रोहित कश्यप, मुंगेली। कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के दिशा-निर्देश और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.के. गुप्ता के मार्गदर्शन में जिले में निजी चिकित्सालयों की व्यवस्थाओं एवं मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा आज दिन बुधवार को विकासखंड पथरिया अंतर्गत संचालित निजी चिकित्सालयों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान आकृति अस्पताल, पथरिया का औचक निरीक्षण किया गया, जहां निरीक्षण टीम को कई गंभीर अनियमितताएं मिलीं। ज्ञात हो कि सीएम हेल्पलाइन 1076 में निजी अस्पतालों के संचालन से संबंधित शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इसी तारतम्य में औचक निरीक्षण किया गया।

जिला कार्यक्रम प्रबंधक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. गिरीश कुर्रे, जिला नोडल अधिकारी डॉ. कमलेश कुमार, खंड चिकित्सा अधिकारी पथरिया डॉ. अमित लाल तथा प्रभारी लिपिक नर्सिंग होम एक्ट एम.एल. टांडे की जिला स्तरीय टीम ने आकृति अस्पताल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में ग्राम रोहराकला निवासी हरन बाई साहू, उम्र 50 वर्ष का बच्चेदानी का ऑपरेशन किया जाना पाया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम के पहुंचने पर आकृति अस्पताल में कोई भी चिकित्सक उपस्थित नहीं पाया गया। अस्पताल में उपस्थित स्टाफ एवं सर्जन संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। जिस सर्जन का नाम बताया गया, उन्होंने भी आकृति अस्पताल में आकर सर्जरी करने से अनभिज्ञता बताई। मरीज की केसशीट में भी विसंगतियां पाई गईं।

मरीज के उपचार एवं ऑपरेशन से संबंधित परिस्थितियों को देखते हुए टीम ने मामले को गंभीरता से लिया। अस्पताल में चिकित्सक की अनुपस्थिति को देखते हुए मरीज की सुरक्षा के मद्देनजर उसे तत्काल 108 एंबुलेंस की सहायता से जिला चिकित्सालय मुंगेली भेजा गया, ताकि उसे आवश्यक चिकित्सकीय उपचार एवं विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

निरीक्षण के दौरान अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर (ओटी) कक्ष में साफ-सफाई का अभाव एवं गंदगी पाई गई। ऑपरेशन थिएटर मानक के अनुरूप नहीं पाया गया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अस्पताल की यह स्थिति नर्सिंग होम एक्ट नियम, 2013 में निर्धारित मानकों के विपरीत पाई गई। ऑपरेशन जैसे संवेदनशील चिकित्सा कार्य के लिए आवश्यक स्वच्छता एवं संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था का पालन नहीं किया जाना गंभीर विषय माना गया।

निरीक्षण में चिकित्सक की अनुपस्थिति तथा अन्य पाई गई अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल के ओटी कक्ष एवं आईसीयू को सीलबंद कर दिया। यह कार्रवाई अस्पताल संचालक डॉ. विश्राम ध्रुव की उपस्थिति में की गई।

स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के बाद निजी चिकित्सालयों में निर्धारित चिकित्सा मानकों, चिकित्सकों की उपलब्धता, मरीजों की सुरक्षा, संक्रमण नियंत्रण तथा नर्सिंग होम एक्ट के प्रावधानों के पालन को लेकर सख्ती का संदेश गया है।

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