Balotra Nagar Parishad: बालोतरा नगर परिषद सभापति चुनाव 2026 में गुरुवार को अचानक बड़ा सियासी ट्विस्ट आ गया। भाजपा के टिकट पर वार्ड 29 से चुनाव जीते पार्षद नैनाराम सुन्देशा, जिन्होंने एक दिन पहले निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल किया था, गुरुवार को अपना नाम वापस लेने एसडीएम कार्यालय पहुंच गए।
उनके नामांकन में कांग्रेस पार्षद रामेश्वर प्रजापत प्रस्तावक बने थे। नैनाराम के नामांकन वापसी के लिए पहुंचते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनकी गाड़ी रोकने का प्रयास किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्यकर्ताओं को हटाया और नैनाराम की गाड़ी को सुरक्षित एसडीएम कार्यालय तक पहुंचाया।

एक दिन पहले भाजपा में बगावत, दूसरे दिन यू-टर्न
बालोतरा में सभापति पद के लिए बुधवार को नामांकन हुए थे। भाजपा ने योगेश कुमार को अपना प्रत्याशी बनाया। इसी बीच भाजपा पार्षद नैनाराम सुन्देशा ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर पर्चा भर दिया। नैनाराम पहले भी चार बार पार्षद रह चुके हैं और इस बार पांचवीं बार नगर परिषद पहुंचे हैं। उनके निर्दलीय नामांकन में कांग्रेस पार्षद रामेश्वर प्रजापत प्रस्तावक बने। नामांकन के दौरान नैनाराम खुद मौजूद नहीं थे। गुरुवार को कहानी अचानक बदल गई। नैनाराम सुन्देशा नामांकन वापस लेने के लिए एसडीएम कार्यालय पहुंचे। उनके पहुंचने की खबर के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता भी वहां पहुंच गए और उनकी गाड़ी रोकने का प्रयास किया।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
नैनाराम की गाड़ी रोके जाने की कोशिश के बाद मौके पर माहौल गरमा गया। पुलिस और प्रशासन ने तत्काल हस्तक्षेप किया। कार्यकर्ताओं को हटाया गया और नैनाराम की गाड़ी को एसडीएम कार्यालय के अंदर तक सुरक्षित पहुंचाया गया। नामांकन वापसी के इस घटनाक्रम ने बालोतरा सभापति चुनाव को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। खास बात यह है कि भाजपा के पास बहुमत होने के बावजूद सभापति पद के नामांकन ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया था।
कांग्रेस के दो प्रत्याशियों ने भी बढ़ाया पेच
सभापति पद के लिए कांग्रेस की ओर से अंकिता किशन गहलोत माली और मुकेश प्रजापत ने नामांकन दाखिल किया। मुकेश प्रजापत ने कांग्रेस प्रत्याशी के साथ निर्दलीय के रूप में भी पर्चा भरा। दोनों ही पहली बार पार्षद निर्वाचित हुए हैं। कांग्रेस प्रत्याशियों के नामांकन के दौरान पूर्व विधायक मदन प्रजापत, जिलाध्यक्ष प्रियंका मेघवाल समेत पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस तरह नामांकन के स्तर पर भाजपा के योगेश कुमार, निर्दलीय नैनाराम सुन्देशा, कांग्रेस की अंकिता किशन गहलोत माली और मुकेश प्रजापत के साथ मुकेश का निर्दलीय पर्चा सामने आया।
बहुमत भाजपा के पास, फिर भी क्यों बढ़ा सियासी रोमांच?
बालोतरा नगर परिषद समेत छह निकायों में भाजपा को बहुमत मिला है। इसके बावजूद भाजपा के ही पार्षद के निर्दलीय नामांकन और फिर अगले दिन नाम वापस लेने पहुंचने से सभापति चुनाव की चर्चा तेज हो गई। अब नैनाराम के नामांकन वापस लेने के बाद चुनावी तस्वीर किस तरह बदलती है, इस पर नजर है। नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सभापति पद की अंतिम तस्वीर साफ होगी।
जसोल में भी भाजपा के दो दावेदार
इसी बीच जसोल नगर पालिका अध्यक्ष पद पर भी भाजपा के सामने अपने ही दो दावेदारों की चुनौती है। यहां भाजपा से निर्मला और निकिता जांगिड़ ने नामांकन दाखिल किया है। कांग्रेस से ममता और निर्दलीय रिंकु देवी मैदान में हैं। जसोल में भी नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी के बाद मुकाबले की तस्वीर साफ होगी।
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