प्रतीक पटनायक, धमतरी। जिले के बोडरापुरी गांव में जिस जमीन पर वर्षों से ग्रामीणों के अंतिम संस्कार किए जाते रहे हैं, वहां अतिक्रमण कर फसल उगाए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के ही कुछ दबंग लोगों ने करीब 6 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैले पुराने श्मशान घाट की जमीन पर कब्जा कर लिया है।

ग्रामीणों के मुताबिक, यह अतिक्रमण पिछले करीब तीन वर्षों से जारी है। जिस जगह पर कभी चिताएं जला करती थीं और लोगों को अंतिम विदाई दी जाती थी, वहां अब खेत तैयार कर फसलें उगाई जा रही हैं। श्मशान घाट की जमीन पर कब्जे के चलते अब गांव में किसी व्यक्ति की मौत होने पर अंतिम संस्कार के लिए पर्याप्त जगह नहीं बची है।

ग्रामीणों में भारी आक्रोश

ग्रामीणों का आरोप है कि अतिक्रमणकारियों ने श्मशान घाट की जमीन पर बाकायदा हल चलाकर खेती शुरू कर दी है। इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि श्मशान घाट जैसी सार्वजनिक और संवेदनशील जमीन को भी अतिक्रमण से नहीं बख्शा गया।

कलेक्टोरेट पहुंचकर आंदोलन की चेतावनी

मामले से नाराज बड़ी संख्या में ग्रामीण मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और प्रशासन के सामने अपनी शिकायत रखी। ग्रामीणों ने मांग की है कि श्मशान घाट की जमीन की तत्काल सीमांकन कराकर उसे अतिक्रमण मुक्त कराया जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे भूख हड़ताल और उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

जांच के बाद कार्रवाई का भरोसा

मामले को लेकर जिला प्रशासन ने जांच कराने और जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। ग्रामीणों का सवाल है कि जब लोगों की अंतिम यात्रा के बाद उन्हें अंतिम संस्कार के लिए भी जमीन न मिले,तो आखिर प्रशासन की नजर में ऐसी सार्वजनिक जमीन की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है?

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