फरीदाबाद। पल्ला थाना क्षेत्र में गोपाल हत्याकांड को लेकर उसके परिजनों ने दावा किया है कि हत्या से चार दिन पहले भी उसे मारने की कोशिश की गई थी। गोपाल के भाई भूरे के मुताबिक, उसे खाटूश्याम ले जाने के बहाने कार में अगवा किया गया। आरोप है कि कार में उसके साथ मारपीट की गई और गले में गमछे का फंदा लगाया गया। इसके बाद आरोपी उसे मरा समझकर जेवर क्षेत्र में सुनसान जगह छोड़ गए।
भूरे के मुताबिक, होश आने पर गोपाल ने स्थानीय लोगों की मदद से अपनी पत्नी को फोन किया। इसके बाद उसकी बेटी शालिनी उसे लेने पहुंची और पल्ला क्षेत्र में एक परिचित के ठिकाने पर ले गई।
दो दिन तक बेहोश रखने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि परिचित के ठिकाने पर गोपाल को इंजेक्शन देकर बेहोश रखा गया। उनके मुताबिक, वह करीब दो दिन तक इसी हालत में रहा। परिवार के अनुसार, 13 अक्टूबर को गोपाल की पत्नी काजल भी हाथरस से वहां पहुंची। आरोप है कि अगले दिन काजल ने योगेंद्र को बुलाया। परिजनों का दावा है कि 14 अक्टूबर की रात दोनों ने गोपाल की गर्दन पर चाकू से वार कर उसकी हत्या कर दी।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि हत्या से पहले काजल ने शालिनी को सोनीपत भेज दिया था। वारदात के बाद योगेंद्र फरीदाबाद से फरार हो गया। परिवार ने हत्या से पहले गोपाल के साथ हुई कथित घटना और हत्या में काजल व योगेंद्र की भूमिका को लेकर ये दावे किए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
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