सासाराम। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में गुरुवार को लघु जल संसाधन विभाग, सासाराम प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता (एक्जीक्यूटिव इंजीनियर) अरविंद कुमार चौधरी के विभिन्न ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में यह कार्रवाई सासाराम, पटना, मुजफ्फरपुर, बांका और डेहरी ऑन सोन समेत कुल छह ठिकानों पर की जा रही है। प्रारंभिक जांच में करोड़ों रुपये के फ्लैट, महंगे आभूषण और अकूत संपत्ति के दस्तावेज बरामद हुए हैं।

​आय से अधिक संपत्ति और EOU का शिकंजा

​आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के अनुसार, कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार चौधरी पर उनकी वैध आय से लगभग 1.20 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अवैध रूप से अर्जित करने का गंभीर आरोप है। पुख्ता सबूत मिलने के बाद EOU ने विशेष न्यायालय (निगरानी), पटना से तलाशी वारंट प्राप्त किया और इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। इस मामले में आर्थिक अपराध थाना कांड संख्या 15/26 के तहत दिनांक 29 जुलाई 2026 को औपचारिक मामला दर्ज किया गया है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की प्रासंगिक धाराओं के तहत यह पूरी कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

​पटना से सासाराम और मुजफ्फरपुर तक छापेमारी

​EOU की विशेष टीमों ने इंजीनियर के ठिकानों पर एक साथ दबिश दी है। पटना के दानापुर स्थित आदमपुर इलाके के वीनस पैराडाइज अपार्टमेंट के चौथे टावर के फ्लैट नंबर 405 में टीम ने लंबी तलाशी ली। इसके अलावा आशापुर दानापुर क्षेत्र में स्थित उनके एक अन्य फ्लैट पर भी जांच पड़ताल जारी है।
​मुजफ्फरपुर शहर के महमाया स्थान स्थित उनके ससुराल, सासाराम में उनके सरकारी कार्यालय, डेहरी ऑन सोन के सरकारी आवास तथा बांका जिले के रजौन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले उनके पैतृक गांव पीपरडीह में भी एक साथ छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है।

​करोड़ों के फ्लैट, चांदी का मुकुट और लग्जरी घड़ियां बरामद

​छापेमारी के दौरान अब तक की गई जांच में भारी मात्रा में बेनामी और आय से अधिक संपत्ति के संकेत मिले हैं। पटना स्थित आलीशान फ्लैट के इंटीरियर डिजाइनिंग पर ही लाखों रुपये खर्च किए जाने की बात सामने आई है। इसके अलावा तलाशी के दौरान सोने-चांदी के गहने, चांदी का मुकुट, महंगी घड़ियां और भारी मात्रा में जमीनों व संपत्तियों के अहम कागजात हाथ लगे हैं। EOU की तकनीकी और वित्तीय विशेषज्ञों की टीम इन सभी दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अकूत संपत्ति को बनाने में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

​जांच पूरी होने के बाद हो सकता है बड़ा खुलासा

​अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल तलाशी अभियान और दस्तावेजों की स्क्रूटनी का काम चल रहा है। जैसे ही देश के अलग-अलग हिस्सों में चल रही इन सभी छह जगहों की छापेमारी पूरी होगी, उसके बाद EOU की ओर से एक विस्तृत प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पूरे मामले का आधिकारिक खुलासा किया जाएगा। इस बड़ी कार्रवाई से भ्रष्ट अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।