अंबाला. संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) से जुड़े किसान संगठन अपनी मांगों को लेकर पैदल मार्च करने पर डटे हुए हैं। स्थिति तनावपूर्ण ना हो इसके लिए प्रशासन और पुलिस दोनों ही सजग है लेकिन हालात को किसने देखा है. अंबाला में इसे देखते हुए धारा 155 लागू कर दी गई है। आंदोलन के लिए किसानों को दिल्ली पुलिस से अनुमति लेने के लिए कहा गया है।
संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) से जुड़े किसान संगठनों ने छह दिसंबर को शंभू बॉर्डर से पैदल दिल्ली कूच करने की तैयारियां तेज कर दी है। प्रशासन ने उन्हें कई बार समझाने की कोशिश की पर नतीजा ठीक नहीं रहा। किसान आंदोलन को लेकर हरियाणा सरकार सहमत नहीं है। अंबाला जिला प्रशासन ने शंभू बॉर्डर पर पंजाब सीमा के भीतर आकर आंदोलन स्थल पर एक नोटिस लगा दिया है कि अंबाला में धारा 144 लगाई गई है।

मरजीवड़ा जत्था करेगा किसानों का नेतृत्व
किसान पैदल मार्च के लिए बड़ी संख्या में जुड़ गए हैं। उन्होंने इसके लिए हर तैयारी कर ली है। किसानों का नेतृत्व करने वाले दल को मरजीवड़ा जत्था का नाम दिया है। इन जत्थों में शामिल होने वाले किसानों से ऑनलाइन फार्म भरवाए जा रहे हैं।
भारतीय किसान यूनियन (शहीद भगत सिंह) हरियाणा के प्रवक्ता तेजवीर सिंह पंजोखरा ने बताया कि फार्म भरने वाले किसान से यह शपथ भी ली जा रही है कि मांगों को पूरा करवाने के लिए वह अपनी जान की आहुति देने से भी पीछे नहीं हटेगा। आपको बता दें बड़ी संख्या में किसान आंदोलन के लिए जुट रहे हैं।
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