कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत अब आवारा कुत्तों के लिए शेल्टर होम और फीडिंग सेंटर बनाये जाएंगे। ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान की पहल पर शहर के प्रमुख शैक्षणिक संस्थान और विभागों में नोडल अधिकारी तय किए गए हैं जिसके चलते ग्वालियर के जीवाजी विश्विद्यालय ने भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश से जुड़े नोटिस बोर्ड जगह जगह लगाए है,जिसमे आवारा डॉग्स को खाना खिलाने पर पूरी तरह प्रतिबन्ध लगाया गया है।

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ग्वालियर के जीवाजी विश्वविद्यालय परिसर में साइन बोर्ड लगाकर कुत्तों को खाना खिलाने पर रोक लगाई है, यह कदम ग्वालियर शहर भर में लगातार बढ़ रही डॉग बाइट की घटनाओं के बाद जिला प्रशासन के साथ हुई बैठक के चलते लिया गया है जिसमें तय किया गया है कि ग्वालियर शहर में एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर को दो से बढ़कर अब तीन किया जाएगा। इसके साथ ही शहर में स्ट्रीट डॉग्स के लिए शेल्टर होम तैयार किए जाएंगे, ताकि सार्वजनिक स्थान पर स्ट्रीट डॉग की मौजूदगी के चलते बने रहने वाले खतरे को टाला जा सके, वही पशु अधिनियम के तहत स्ट्रीट डॉग्स को खाने का अभाव न हो इसके लिए वार्ड स्तर पर जगह चिन्हित की जा रही है जहां फीडिंग सेंटर भी बनाए जाएंगे लोग इन फीडिंग सेंटर पर पहुंचकर स्ट्रीट डॉग्स को खाना खिला सकते हैं। यह स्थान रहवासी क्षेत्र से दूर बनाए जाएंगे,शुरुआती दौर में 27 फीडिंग सेंटर तैयार करने की योजना बनाई गई है।

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जिला प्रशासन के साथ हुई बैठक के बाद जीवाजी विश्वविद्यालय ने नोटिस लगाकर यूनिवर्सिटी में आने वाले लोगों के लिए साफ निर्देश दिए हैं कि वह यहां पर डॉग फीड नहीं कराएंगे,इसके साथ ही विश्वविद्यालय द्वारा तैयार किए गए नोडल अधिकारी नगर निगम के साथ मिलकर कैंपस को स्ट्रीट डॉग से मुक्त भी कराएंगे। विश्वविद्यालय के PRO विमलेंद्र सिंह राठौड़ का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत यह कदम उठाया गया है बीते दिनों कैंपस में मॉर्निंग वॉक करने आने वाले लोगों के साथ डॉग बाइट की घटनाएं हुई थी। इस कदम के बाद लोगों को काफी राहत मिलेगी, विश्वविद्यालय में पढ़ने आने वाले स्टूडेंट भी इस कदम को सराह रहे हैं,उनका कहना है कि स्ट्रीट डॉग्स के लिए शेल्टर होम और डॉग फीडिंग केंद्र बनाने से उनके साथ भी न्याय होगा और आम जनता को भी राहत मिलेगी।

आपको बता दे कि ग्वालियर में 1 जनवरी 2026 से लेकर अभी तक लगभग 10000 से ज्यादा लोग डॉग वाइट के शिकार हो चुके हैं लिहाजा इस कदम के बाद लोगों को काफी राहत मिलने की उम्मीद की जा सकती है।

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