चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर दो चुनाव आयुक्तों की 14 आपत्तियों की रिपोर्ट सामने आने के बाद उत्तराखंड कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सवाल उठाए हैं. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने चुनाव संबंधी मुद्दों को लेकर सचिवालय घेराव की घोषणा की है.
देहरादून. चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर दो चुनाव आयुक्तों की ओर से 10 महीनों में 14 बार आपत्ति दर्ज किए जाने की रिपोर्ट सामने आने के बाद उत्तराखंड कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने चुनाव संबंधी कथित अनियमितताओं, मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों और मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग को लेकर सचिवालय घेराव का ऐलान किया है.
14 आपत्तियों पर सवाल
रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में चुनाव आयोग के विभिन्न फैसलों और प्रक्रियाओं पर 14 बार लिखित आपत्तियां दर्ज कराई थीं. इन मुद्दों में नए मतदाताओं का पंजीकरण, मतदाता सूची से नाम हटाना और बहाल करना, एसआईआर से जुड़े आदेशों के खिलाफ अपील तथा मतदाता डेटा की सुरक्षा जैसे विषय शामिल बताए गए हैं.
गणेश गोदियाल ने कहा कि इस घटनाक्रम से लोगों के बीच चिंता पैदा हुई है. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के भीतर सब कुछ ठीक तरीके से नहीं चल रहा है और दो चुनाव आयुक्तों की ओर से बार-बार आपत्ति दर्ज कराए जाने के बावजूद उनकी बातों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया.
राहुल गांधी के बयान का जिक्र
गोदियाल ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से पहले उठाए गए मतदाता सूची और कथित वोट चोरी के मुद्दे का भी उल्लेख किया. उन्होंने आरोप लगाया कि अब चुनाव आयोग के भीतर सामने आई आपत्तियों से इन सवालों को बल मिला है.
उन्होंने कहा कि यदि किसी अधिकारी या पदाधिकारी ने किसी फैसले पर आपत्ति दर्ज कराई और उसके बाद भी प्रक्रिया आगे बढ़ी, तो संबंधित लोगों की जवाबदेही तय होनी चाहिए. गोदियाल ने यह भी कहा कि दोनों चुनाव आयुक्तों की ओर से कैबिनेट सचिव को पत्र लिखे जाने के बावजूद उनकी जिम्मेदारी समाप्त नहीं हो जाती.
सरकारों पर भी आरोप
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड में 2022 में भी कथित वोट चोरी के आधार पर सरकार बनाई गई. उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र में बनी सरकारों को लेकर भी इसी तरह के आरोप लगाए और ऐसी सरकारों से इस्तीफे की मांग की.
गोदियाल ने राष्ट्रपति से भी ऐसी सरकारों को बर्खास्त करने की मांग किए जाने की बात कही. इसके साथ ही उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग दोहराई और इन्हीं मुद्दों को लेकर सचिवालय घेराव करने की घोषणा की.
चुनाव आयोग की सफाई
इस बीच, चुनाव आयुक्तों के बीच मतभेद को लेकर सामने आई रिपोर्ट पर चुनाव आयोग के सूत्रों ने अलग पक्ष रखा है. आयोग के सूत्रों के अनुसार, विचारों में मतभिन्नता होना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है और एसआईआर समेत हाल की नई पहलों से जुड़े फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं.
इस तरह चुनाव आयोग के भीतर दर्ज आपत्तियों की रिपोर्ट और आयोग की ओर से दी गई सफाई के बाद यह मामला राजनीतिक बहस का विषय बन गया है. उत्तराखंड कांग्रेस ने अब इसे लेकर अपना विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है.


