भिलाईनगर। बीएसपी के रिटेंशन स्कीम के तहत रहने वाले सेवानिवृत्त कार्मिकों का किराया 24 रु. प्रति वर्गफीट प्रतिमाह की जगह अब 6 रु. प्रति वर्गफीट प्रतिमाह हो जाएगा। रविवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निवास में हुई उच्च स्तरीय बैठक में बीएसपी मैनेजमेंट ने अगले आदेश तक’ किराया 6 रु. प्रति वर्गफीट प्रतिमाह करने पर सैद्धांतिक सहमति दे दी। इस बैठक में सांसद विजय बघेल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पांडेय, केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव, विधायक रिकेश सेन विशेष रूप से उपस्थित थे।
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बीएसपी के आधिकारिक सूत्रों ने बैठक के बाद स्पष्ट किया कि अगले आदेश तक किराया 6 रु. प्रतिवर्गफीट प्रतिमाह किए जाने पर सैद्धांतिक सहमति बन गई है। रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निवास स्थित कार्यालय में दोनों उपमुख्यमंत्री, दुर्ग जिले के प्रभारी मंत्री, बीएसपी के डायरेक्टर इंचार्ज चित्तरंजन महापात्र, ईडी एचआर पवन कुमार, जीएम इंचार्ज टाउनशिप अतुल नौटियाल, कलेक्टर अभिजीत सिंह, एसएसपी विजय अग्रवाल भी मौजूद थे।

बैठक में सांसद बघेल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष पाण्डेय ने रिटेंशन के मुद्दे पर खासा दबाव बनाया। उन्होंने कहा कि 24 रु. प्रति वर्गफीट की दर करना बहुत ज्यादा है। इससे भिलाई में आंदोलन की स्थिति बन गई है। उन्होंने यह तर्क भी दिया कि आवासों की संख्या पर्याप्त है ऐसे में रिटायर्ड कार्मिकों का किराया 24 रु. करना सही नहीं है। हो सकता है कि दोनों नेताओं ने मुख्यमंत्री को सामने नगर निगम चुनाव में इसका असर पड़ने का भी हवाला दिया हो।
युक्तियुक्तकरणः कार्यभार ग्रहण किए बिना सालभर वेतन भुगतान पर लिपिक सस्पेंड
दुर्ग। युक्तियुक्तकरण उपरांत नए पदस्थापना में कार्यभार ग्रहण किए बिना सालभर वेतन भुगतान के मामले में विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी दुर्ग के स्थापना प्रभारी को निलंबित किया गया है।
दरअसल, देवेन्द्र राय, शिक्षक एलबी, शासकीय नवीन पूर्व माध्यमिक शाला तिरडीह दुर्ग को युक्तियुक्तकरण के तहत नई पदस्थापना शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कोदवागोडान, वि.ख. पंडरिया, जिला कबीरधाम में हुआ था। संबंधित के स्थानान्तरण उपरांत कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी दुर्ग द्वारा देवेन्द्र राय, शिक्षक एलबी को कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी दुर्ग हेतु कार्यमुक्त नहीं किया गया, न ही उनका अंतिम वेतन प्रमाण पत्र स्थानान्तरित संस्था हेतु भेजा गया, जिसके कारण लगभग 14 माह तक उनका वेतन दुर्ग से ही आहरण किया जाता रहा है।
मामले में नंदनी शुकतेल, सहायक ग्रेड- 03, कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी दुर्ग को दोषी पाए जाने पर डीईओ जगजीत सिंह धीर ने उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में संबंधित का मुख्यालय कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी दुर्ग रहेगा एवं उनको नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
मामले को संज्ञान में लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी जगजीत सिंह धीर ने जांच दल गठित कर दी। जांच दल द्वारा प्रकरण में तत्कालीन स्थापना व वित्त लिपिक, तत्कालीन विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी तथा वर्तमान विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी दुर्ग को गंभीर अनियमितता का दोषी माना गया है।
तत्संबंध में स्थापना प्रभारी नंदनी शुकतेल, सहायक ग्रेड-03, कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी दुर्ग को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया। उनके द्वारा अपना पक्ष रखा गया। मगर प्रस्तुत जवाब समधानकारक नहीं पाया गया। नंदनी शुकतेल, सहायक ग्रेड- 03 उक्त अवधि में विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी दुर्ग में स्थापना प्रभारी रही है।
उनके द्वारा अपने उत्तरदायित्व का निर्वहन निष्ठापूर्वक नहीं किया गया, जिसके फलस्वरुप देवेन्द्र राय, शिक्षक एलबी का एलपीसी एवं सेवापुस्तिका का स्थानान्तरण उक्त आदेशित संस्था हेतु नहीं हुआ। प्रकरण में वे दोषी पायी गई हैं। उनके समयावधि में कार्य नहीं किया गया, न ही उच्च अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई।
खनिज विभाग ने छह माह में प्राप्त किया 38.47 करोड़ का राजस्व
दुर्ग। वित्तीय वर्ष 2026-27 में खनिज महकमा ने जिले में विगत छः माह में 38.47 करोड़ का राजस्व प्राप्त किया है जो कि जारी वित्तीय वर्ष में प्राप्त कुल लक्ष्य का 33.45 प्रतिशत राजस्व है। इन छः महीनों में विभाग ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में दबिश देकर की गई। कार्रवाई के दौरान अवैध उत्खनन एवं परिवहन के 110 प्रकरण भी दर्ज किए हैं।
जानकारी के अनुसार, विगत वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभाग को जिले से 90 करोड़ रुपए की राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य दिया गया था। इसके विरुद्ध विभाग ने 96.63 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त किया था जो कि दिए गए लक्ष्य का 107.37 प्रतिशत था। वहीं जारी वित्तीय वर्ष 2026-27 में खनिज महकमा को जिले से 115 करोड़ रुपए की राजस्व वसूली का लक्ष्य मिला है जो कि गत वर्ष में मिले लक्ष्य की तुलना में 25 करोड़ रुपए अधिक है।
विभिन्न प्रकारणों में जुर्माना के रूप में मिले 58 लाख रुपए पिछले साल पूरे वित्तीय वर्ष में विभाग ने अवैध उत्खनन एवं परिवहन के कुल 188 प्रकरण दर्ज कर जुर्माना के रूप में 66 लाख 88 हजार 555 रुपए की वसूली की थी। जारी वित्तीय वर्ष में 6 माह में अवैध उत्खनन एवं परिवहन के दर्ज 110 प्रकरणों में 58 लाख 22 हजार 135 रुपए जुर्माना के रूप में प्राप्त कर चुके हैं।
इनमें अवैध उत्खनन के 18 प्रकरणों में 1618368 एवं अवैध परिवहन के 92 प्रकरणों से 3893907 रुपए जुर्माना के रूप में वसूल किए हैं। इसके बावजूद विभाग को इस साल बढ़े हुए लक्ष्य के अनुरूप राजस्व प्राप्ति के लिए काफी मशक्कत करना पड़ रहा है।
म्युनिसिपल स्कूल में सजने लगीं पटाखा दुकानें
राजनांदगांव। दीपावली पर्व को देखते हुए म्युनिसिपल स्कूल मैदान में पटाखों की दुकानें लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। इस बार भी मैदान में बड़ी संख्या में अस्थायी दुकानें लगाई जाएंगी। जिसकी तैयारी भी शुरू कर दी गई है। दीपावली पर पटाखों की अच्छी मांग को देखते हुए कारोबारियों को करोड़ों रुपये के व्यवसाय की उम्मीद है।
दुकानदारों ने अपनी दुकानों को व्यवस्थित करने और पटाखों का स्टॉक जुटाने की तैयारी तेज कर दी है। व्यापारी भी पूरी तरह से संलग्न है। हर साल की तरह इस बार भी पटाखा बाजार में बड़ी संख्या में दुकानें लगने की संभावना है। दीपावली के नजदीक आते ही यहां ग्राहकों की भीड़ बढ़ेगी। बच्चों से लेकर बड़ों तक में पटाखों की खरीदारी को लेकर उत्साह रहता है। इसी को देखते हुए कारोबारियों ने विभिन्न प्रकार के पटाखों का स्टॉक मंगाना शुरू कर दिया है। नगर निगम से मिली जानकारी के मुताबिक 100 से अधिक दुकानें लगेंगी।
सुरक्षा की जा रही है पर्याप्त व्यवस्था- मरकाम
निगम आयुक्त जीआर मरकाम ने पटाखा बाजार की व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा करते हुए बताया कि म्युनिसिपल स्कूल मैदान में भूमि का चिन्हांकन किया गया है। दुकानों को व्यवस्थित रूप से लगाने के साथ सुरक्षा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जा रहा है, ताकि दीपावली के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।
जिले में 70.95 लाख क्विंटल धान खरीदी का लक्ष्य
राजनांदगांव। जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के दौरान समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस वर्ष जिले में 70 लाख 95 हजार 830 क्विंटल धान खरीदी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए 15 नवंबर से खरीदी प्रक्रिया शुरू होगी, जो 15 जनवरी 2027 तक चलेगी। किसानों से धान खरीदी के लिए जिलेभर में 122 उपार्जन केंद्रों की व्यवस्था की जा रही है। जहां पर सभी तैयारियां को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है।
ज्ञात हो कि राजनांदगांव जिले की समितियों में धान की खरीदी सुनिश्चित की जाती है। धान खरीदी शुरू होने से पहले सभी केंद्रों में आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। खरीदी व्यवस्था को व्यवस्थित बनाने के लिए 2 से 5 नवंबर के बीच उपार्जन केंद्रों में ट्रायल किया जाएगा। इसके माध्यम से धान खरीदी से जुड़ी व्यवस्थाओं, तकनीकी प्रक्रियाओं और उपकरणों की जांच की जाएगी, ताकि वास्तविक खरीदी के दौरान किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
इस वर्ष खरीदी का लक्ष्य बड़ा होने के कारण बारदाना, तौल कांटा, कंप्यूटर, इंटरनेट कनेक्टिविटी, नमी मापक यंत्र और भंडारण सहित अन्य व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। खरीदी केंद्रों में व्यवस्था दुरुस्त रखने की जिम्मेदारी संबंधित समितियों और अधिकारियों को सौंपी जाएगी। ट्रायल में परखी जाएगी धान खरीदी की व्यवस्था जिले में धान की वास्तविक खरीदी शुरू होने से पहले केंद्रों में ट्रायल किया जाएगा। इसमें तौल कांटा, कंप्यूटर, ऑनलाइन एंट्री, नमी मापक यंत्र और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं की जांच की जाएगी। इसके निर्देश जारी जारी कर दिए गए हैं।
त्योहारों में मिलावटखोरी को लेकर प्रशासन सक्रिय
खैरागढ़। त्योहारी सीजन को देखते हुए खाद्य पदार्थों में मिलावट और गुणवत्ताविहीन सामग्री की बिक्री पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने सख्ती बरतने की तैयारी की है। त्योहारों के दौरान मिठाई, नमकीन, दूध एवं दूध से बने उत्पादों जैसे घी, खोवा और पनीर की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में कुछ असामाजिक तत्व इसका फायदा उठाकर बाजार में नकली और मिलावटी खाद्य सामग्री खपाने की कोशिश करते हैं । इसे गंभीरता से लेते हुए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष निगरानी और जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके तहत नकली खोवा, मिठाइयों, दूध एवं दुग्ध उत्पादों, स्नैक्स, नमकीन, खाद्य तेल, अनाज तथा अनाज से बने उत्पादों की सघन जांच की जाएगी। जांच अभियान के दौरान मोबाइल फूड टेस्टिंग यूनिट के माध्यम से भी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की जाएगी, वहीं आवश्यकता पड़ने पर खाद्य पदार्थों के विधिक नमूने लेकर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम तथा संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
त्योहारी सीजन में मिलावटखोरी पर अंकुश लगाने के लिए केवल निर्देश जारी करना पर्याप्त नहीं होगा बल्कि उनका प्रभावी क्रियान्वयन भी जरूरी है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग बाजार में बिकने वाली मिठाइयों एवं अन्य खाद्य सामग्रियों की नियमित जांच के लिए कितना सक्रिय रहता है। त्योहारों की खुशियों के बीच आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई समय की जरूरत है।
अस्पताल पहुंचने से पहले एंबुलेंस में गूंजी किलकारी
खैरागढ़। बेहतर उपचार के लिए राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज ले जाई जा रही गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में प्रसव पीड़ा तेज हो गई। ऐसी विषम परिस्थिति में एंबुलेंस में तैनात स्वास्थ्यकर्मियों ने तत्परता, सूझबूझ और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एंबुलेंस के भीतर ही सुरक्षित प्रसव कराया। कुछ ही देर में एंबुलेंस के भीतर नवजात शिशु की किलकारी गूंज उठी।
प्राप्त जानकारी अनुसार ग्राम कानीमेरा निवासी तारामती तोड़े को प्रसव पीड़ा होने पर एंबुलेंस सेवा के लिए फोन किया।गया था। प्रारंभिक उपचार के बाद बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए उन्हें छुईखदान से मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव रेफर किया गया था। इसी दौरान 28 अक्टूबर की सुबह लगभग 5:40 बजे अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उनकी प्रसव पीड़ा अचानक बढ़ने लगी।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एंबुलेंस में तैनात ईएमटी रूपचंद यदु एवं पायलट नवीन यादव ने बिना समय गंवाए मोर्चा संभाला। उन्होंने आवश्यक सावधानियां बरतते हुए प्रसव की जिम्मेदारी निभाई और एंबुलेंस के भीतर ही प्रसव संपन्न कराया। इस तरह अस्पताल पहुंचने से पहले ही मां और नवजात के आगमन की खुशियों से एंबुलेंस का माहौल गूंज उठा।
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