किशनगंज। बिहार की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने मंगलवार की सुबह किशनगंज और कटिहार में सर्व शिक्षा अभियान की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) रूबी कुमारी के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। DPO और उनके पति पर आय से 87.49% अधिक यानी करीब 2.45 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित करने का गंभीर आरोप है। इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई से शिक्षा विभाग और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
7 साल में 11 जगहों पर जमीन
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि रूबी कुमारी ने वर्ष 2018 से 2025 के बीच महज 7 सालों में कटिहार में कुल 11 अलग-अलग जगहों पर जमीन की खरीद की है। इसके अलावा, कटिहार में 2 कट्ठा जमीन पर एक आलीशान 5 मंजिला मकान का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी अधिकारी की संपत्ति का दायरा सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं है, बल्कि पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी (बागडोगरा मौजा) में भी जमीन होने की चर्चा है। EOU की विशेष टीम इस बंगाल कनेक्शन और वित्तीय लेन-देन के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है। हालांकि, कटिहार से 8 लाख रुपये नकद मिलने की भी चर्चा है, जिसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
छापेमारी के दौरान घर से निकलीं DPO
आर्थिक अपराध इकाई की 12 सदस्यीय टीम जब सुबह करीब 7 बजे पटना से दो गाड़ियों में सवार होकर किशनगंज पहुंची, तो शुरुआती पलों में महिला अफसर मौके से नदारद मिलीं। हालांकि, मोबाइल लोकेशन को ट्रैक करने के बाद टीम ने लाइनपाड़ा स्थित उनके किराए के मकान से उन्हें तलाश लिया।
EOU की टीम ने उनके किशनगंज कार्यालय में करीब 5 घंटे तक सघन छानबीन की। इस दौरान बैंक खातों, निवेश, और वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों को खंगाला गया। EOU के डीएसपी राकेश कुमार ने बताया कि किशनगंज में हुई रेड के दौरान जमीन, गाड़ी और अन्य जरूरी कागजात जब्त किए गए हैं, साथ ही रूबी कुमारी से लंबी पूछताछ भी की गई है।
पति हैं रेलवे में सीनियर TTE
जांच के घेरे में आई DPO रूबी कुमारी जुलाई 2025 से किशनगंज में पदस्थापित हैं। इससे पहले वह कटिहार में 3 साल और उससे पहले पूर्णिया में शिक्षा विभाग में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं।
उनके परिवार की पृष्ठभूमि भी काफी मजबूत है। रूबी कुमारी के पति गौरव कुमार यादव उर्फ बंटी यादव कटिहार रेल डिवीजन में सीनियर टीटीई (TTE) के पद पर कार्यरत हैं। वहीं, उनके ससुर मुक्ति यादव कटिहार के प्रसिद्ध मारवाड़ी पाठशाला से प्रधानाध्यापक पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। फिलहाल आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की टीम दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की गहराई से तहकीकात कर रही है।

