अभिषेक सेमर, तखतपुर। बिलासपुर जिला पंचायत से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सरकारी व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि जिला पंचायत में लंबे समय से पदस्थ एक कर्मचारी ने कथित फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी हासिल की और काम कराने के एवज में राशि मांगने के आरोप भी उस पर लगे हैं।

इस पूरे मामले को लेकर तखतपुर जनपद पंचायत की अध्यक्ष डॉ. माधवी वस्त्रकार ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और जिला कलेक्टर से शिकायत कर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इन आरोपों की कभी जांच हुई? अगर नहीं, तो इतने लंबे समय तक मामला जिम्मेदार अधिकारियों की नजरों से दूर कैसे रहा? अब देखना होगा कि शिकायत के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है और जांच में आखिर क्या सच्चाई सामने आती है।
चेतावनी के बावजूद कार्यशैली में सुधार नहीं, संविदा कर्मी की शिकायत
बिलासपुर जिला पंचायत में पदस्थ एक संविदा कर्मी प्रमिल लट्ठारे की कार्यशैली को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वर्ष 2024 में जिला कार्यक्रम समन्वयक (मनरेगा) एवं कलेक्टर की ओर से संबंधित कर्मचारी को चेतावनी पत्र जारी किया गया था। इसमें निर्धारित कार्यक्षेत्र के अलावा अन्य योजनाओं में हस्तक्षेप पाए जाने पर सेवा समाप्ति की कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी।

इसके बावजूद कार्यशैली में सुधार नहीं होने और जिला पंचायत कार्यालय की कथित उदासीनता का आरोप लगाते हुए मामले की शिकायत राज्य कार्यालय और कलेक्टर से की गई है। अब देखना होगा कि शिकायत के बाद प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।
कर्मचारी के खिलाफ माधवी वस्त्रकार ने खोला मोर्चा
जिला पंचायत में पदस्थ कर्मचारी प्रमिल लट्ठारे के खिलाफ तखतपुर जनपद पंचायत अध्यक्ष डॉ. माधवी वस्त्रकार ने उच्चस्तरीय शिकायत की है। शिकायत में क्षेत्र में विकास कार्यों के एवज में कमीशनखोरी, पैसों की मांग और फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
डॉ. माधवी वस्त्रकार ने मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए आरोपों की सत्यता सामने लाने और दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अब शिकायत के बाद प्रशासन की कार्रवाई पर नजरें टिकी हैं। हालांकि, आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
भ्रष्टाचार और गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं, शिकायत मिलने पर होगी जांच: कलेक्टर
बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने स्पष्ट कहा है कि जिले में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार और गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि संबंधित मामले में अभी शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शिकायत मिलते ही मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में संबंधित कर्मचारी की संलिप्तता या गड़बड़ी पाए जाने पर नियमानुसार विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
शिकायत मिलने पर कराई जाएगी जांच, दोषियों पर होगी कार्रवाई: सीईओ
बिलासपुर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल ने कहा कि संबंधित मामले में अभी तक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शिकायत मिलने पर जल्द ही मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
संबंधित कर्मचारी का पक्ष नहीं आया सामने
इस मामले में संबंधित कर्मचारी प्रमिल लट्ठारे से मोबाइल के माध्यम से संपर्क कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनके द्वारा कॉल रिसीव नहीं किया गया। इसके चलते मामले में उनका पक्ष सामने नहीं आ सका।
अब देखना होगा कि उच्चस्तरीय शिकायत के बाद मामले की निष्पक्ष जांच होती है या नहीं। जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाती है या फिर जांच महज औपचारिकता बनकर रह जाती है। फिलहाल पूरे मामले में प्रशासन के अगले कदम पर नजरें टिकी हैं।

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