2000 People including Former Navy chiefs Wrote Letter to CJI Surya Kant: वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन यानी एसआईआर (SIR) को लेकर चुनाव आयोग में मतभेद पर खुलासे के बाद से देश की राजनीति में कोहराम मचा हुआ है। पूरा विपक्ष ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग कर रहा है। वहीं अब बीजेपी सीईसी ज्ञानेश कुमार (CEC Gyanesh Kumar) के बचाव में उतर गई है। लिहाजा चुनाव आयोग (election Commission) घमासान पर अब बीजेपी Vs कांग्रेस (विपक्ष) का मुकाबला हो गया है। सीईसी ज्ञानेश कुमार के बचाव के लिए भाजपा ने मुख्यमंत्रियों की फौज उतार दी है। वहीं अब पूर्व नेवी चीफ-अफसरों समेत 2000 लोगों ने सीजेआई सूर्यकांत को चिट्ठी लिखी है। सभी ने SIR की वैधता और प्रक्रिया के रिव्यू होने तक इस पर रोक लगाने की मांग की है।

बता दें कि वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन यानी एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग (Election Commission) में मतभेद पर ‘इंडियन एक्सप्रेस’ के खुलासे के बाद से देश की राजनीति में कोहराम मचा हुआ है। पूरा विपक्ष इसे लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ( CEC Gyanesh Kumar) और मोदी सरकार पर हमलावर है। विपक्ष ज्ञानेश कुमार को हटाने और गिरफ्तार करने की मांग कर रहा है। ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर कांग्रेस ने 25 सितंबर को पूरे देश में प्रदर्शन किया था। कांग्रेस आज भी प्रदर्शन कर रही है।

अब देश के 2 हजार से ज्यादा नागरिकों ने भारत के चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत को लेटर लिखकर स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR पर रोक लगाने की मांग की है। निर्वाचन आयोग की भूमिका पर स्वत: संज्ञान लेकर कार्यवाही शुरू करने की अपील की है। सभी ने देश के मुख्य न्यायाधीश से IR की वैधता, प्रक्रिया की समीक्षा होने तक इसपर रोक लगाने की मांग रखी है। साथ ही वोटर रजिस्ट्रेशन सॉफ्टवेयर और फॉर्म में कथित अनधिकृत बदलावों की कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग उठाई है। लेटर पर दस्तखत करने वालों में पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल विष्णु भागवत, पूर्व आईएएस अधिकारी अदिति मेहता, वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण, इतिहासकार आदित्य मुखर्जी और अभिनेता प्रकाश राज सहित शिक्षाविद, वकील, पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हैं।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और अन्य अधिकारियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई और ईसीआईनेट का सुप्रीम कोर्ट की नियुक्त स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति से सिक्योरिटी और लीगल ऑडिट कराने की मांग भी की गई है।

चुनाव आयोग ने कामकाज और चुनावी व्यवस्था से जुड़े 9 फैसले लिए

इधर चुनाव आयोग ने शनिवार की बैठक में अपने कामकाज और चुनावी व्यवस्था से जुड़े 9 फैसले लिए। आयोग ने कहा कि बैठकों से पहले एजेंडा साझा किया जाएगा और बाद में फैसलों का रिकॉर्ड तैयार होगा। नए IT मॉड्यूल और पोर्टल को लागू करने से पहले उनकी समीक्षा भी की जाएगी।आयोग की बैठक में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार, दोनों निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी मौजूद रहे।

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