फतेहाबाद। हरियाणा के फतेहाबाद में सोमवार की सुबह एक बेहद डरावना मंजर देखने को मिला। भट्टूकलां से सवारियों को लेकर फतेहाबाद की तरफ आ रही हरियाणा रोडवेज की एक बस रोजाना की तरह अपनी रफ्तार में दौड़ रही थी। बस में करीब 50 यात्री सवार थे, जो अपने-अपने कामों और मंजिलों की चर्चा में मशगूल थे।

सुबह के करीब सवा 9 बजे थे और बस मानावली गांव के नजदीक पहुंच चुकी थी। तभी अचानक एक जोरदार धमाका हुआ, जिसने पूरी बस को हिलाकर रख दिया।
सवारियों को कुछ समझ आता, इससे पहले ही बस अनियंत्रित होकर लहराने लगी।

दरअसल, बस का अगला टायर पूरी तरह से फट चुका था। अचानक आए इस संकट से बस के भीतर चीख-पुकार मच गई। यात्रियों की सांसें हलक में अटक गईं और हर कोई किसी अनहोनी की आशंका से कांप उठा। सवारियों की संख्या ज्यादा होने के कारण बस के असंतुलित होकर पलटने का पूरा खतरा मंडरा रहा था, जिससे एक बड़ा और दर्दनाक हादसा हो सकता था।

लेकिन मौत के इस बेहद करीब आ चुके मोड़ पर ड्राइवर राकेश देवदूत बनकर सामने आए। जब बस हाथ से निकलती दिख रही थी, तब ड्राइवर ने अपना आपा नहीं खोया। उन्होंने गजब की सूझबूझ और हिम्मत का परिचय देते हुए पूरी ताकत से स्टीयरिंग को संभाला और लड़खड़ाती बस को नियंत्रित कर सुरक्षित रोक लिया।

जैसे ही बस रुकी, यात्रियों ने राहत की गहरी सांस ली। ड्राइवर राकेश की इस जांबाजी की बदौलत 50 जिंदगियां बाल-बाल बच गईं और एक बहुत बड़ा हादसा टल गया।
हालांकि, इस खौफनाक घटना ने एक बार फिर से चलते वाहनों के टायरों की फिटनेस और उनकी नियमित जांच की जरूरत पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।