मध्य प्रदेश में विजयादशमी पर्व पर कई जिलों में रावण का पुतला जलाया गया। वहीं इंदौर में मेरठ की मुस्कान-साहिल का मुखौटा बनाया गया था। अशोकनगर में UGC रूपी रावण के पुतले का दहन किया गया। वहीं सतना में रावण की पूजा की गई। इसके अलावा भी कई जिलों में रावण के पुतले का दहन किया गया है।
भोपाल में कई जगहों पर जला रावण का पुतला
राजधानी भोपाल के अलग अलग हिस्सों में रावण दहन किया गया। वहीं शिवाजी नगर में भी रावण का पुतला जलाया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव शामिल हुए।
इंदौर में रावण और लंका का दहन
इंदौर के दशहरा मैदान में 111 फीट के रावण और 250 फीट की लंका का दहन हुआ! इससे पहले महू नाका चौराहे से विशाल शोभायात्रा निकाली गई। वहीं राम-रावण युद्ध और हनुमान सहित वानर सेना के लंका पर चढ़ाई का मंचन हुआ।

इंदौर में मेरठ की मुस्कान साहिल का बनाया पुतला
चंकी बाजपेयी, इंदौर। संस्था पौरुष के अधिवक्ता अशोक दशोरा के मुताबिक महिलाओं के द्वारा पुरुषों के साथ किए जा रहे अपराधों को लेकर लगातार आवाज उठा रही है। इसी के तहत इस बार भी हमने स्वयं के पति पर अत्याचार करने वाली महिलाओं से जुड़े मुकुट लगाकर पुतला दहन करने का कार्य किया जा रहा था, लेकिन पुलिस मौके पर पहुंची थी और रुकवाया। उन्होंने बताया कि पुतले के मुखोटे मेरठ हत्याकांड मामले से जुड़ी मुस्कान, साहिल, रवीता और अमरजीत ने मिलकर पति को सांप से कटवाया था। सांप से कटवाने का कृत्य किया था। इस मामले को लेकर संस्था ने आक्रोश में उनका चेहरा मुखौटे पर लगाया था, लेकिन पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मुकुट हटवाकर पुतला दहन करवाया है।

आलीराजपुर में 35 फीट के रावण का दहन
संजय वाणी, आलीराजपुर। जिले में बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक विजयादशमी पर्व पर रावण दहन का भव्य आयोजन किया गया। स्थानीय फतेह क्लब ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में 35 फीट ऊंचे रावण का दहन किया गया। नगरपालिका अध्यक्ष सेना महेश पटेल, एसपी रघुवंश सिंह भदौरिया ने रथ पर सवार कालिका माता की पूजा-अर्चना के बाद रावण का दहन किया। रावण दहन होते ही पूरा मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। इस दौरान भव्य आतिशबाजी ने आसमान को रोशनी से जगमगा दिया। रंग-बिरंगी आतिशबाजी का नजारा देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग फतेह क्लब ग्राउंड पहुंचे थे। पूरे आयोजन में उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला।

जोबट में 41 फीट के रावण का दहन
जोबट। आलीराजपुर जिले के जोबट के दशहरा मैदान में 41 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। रावण दहन होते ही मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। खास बात यह रही कि 41 फीट ऊंचा रावण महज 2 मिनट में धू-धू कर जल गया। आयोजन देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। रावण दहन के साथ बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया।

इछावर में धूमधाम से हुआ 51 फीट ऊंचे रावण का दहन
अनिल मालवीय, सीहोर। इछावर के ग्राम देवी दशहरा मैदान पर पारंपरिक रूप से बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक रावण का दहन धूमधाम से किया गया। इस भव्य आयोजन को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग मैदान में पहुंचे। हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष ललित वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष रावण के पुतले की ऊंचाई 51 फीट रखी गई थी। उन्होंने कहा कि हिंदू उत्सव समिति पिछले कई वर्षों से लगातार इस गरिमामय आयोजन को पूरी भव्यता और परंपरा के साथ आयोजित करती आ रही है। पुतला दहन से पहले मैदान पर बेहद आकर्षक आतिशबाजी की गई। रंग-बिरंगी और गगनचुंबी आतिशबाजी इस पूरे कार्यक्रम में मुख्य आकर्षण का केंद्र रही, जिसे देखकर वहां मौजूद आम जनता रोमांचित हो उठी। आतिशबाजी के बाद जय श्रीराम के उद्घोष के साथ रावण के पुतले का दहन किया गया।

धार में तीर चलाकर रावण का दहन
रेणु अग्रवाल, धार। सार्वजनिक दशहरा उत्सव समिति नौगांव की ओर से किला मैदान पर 48 वर्षों से लगातार भव्य रावण दहन समारोह का आयोजन किया जाता है। आज 51 फीट रावण का दहन किया गया और भव्य आतिशबाजी की गई। राम जी ने तीर चलाकर रावण का दहन किया। भारी तादाद में लोग विजयदशमी के अवसर पर रावण दहन को देखने पहुंचे।

सतवास में विजय दशमी महोत्सव में भव्य रावण दहन
हेमंत गुर्जर, बागली। सतवास में विजयादशमी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। नगर परिषद की ओर से आयोजित विराट विजय दशमी महोत्सव के तहत जतरा मैदान में भव्य रावण दहन कार्यक्रम आयोजित किया गया। रावण दहन देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। इससे पहले विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने अलग स्थान पर मिट्टी से निर्मित रावण की पूजा-अर्चना की। इसके बाद सभी जतरा मैदान पहुंचे। जहां अतिथियों का स्वागत व सम्मान किया गया। इसके बाद विधिवत रावण दहन किया गया। इस दौरान पूरे मैदान में उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला। नगर परिषद की ओर से आयोजित यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

अशोकनगर में UGC रूपी रावण के पुतले का दहन
रंजीत रघुवंशी, अशोकनगर। जिले में UGC रूपी रावण का पुतला दहन किया गया। क्षत्रिय रघुवंशी परिषद के बैनर तले राम ने रावण का दहन किया। वहीं रघुवंशी धर्मशाला में विधि-विधान से विशाल शस्त्र पूजन हुआ। छात्राओं ने शस्त्र प्रदर्शन भी किया। इस दौरान परिषद के सदस्य बड़ी संख्या में हथियार के साथ पहुंचे थे। क्षत्रिय रघुवंशी परिषद के प्रदेश प्रभारी अमित रघुवंशी ने कहा कि विद्यार्थियों में भेदभाव ना हो इसलिए यूजीसी का दमन जरूरी है।

रतलाम में कलेक्टर ने सपत्नीक मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की
सुशील खरे, रतलमा। रतलाम कलेक्टर अजय कटेसरिया ने सपत्नीक श्री रामकृष्ण विवेकानंद आश्रम, जवाहर नगर रतलाम पहुंचे और बंगाली समाज की ओर से स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा की पूजा-अर्चना की। दशहरे के अवसर पर बंगाली परंपरा के अनुसार आयोजित पूजा में कलेक्टर कटेसरिया सपत्नीक शामिल हुए और मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त किया।

बड़ौनी की ऐतिहासिक हवेली में सर्व समाज दशहरा मिलन समारोह
रवि रायकवार, दतिया। बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक विजयादशमी पर्व के अवसर पर बड़ौनी की प्रसिद्ध ऐतिहासिक हवेली में सर्व समाज दशहरा मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। आयोजन में क्षत्रिय समाज सहित विभिन्न समाजों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और एक-दूसरे को दशहरा पर्व की शुभकामनाएं दीं।

सतना में रावण की पूजा!
अनमोल मिश्रा, सतना। देशभर में जहां विजयादशमी के अवसर पर बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में रावण के पुतले का दहन किया जाता है। वहीं सतना जिले के कोठी कस्बे में एक अनूठी परंपरा देखने को मिलती है। यहां दशहरे पर रावण का दहन नहीं, बल्कि उनकी प्रतिमा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। कोठी थाना परिसर में स्थापित दस सिर वाले रावण की प्रतिमा न केवल लोगों के आकर्षण का केंद्र है, बल्कि इससे जुड़ी मान्यताएं और वर्षों पुरानी परंपरा भी इसे खास बनाती हैं।
सतना जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर स्थित कोठी कस्बे में रावण की यह प्रतिमा स्थापित है। स्थानीय निवासी रमेश मिश्रा के मुताबिक, प्रतिमा 260 वर्ष से अधिक पुरानी है और उनके परिवार में पिछले पांच पीढ़ियों से रावण की पूजा करने की परंपरा चली आ रही है। रमेश मिश्रा स्वयं भी करीब 40 वर्षों से विजयादशमी के दिन पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ रावण की पूजा करते आ रहे हैं।
थाना परिसर में कैसे सुरक्षित रह गई रावण की प्रतिमा?
रावण की इस प्रतिमा से जुड़ा एक दिलचस्प प्रसंग भी बताया जाता है। रमेश मिश्रा के अनुसार, करीब 15 वर्ष पहले उन्होंने रात में सपना देखा कि रावण की प्रतिमा को हटाकर वहां थाने का निर्माण किया जा रहा है। सपना देखने के बाद जब वे मौके पर पहुंचे, तो वहां जेसीबी से खुदाई का काम चल रहा था और प्रतिमा को हटाने की कोशिश की जा रही थी। रमेश मिश्रा का दावा है कि जैसे ही जेसीबी से प्रतिमा के एक सिर को हटाने का प्रयास किया गया, वहां एक बड़ा नाग दिखाई दिया। इससे मौके पर हड़कंप मच गया। इसके बाद उन्होंने तत्कालीन पुलिस अधीक्षक को इसकी सूचना दी। बताया जाता है कि इसके बाद काम रोक दिया गया और थाने की इमारत प्रतिमा के पीछे बनाई गई। इस तरह रावण की प्रतिमा थाना परिसर में ही सुरक्षित रह गई, हालांकि, इस घटना से जुड़ी मान्यताओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं है, लेकिन स्थानीय स्तर पर यह प्रसंग आज भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

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