक। नोडल वेरीफिकेशन 1 जुलाई से 15 जुलाई तक । लॉटरी एवं आबंटन 27 से 31 जुलाई तक स्कूल दाखिला 3 अगस्त से 17 अगस्त तक।

बिना हेलमेट वाहन चलाते 24 पुलिसकर्मियों का चालान

भिलाईनगर। यातायात नियमों उल्लघंन करते हुए बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाते 24 पुलिसकर्मियों के विरुद्ध मोटर व्हीकल एक्ट की धाराओं के तहत चालानी कार्रवाई की है। इन पुलिस विभाग के अधिकारी / कर्मचारियों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें भविष्य के लिए सख्त चेतावनी भी दी है। साथ ही इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के माध्यम से निरंतर निगरानी रखते हुए कैमरों के जरिए ई-चालान जारी किए जा रहे हैं। ताकि नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जा सके।

यातायात पुलिस द्वारा सभी पुलिस कर्मियों को निर्देशित किया गया है कि वे स्वयं नियमों का पालन करते हुए आम नागरिकों के लिए उदाहरण प्रस्तुत करें। दुर्ग पुलिस आम नागरिकों एवं पुलिस विभाग के सभी कर्मचारियों से अपील कि है कि दोपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट का उपयोग करें। यातायात नियमों का पालन करें एवं सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।

निस्तारी तालाबों को भरने छोड़ा गया पानी अभी भी नहीं पहुंचा टेल एरिया में

दुर्ग । जलाशयों से निस्तारी तालाबों को भरने छोड़ा गया पानी अभी भी टेल एरिया में पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पा रहा है। इधर सूख चुके निस्तारी तालाबों में अब तक पानी नहीं भर पाने से कई हैण्डपंप का जल स्तर गिरने से अनेक ग्रामों में पेयजल संकट बरकरार है।

ग्रामीणों ने निस्तारी तालाबों को जल्द भरने छोड़े जा रहे पानी की मात्रा बढ़ाने मांग की है। ग्राम बोड़ेगांव निवासी कृषक रवि प्रकाश ताम्रकार का कहना है कि ग्राम नवातरिया खेदामारा के माइनर नहर से उनके गांव तक पानी आता है। जहां 2-3 दिन पहले ही पानी पहुंचा है वह भी बहुत कम मात्रा में आ रहा है। इसकी वजह से बोड़ेगांव सहित ग्राम अरसनारा, रवेली, कोड़िया, सगनी, बानबरद, अहेरी आदि गांवों के निस्तारी तालाब अब तक नहीं भर पाए हैं।

निस्तारी तालाब सूखने से वाटर लेवल नीचे चले जाने के कारण लगभग 75 प्रतिशत बोर सूख चुके हैं या बहुत कम पानी आ रहा है, इससे पेयजल को लेकर समस्या आ रही है। उन्होंने बताया कि उनके खेत में 3 बोर है इनमें 2 सूख चुके हैं। मात्र एक में पानी आ रहा है, इसमें भी कम पानी आ रहा है। इसके कारण उनके 8 एकड़ कृषि भूमि में लगी मक्के की फसल पक नहीं पा रही है। उनका कहना है कि टेल एरिया तक पर्याप्त पानी पहुंचाने तत्काल व्यवस्था हो ।

छोड़े जा रहे पानी की मात्रा बढ़ाकर किया 2000 क्यूसेक

जल संसाधन विभाग के अधिकारी का कहना है कि टेल एरिया तक पर्याप्त पानी पहुंचाने लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए सबसे पहले छोड़े जा रहे पानी की मात्रा 1500 से बढ़ाकर 1700 क्यूसेक किया गया था। अब इसे और बढ़ाकर 2000 क्यूसेक कर दिया गया है।

जगनीक यादव पांचवी बार बने छत्तीसगढ़ झेरिया यादव समाज के प्रदेश अध्यक्ष

भिलाईनगर। जगनिक यादव पांचवी बार छत्तीसगढ़ झेरिया यादव समाज के प्रदेश अध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं। अध्यक्ष पद के मतदान के लिय प्रदेश भर में कुल 52 मतदान केन्द्र बनाए गए थे। अध्यक्ष पद हेतु जगनीक यादव को 6428 मत एम एल यादव को 1251 मत व प्रदीप यादव को मात्र 449 मत मिले।

उपाध्यक्ष पद हेतु भगत सिंह यादव की 6377 मत नरेंद्र यादव को 1372 व सोनाउ यादव को 347 मिले। सचिव पद हेतु सुन्दरलाल यादव को 6044 मत देवीचरण यादव को 1299 व दिलचंद यादव को 374 मत मिले। कोषाध्यक्ष पद हेतु जी आर यादव को 6516 मत रामेश्वर यादव को 1592 मत मिले। संयुक्त सचिव पद हेतु मनोज यादव को 6365 मत दयाराम यादव को 1939 मत मिले। कार्यकारिणी सदस्य हेतु आरडी यादव को 5782 मत को रंजीत यादव 5485 मत मुकेश यादव को 1676 मत शिवचरण यादव को 1009 मत मिले। प्रगति पेनल के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी जगनीक यादव 5177 मतों से विजय हुए हैं।

फेरो स्क्रैप वर्कर्स यूनियन के फिर से अध्यक्ष चुने गए अरुण सिंह सिसोदिया

भिलाईनगर। फेरो स्क्रैप वर्कर्स यूनियन में हुए त्रैवार्षिक चुनाव हुआ। अरुण सिसोदिया को पुनः तीन वर्षों के लिए अध्यक्ष चुन लिया गया। बैठक में मुख्य अतिथि गजेंद्र सिंह, जॉन मैथ्यू और लक्ष्मण यादव थे। कार्यकारिणी में वरिष्ठ उपाध्यक्ष गोपिका प्रसाद चौधरी व राजेश दास, उपाध्यक्ष शिव नारायण व जे केरकेट्टा, महासचिव मोहम्मद तनवीर, उपमहासचिव सी एन सिंह, सचिव वाई वासुदेव राव, प्रमोद रॉय, शरद ठाकुर, प्रदीप शर्मा व सुनील कुमार, संतोष सिंह, कोषाध्यक्ष धनेश राम ठाकुर, कायर्कारिणी सदस्य हरीश चंद ठाकुर, आर के यादव, मोहम्मद असलम, राम सिंह, संदीप सिंह, अर्जुन साहू, धनुरजय साहू को जिम्मेदारी दी गई।

सेक्टर-9 अस्पताल की अव्यवस्था पर यूनियन पदाधिकारियों की बैठक

भिलाईनगर। भिलाई इस्पात मजदूर संघ यूनियन के महामंत्री चन्ना केशवलू के नेतृत्व में सेक्टर 9 अस्पताल प्रभारी सी.एम.ओ. ( इंचार्ज) डॉक्टर विनीता द्विवेदी, डायरेक्टर डॉ. कौशलेंद्र ठाकुर, डायरेक्टर डॉ. उदय कुमार के साथ भिलाई इस्पात मजदूर संघ के मेडिकल प्रभारी सन्नी ईप्पन एवं प्रतिनिधि मंडल की बैठक हुई। स्वास्थ्य मित्र एप ओ.टी. पी. रजिस्ट्रेशन प्लांट के भीतर उपलब्ध कराने, मरीजों को मेडिसिन रिपीट करते समय ओ.पी.डी. बुक में पूरा प्रिस्क्रिप्शन डाक्टर लिखें, सभी ओ.पी.डी. में डाक्टर समय पर आये और समय तक बैंठे ।

प्रतिनिधिमंडल ने मेन मेडिकल पोस्ट में हर समय दो डाक्टरों की मौजूदगी, मुख्य सिटी स्केन मशीन की खराबी जल्द से जल्द दूर करने, नर्सिंग स्टाफ एवं पैरामेडिकल स्टाफ का 5 दिनों का इंडक्शन ट्रेनिंग कराने, कुछ विशेषज्ञ डाक्टरों का (डा. गुंजन, डा. प्रमोद राय) का टोक बुकिंग आन लाइन नहीं हो पाता इसकी जांच कर इसमें सुधार करने, विशेषज्ञ डाक्टर हृदय रोग विशेषज्ञ एवं मस्तिष्क रोग विशेषज्ञ जो एपैनलमेंट हास्पिटल से जे.एल. एन. हास्पिटल में सेवाएं दे रहे हैं, उनके अनुबंध संबंधी जानकारी यूनियन को देने, वार्डों में भर्ती के दौरान अस्पताल में मौजूद नहीं रहते उन्हें अटेंडेट सुविधा मुहैया कराया जाए, थाइराइड क्लिनिक में डाक्टरों का अपाइंटमेंट आनलाइन रजिस्ट्रेशन के द्वारा करने, वार्डों में एसी एवं कूलर की जल्द से जल्द मरम्मत करने की मांग की गई। बैठक में संघ की ओर से उपाध्यक्ष जगजीत सिंह, सुधीर गडेवाल, मृगेंद्र कुमार, संयुक्त महामंत्री प्रदीप कुमार पाल, जोगेंद्र कुमार, भागीरथी चन्द्राकर, राजीव सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

मोर मकान – मोर आवास के पात्र-अपात्र हितग्राहियों की सूची प्रकाशित

दुर्ग। प्रधानमंत्री आवास योजना के घटक मोर मकान – मोर आवास अंतर्गत आपत्ति एवं दावा प्रक्रिया के संपादन पश्चात अंतिम पात्र एवं अपात्र हितग्राहियों की सूची जारी कर दी गई है। नगर निगम द्वारा जारी इस सूची में उन सभी आवेदकों का अंतिम निर्णय शामिल है, जिनके आवेदन पर आपत्तियां एवं दावे प्राप्त हुए थे। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जांच एवं निराकरण के बाद अब अंतिम सूची प्रकाशित कर दी गई है। जारी सूची को नागरिक विभागीय वेबसाइट पर देख सकते हैं। इसके साथ ही यह सूची नगर निगम के मुख्य कार्यालय एवं डाटा सेंटर स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना शाखा में भी चस्पा की गई है, जिससे आमजन आसानी से जानकारी प्राप्त कर सकें। नगर निगम प्रशासन ने हितग्राहियों से अपील की है कि वे सूची का अवलोकन कर अपनी स्थिति की जानकारी प्राप्त करें ।

उद्यान में अवैध रूप से स्थापित मूर्ति की नहीं हटवा पाया निगम प्रशासन

भिलाईनगर। भिलाई नगर निगम के उद्यान में हेल्दी और हाइजीनिक फूड स्ट्रीट निर्माण के लिए 98.85 लाख रुपए से कार्य होना था। लेकिन भिलाई नगर निगम में टेंडर प्रक्रिया एवं ठेकेदार को वर्क आर्डर जारी करने के बाद भी उक्त कार्य को आज तिथि तक शुरू नहीं कराया है जिसके चलते उक्त क्षेत्र में कतिपय लोगों ने भगवान की प्रतिमा अवैध रूप से स्थापित कर उक्त स्थल पर कब्जा कर लिया है।

जोन एक नेहरू नगर अंतर्गत आने वाले उद्यान में लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ नहीं होगा। इसको लेकर शासन ने हेल्दी एवं हाइजीनिक फूड सेंटर की स्थापना करना था । भिलाई नगर निगम ने विधिवत इसकी निविदा जारी की थी। निविदा मेसर्स आर आर साहू नेहरू, नगर पूर्व को कार्य करना था। जोन एक के जोन आयुक्त ने 30 जनवरी 2025 को कार्य आदेश भी जारी कर दिया था। लेकिन आज तिथि तक इस कार्य को निगम भिलाई ने पूरा नहीं कराया है। अब यहां अन्य लोगों ने भगवान की प्रतिमा स्थापित कर स्थल पर कब्जा कर लिया है।

स्वास्थ्य विभाग से आनी थी राशि : मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन नया रायपुर के द्वारा भिलाई निगम क्षेत्र में हाइजीनिक फूड स्ट्रीट निर्माण के लिए लगभग 1 करोड़ की राशि 30 जनवरी 2025 को जारी किया है। जिला स्वास्थ्य केंद्र में सीएमएचओ के माध्यम से उक्त राशि का भुगतान भिलाई नगर निगम को करना था।

सालों से बकाया जमा नहीं करने पर दिग्विजय स्टेडियम की दो दुकानें सील

राजनांदगांव। दिग्विजय स्टेडियम समिति द्वारा स्टेडियम परिसर स्थित शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में किराया बकाया रखने वाले दुकानदारों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की गई है। समिति द्वारा 10 दुकानों को नोटिस जारी किया गया था, जिनमें से 8 दुकानदारों ने कुल 454634 रूपए की बकाया राशि जमा कर दी है।

दुकान क्रमांक सी-16 की आबंटित प्रज्ञा शर्मा पर 177180 रूपए तथा दुकान क्रमांक सी-21 की आबंटित विमला शर्मा पर 187320 रूपए का किराया विगत 33 माह से बकाया है। लंबे समय से किराया जमा नहीं करने पर कार्रवाई करते हुए दोनों दुकानों को सील कर दिया गया है। आगामी सप्ताह तक लंबित किराए का भुगतान नहीं करने पर संबंधित दुकानों का आबंटन निरस्त करने साथ ही बकाया किराए की वसूली भू- राजस्व बकाया की तरह की जाएगी।

डोंगरगढ़ रेलवे रैक लोडिंग में देरी पर उठे सवाल

डोंगरगढ़। रेलवे साइडिंग क्षेत्र में व्यापारियों को लाभ पहुंचाने के कथित खेल के बीच एक नया मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय रेलवे अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर करीब 2:50 बजे 42 बोगियों वाली बीसीएन रैक लोडिंग के लिए डोंगरगढ़ साइडिंग में लगाई गई थी। बताया जाता है कि जिसमें शुक्रवार रात तक केवल 10 बोगियों की ही पूर्ण लोडिंग हो सकी, जबकि लगभग 10 बोगियां आधी भरी रह गई थीं। इसी दौरान रात करीब 9:00 बजे “पुअर ट्रांसपोर्टेशन” यानी धीमी परिवहन व्यवस्था का हवाला देते हुए रेलवे के द्वारा लोडिंग कार्य रोक दिया गया। इसके बाद शनिवार को शाम करीब 6:00 बजे तक पूरी रैक की लोडिंग पूर्ण होना बताया जा रहा है।

इस पूरे घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि परिवहन व्यवस्था इतनी धीमी थी, तो अगले ही दिन अचानक तेजी से पूरी लोडिंग कैसे हो गई? साथ ही यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या बड़े व्यापारियों को नुकसान से बचाने के लिए नियमों में ढील दी जा रही है। वही मामले में एक और अहम पहलू सामने आया है कि बिना पर्याप्त तैयारी के ही रेलवे द्वारा रैक का प्लेसमेंट कैसे दे दिया गया, और बाद में “पुअर ट्रांसपोर्टेशन” का हवाला देकर देरी को उचित ठहराया गया, जिससे रेलवे को संभावित नुकसान की आशंका भी जताई जा रही है।

इस संबंध में वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (सीनियर डीओएम) नागपुर के विशाल गर्ग की माने तो यदि इस प्रकार की घटना हुई है, तो संबंधित पार्टी पर नियमानुसार जुर्माना लगाया जाता है। यह पूरा मामला रेलवे की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर एक बार फिर सवाल खड़ा कर रहा है।

ट्रेन रोकने के प्रयास पर दो लोग गिरफ्तार

राजनांदगांव। नागपुर मंडल क्षेत्राधिकार अंतर्गत मुसरा रेलवे स्टेशन पर गाड़ी संख्या 68724 ( गोंदिया – रायपुर लोकल) के संचालन में विलंब के विरोध में कुछ व्यक्तियों द्वारा रेलवे ट्रैक पर उतरकर “रेल रोको” जैसी अवैधानिक गतिविधि की गई, जिससे रेल परिचालन बाधित हुआ तथा यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया।

उक्त घटना को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए दीप चंद्र आर्य, मंडल सुरक्षा आयुक्त, रेलवे सुरक्षा बल, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, नागपुर के मार्गदर्शन में तथा निरीक्षक प्रभारी, रेसुब पोस्ट डोंगरगढ़ के नेतृत्व में रेलवे सुरक्षा बल द्वारा त्वरित कार्रवाई की गई। इस संबंध में रेलवे सुरक्षा बल डोंगरगढ़ द्वारा अप.क्र. 583/2026 के अंतर्गत धारा 174 (A), 147, 146, 145 एवं 141 रेलवे अधिनियम के तहत मामला पंजीबद्ध कर जांच प्रारंभ की गई।

जांच के दौरान प्राप्त सीसीटीवी फुटेज, फोटोग्राफ एवं अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घटना में शामिल व्यक्तियों की पहचान की गई। साक्ष्यों के आधार पर दो आरोपियों की पहचान कर उन्हें नोटिस जारी कर पूछताछ हेतु बुलाया गया, जहां उन्होंने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। गिरफ्तार आरोपियों का विवरण इस प्रकार है।

अरुण चौबे, निवासी डोंगरगढ़, अनिरुद्ध कुमार मिश्रा, निवासी बोरतलाब जांच में यह भी पाया गया कि उक्त दोनों व्यक्तियों ने अन्य कुछ अज्ञात व्यक्तियों के साथ मिलकर रेलवे ट्रैक पर अनाधिकृत रूप से प्रवेश कर ट्रेन के इंजन के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया, जो कि रेलवे अधिनियम के अंतर्गत दंडनीय अपराध है। दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर प्रकरण में शामिल किया गया है। घटना में शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान हेतु लगातार पतासाजी की जा रही है.

एकलव्य विद्यालय प्रवेश परीक्षा 2026-27 का परिणाम जारी

मोहला। शिक्षण सत्र 2026-27 के लिए एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में कक्षा परीक्षा 1 मार्च 2026 को आयोजित की गई थी। यह परीक्षा भारत सरकार के जनजातीय कार्य 6वीं में प्रवेश हेतु आयोजित प्राक्चयन परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया गया है। यह मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शिक्षा समिति नई दिल्ली द्वारा संचालित योजना के तहत छत्तीसगढ़ राज्य में आयोजित की गई थी। राज्य स्तरीय आदिम जाति कल्याण, आवासीय एवं आश्रम शैक्षणिक संस्थान समिति द्वारा प्रदेश के 27 जिलों में 150 परीक्षा केंद्रों पर इस परीक्षा का आयोजन किया गया था। इस प्रक्रिया के माध्यम से राज्य में संचालित 75 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में कक्षा 6 वीं में प्रवेश दिया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा परिणाम आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दिए। गए हैं। अभ्यर्थी अपने रोल नंबर और पंजीकृत मोबाइल नंबर दर्ज कर परिणाम देख सकते हैं। प्रवेश प्रक्रिया के अगले चरण के रूप में काउंसिलिंग से संबंधित जानकारी भी शीघ्र ही इसी वेबसाइट पर अलग से प्रकाशित की जाएगी।

मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा योजना से श्रमिकों के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता

मोहला। छत्तीसगढ़ श्रम विभाग द्वारा संचालित “मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना” के तहत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। योजना का उद्देश्य श्रमिक परिवारों के बच्चों को पाठ्यक्रमों तक पढ़ाई करने वाले है। वहीं, शिक्षा के प्रति प्रेरित करना और उनके उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करना है।

योजना के अंतर्गत कक्षा 10वीं से लेकर स्नातकोत्तर एवं व्यावसायिक विद्यार्थियों को 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने पर 5,000 से 12,500 तक की सहायता राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खाते में दी जाती छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं एवं 12वीं की परीक्षा में प्रदेश के टॉप-10 में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को 1 लाख की प्रोत्साहन राशि तथा दोपहिया वाहन खरीदने हेतु अतिरिक्त 1 लाख का अनुदान भी दिया जाता है।

योजना में विदेश में एक वर्षीय मास्टर कोर्स हेतु अधिकतम 50 लाख तक की सहायता, प्रवेश परीक्षा शुल्क एवं अन्य शैक्षणिक खर्च वहन करने का प्रावधान भी है, जिसके लिए श्रमिक का कम से कम 3 वर्ष पूर्व पंजीयन अनिवार्य है। इस योजना का लाभ पंजीकृत श्रमिकों के अधिकतम दो बच्चों को ही मिलेगा और आवेदन परीक्षा परिणाम जारी होने के 6 माह के भीतर करना होगा। पात्र हितग्राही जिला श्रम कार्यालय, श्रम संसाधन केंद्र या श्रमेव जयते मोबाइल एप के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं, जिसके सत्यापन के बाद सहायता राशि सीधे उनके खाते में स्थानांतरित की जाती है।