फरीदाबाद। बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के कारण फरीदाबाद जिले में बिजली संकट गहरा गया है। पिछले करीब 36 घंटे से बिजली आपूर्ति बाधित होने से जिले की औद्योगिक इकाइयों की रफ्तार पूरी तरह थम गई है। लघु उद्योग भारती ने महज दो दिन में उद्योगों को करीब 1000 करोड़ रुपये का भारी नुकसान होने का दावा किया है। लगातार कट के चलते कारखानों में उत्पादन ठप है और उद्यमियों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
120 से अधिक फीडर ब्रेकडाउन, आधी रह गई खपत
जिले में बिजली सप्लाई चरमराने से 120 से अधिक 11 केवी और तीन 33 केवी फीडर ब्रेकडाउन हो चुके हैं। इस वजह से 50 से ज्यादा शहरी इलाके और करीब 70 गांव सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शुक्रवार दोपहर 2 बजे तक बिजली की खपत सामान्य 1100 मेगावाट से आधी घटकर महज 545 मेगावाट पर आ गई। इस दौरान बिजली निगम के पास करीब 2000 शिकायतें पेंडिंग रहीं।
जनरेटर चलाने से दो से तीन गुना बढ़ी लागत
फरीदाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष आरजी अग्रवाल ने बताया कि लगातार बिजली कटौती से कारखानों में उत्पादन पूरी तरह रुक गया है। काम चालू रखने के लिए डीजल जनरेटर चलाने पड़ रहे हैं, जिससे उत्पादन लागत सामान्य से दो से तीन गुना तक बढ़ गई है। इसके साथ ही त्योहारी सीजन होने के कारण मिले ऑर्डर्स को समय पर पूरा करने की गंभीर चुनौती खड़ी हो गई है।
30 हजार औद्योगिक इकाइयों पर पड़ा असर
लघु उद्योग भारती के दक्षिण हरियाणा प्रभारी रवि भूषण खत्री के अनुसार, इस बिजली संकट का असर जिले की करीब 30 हजार औद्योगिक इकाइयों पर पड़ा है। छोटी और मध्यम श्रेणी की इकाइयां बिजली न होने से सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं। उद्यमियों का कहना है कि यदि जल्द ही बिजली कर्मचारियों की हड़ताल का समाधान नहीं निकाला गया, तो नुकसान का आंकड़ा और बड़ा हो सकता है।
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