हेमंत शर्मा, इंदौर। संस्कृति डेवलपर्स के मालिक बंटी नागर की आत्महत्या के मामले में पुलिस अब जांच का दायरा लगातार बढ़ा रही है। पुलिस का फोकस सिर्फ आत्महत्या की परिस्थितियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बंटी नागर किन लोगों के संपर्क में थे, किन लोगों के साथ उनका आर्थिक लेनदेन था और उनकी मौत से पहले आखिर ऐसी कौन सी परिस्थितियां बनीं, जिनके चलते उन्होंने इतना बड़ा कदम उठाया। संस्कृति के प्रोजेक्ट्स की फाइलें अब पुलिस के रडार पर।
लैंड ओनर्स की लिस्ट बनाने में जुटी पुलिस
पुलिस संस्कृति डेवलपर्स से जुड़े अलग-अलग प्रोजेक्ट्स के लैंड ओनर्स की लिस्ट बनाने में जुटी हुई है साथ डायरी धारकों की भी जानकारी पुलिस जुटा रही है। इनमें Sanskruti Shubh Aangan, Sanskruti Enclave, Sanskruti Royal Palm, Sanskruti Enclave Extension, Sanskruti Royal City, Sanskruti Royal City Phase II, Sanskruti Royal City Sec-A शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इन प्रोजेक्ट्स से जुड़े लैंड ओनर, डायरी, प्लॉट धारकों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की तैयारी है।पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि इन प्रोजेक्ट्स में बंटी नागर की भूमिका क्या थी, किन लोगों के साथ उनका आर्थिक या व्यावसायिक संपर्क था और हाल के दिनों में किसी तरह का विवाद या दबाव तो नहीं चल रहा था।
कई महिलाओं से भी पूछताछ की तैयारी
जांच का एक अहम पहलू बंटी नागर के व्यक्तिगत और कारोबारी संपर्कों को लेकर भी बताया जा रहा है।पुलिस उन लोगों की जानकारी जुटा रही है, जिनसे बंटी नागर लगातार फोन पर बातचीत करते थे। कुछ महिलाओं से भी पूछताछ किए जाने की बात सामने आ रही है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी हुई है कि बंटी नागर की मौत से पहले उनके संपर्क में कौन-कौन लोग थे और उनके बीच किस तरह की बातचीत होती थी।
तीन मोबाइल की चर्चा, पुलिस के पास अब तक एक?
मामले में मोबाइल फोन भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकता है।सूत्रों के मुताबिक, बंटी नागर के पास आईफोन, एक छोटा मोबाइल और सैमसंग फोल्ड फोन होने की जानकारी सामने आई है। वहीं पुलिस के पास फिलहाल एक मोबाइल जब्त होने की बात कही जा रही है।अगर दूसरे मोबाइल वास्तव में इस्तेमाल में थे, तो उनकी बरामदगी और डिजिटल जांच से कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।
अब WhatsApp कॉल भी जांच के घेरे में
पुलिस के पास उपलब्ध CDR यानी कॉल डिटेल रिकॉर्ड में एक महीने के दौरान बड़ी संख्या में मोबाइल नंबर सामने आने की जानकारी है।अब जांच सिर्फ सामान्य कॉल तक सीमित नहीं रहने वाली। पुलिस कथित तौर पर WhatsApp कॉल और डिजिटल कम्युनिकेशन से जुड़ी जानकारी भी खंगालने में जुटी है।साथ ही बंटी नागर के नाम पर कितनी SIM जारी हुई थीं, उनकी जानकारी भी जुटाई जा रही है।यानी अब जांच का दायरा सिर्फ ‘किससे बात हुई?’ तक नहीं, बल्कि ‘कब बात हुई, कितनी बार हुई और मौत से पहले किन लोगों से संपर्क बढ़ा?’ तक पहुंच रहा है।
परिवार के साथ वकील पहुंचने पर भी उठे सवाल
मामले में एक और बात पुलिस की जांच में चर्चा का विषय बनी हुई है।बताया जा रहा है कि बंटी नागर का परिवार पुलिस के सामने बयान देने के लिए अपने साथ अधिवक्ता लेकर पहुंचा था।हालांकि किसी परिवार के कानूनी सलाह लेने को अपने आप में गलत नहीं माना जा सकता, लेकिन जांच के लिहाज से पुलिस यह भी समझने की कोशिश कर सकती है कि परिवार के पास मामले से जुड़ी कौन-कौन सी जानकारी है और क्या कोई ऐसा तथ्य है, जिसे सामने लाने की जरूरत है।
संदीप तेल के परिवार से भी पूछताछ की संभावना
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस इंदौर के संदीप तेल के परिवार से जुड़े कुछ लोगों से भी पूछताछ कर सकती है।बताया जा रहा है कि बंटी नागर और उनसे जुड़े लोगों के बीच कथित तौर पर बड़े आर्थिक लेनदेन की जानकारी भी जांच के दायरे में है। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।अगर पुलिस को वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेज या डिजिटल रिकॉर्ड मिलते हैं, तो यह जांच की दिशा में महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकते हैं।
कहीं फोन खोलेगा राज, तो कहीं प्रोजेक्ट की फाइल?
बंटी नागर की आत्महत्या की वजह का पता लगाने के लिए पुलिस अब प्रोजेक्ट्स, जमीन के सौदे, प्लॉट धारक, आर्थिक लेनदेन, फोन रिकॉर्ड, डिजिटल कम्युनिकेशन और व्यक्तिगत संपर्कों तक जांच को ले जा रही है।सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर बंटी नागर के साथ ऐसा क्या हुआ कि उन्होंने आत्महत्या जैसा कदम उठाया? क्या वजह कारोबारी थी? क्या कोई बड़ा आर्थिक विवाद था? क्या किसी लेनदेन का दबाव था? क्या किसी खास व्यक्ति से लगातार संपर्क इसका हिस्सा था? या फिर कहानी में कोई ऐसा पहलू है, जो अभी पुलिस की जांच से बाहर है? इन सवालों के जवाब फिलहाल जांच में सामने आने बाकी हैं।
असली कहानी पुलिस की जांच
पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, संस्कृति डेवलपर्स से जुड़े प्रोजेक्ट्स और बंटी नागर के संपर्क में रहे लोगों से पूछताछ के बाद तस्वीर साफ होने की उम्मीद है। फिलहाल किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना जल्दबाजी होगी; असली कहानी पुलिस की जांच और सामने आने वाले सबूत तय करेंगे।
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