Lifestyle Desk : खाना केवल शरीर को ऊर्जा नहीं देता, बल्कि यह जीवनशक्ति का स्रोत है। सही दिशा में भोजन करने से भोजन का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। भोजन हमारी दिनचर्या का अहम हिस्सा है। जिस तरह घर के कमरों, रसोई और पूजा स्थल की दिशा का ध्यान रखा जाता है, उसी तरह भोजन करते समय बैठने की दिशा भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। प्राचीन परंपराओं और वास्तु शास्त्र में भोजन करने के लिए कुछ खास दिशाओं का उल्लेख मिलता है। ऐसे में भोजन करते समय किस ओर मुंह करके बैठना शुभ होता है और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
खाना खाते समय किस दिशा में हो आपका मुख
पूर्व दिशा की ओर मुंह करके भोजन करना शुभ है। यह दिशा सूर्य देव से जुड़ी है। सूर्य ऊर्जा, तेज और जीवन का प्रतीक हैं। इसलिए पूर्व दिशा की ओर बैठकर भोजन करने को सकारात्मकता और प्रसन्नता से जोड़ा जाता है। इस दिशा को नई ऊर्जा और उत्साह का प्रतीक भी माना गया है।
भोजन के स्थान और बैठने की दिशा को महत्व
भोजन करने की दिशा का संबंध केवल शारीरिक ऊर्जा से ही नहीं बल्कि घर के वातावरण और मन की शांति से भी जोड़ा जाता है। पूर्व दिशा को ज्ञान, प्रकाश और नई ऊर्जा का प्रतीक कहते है। वहीं उत्तर दिशा को समृद्धि और उन्नति से जोड़कर देखा जाता है। इसी कारण पारंपरिक वास्तु विचारों में भोजन के स्थान और बैठने की दिशा को महत्व दिया गया है। बिना जल्दबाजी के खाना खाना भी जरूरी है। परिवार के सदस्यों के साथ बैठकर भोजन करने से आपसी मेलजोल बढ़ता है। घर का माहौल भी अच्छा बना रहता है।

भोजन के इन नियमों से जुड़ी है सुख-समृद्धि
वास्तु शास्त्र में उत्तर दिशा को धन के देवता कुबेर से संबंधित बताया है। यह दिशा धन, संपन्नता और खुशहाली का प्रतीक होती है। घर में सुख-समृद्धि बनाए रखने के लिए उत्तर दिशा से जुड़े वास्तु नियमों पर भी ध्यान दिया जाता है।
भोजन करते समय अन्न का सम्मान जरूरी
भोजन करते समय दिशा के साथ साफ-सफाई का ध्यान रखना और अन्न का सम्मान करना भी जरूरी है। हिंदू परंपरा में अन्न देवता परमात्मा कहा जाता है। अन्न को जीवन का आधार माना गया है। यही वजह है कि भोजन की बर्बादी से बचने और अन्न के प्रति सम्मान रखने पर विशेष जोर दिया जाता हैं।
भोजन करने में इन दो दिशाओं का घ्यान रखें
भोजन संबंधी परंपराएं जीवन में सकारात्मकता, अनु शासन और समृद्धि की भावना से जुड़ी हैं। पूर्व दिशा की ओर मुंह करके भोजन करना शुभ माना जाता है जबकि उत्तर दिशा को धन और खुशहाली से जोड़कर देखा जाता है। इन मान्यताओं के साथ स्वच्छता और अन्न के सम्मान का ध्यान रखना भी महत्वपूर्ण है।

