Eid ul Fitr 2026: ईद-उल-फितर 2026 के मुबारक मौके पर आज राजस्थान की मरुधरा और ख्वाजा गरीब नवाज की नगरी अजमेर पूरी तरह अकीदत के रंग में डूबी नजर आई। सुबह की नमाज के बाद से ही दरगाह शरीफ में जायरीनों का ऐसा सैलाब उमड़ा कि तिल रखने की जगह नहीं बची। इस खास मौके पर दरगाह का ऐतिहासिक जन्नती दरवाजा खोला गया।

जायरीनों की लगी लंबी कतारें
दरअसल, जन्नती दरवाजे से गुजरने की चाहत में देश-विदेश से आए अकीदतमंदों की लंबी कतारें आस्ताना शरीफ के बाहर देखी गईं। अकीदतमंदों का मानना है कि इस दरवाजे से गुजरने पर रूहानी सुकून और बरकत हासिल होती है। पूरे दरगाह परिसर में ख्वाजा का दरबार और अमन-चैन के नारे गूंजते रहे। गौरतलब है कि प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए ताकि किसी भी जायरीन को परेशानी न हो।
साल में सिर्फ 4 बार मिलता है यह मौका
दरगाह सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जन्नती दरवाजा आम दिनों में बंद रहता है। इसे साल में केवल चार विशेष मौकों ईद-उल-फितर, ईद-उल-अजहा (बकरीद), ख्वाजा गरीब नवाज का सालाना उर्स, हजरत ख्वाजा उस्मानी हारूनी के उर्स पर ही खोला जाता है।
दुआओं का दौर और खास रौनक
बता दें कि ख्वाजा साहब के आस्ताने पर अकीदतमंदों ने देश में खुशहाली और भाईचारे के लिए मन्नतें मांगीं। दरगाह के आसपास के बाजारों, जैसे दरगाह बाजार और नला बाजार में भी ईद की जबरदस्त रौनक देखने को मिली। स्थानीय व्यापारियों के अनुसार, इस बार जायरीनों की संख्या पिछले वर्षों के मुकाबले काफी अधिक है, जिससे स्थानीय कारोबार को भी बढ़ावा मिला है।
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