भोपाल/मंदसौर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का महत्वाकांक्षी ‘प्रोजेक्ट चीता’ मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में लगातार नए आयाम स्थापित कर रहा है। इसी कड़ी में प्रदेश में चीतों के संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवास के विस्तार के लिए एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। कूनो नेशनल पार्क में रह रही बोत्सवाना की मादा चीता CCB-2 को अब मंदसौर स्थित गांधी सागर वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी में स्थानांतरित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 20 सितंबर को खुद इस मादा चीता को गांधी सागर सैंक्चुरी के बाड़े में रिलीज करेंगे।
बोत्सवाना से आई थी CCB-2, कूनो में खुद को भारतीय माहौल में ढाला
बोत्सवाना के घांजी में जन्मी मादा चीता सीसीबी-2 करीब ढाई वर्ष की उम्र में इसी साल 28 फरवरी को भारत लाई गई थी। कूनो नेशनल पार्क में अनिवार्य क्वारंटीन अवधि पूरी करने के बाद मई महीने में उसे खुले जंगल में छोड़ा गया था। कम समय में ही सीसीबी-2 ने भारतीय जलवायु और परिस्थितियों के अनुकूल खुद को बेहतरीन तरीके से ढाल लिया और पूरी तरह स्वस्थ है।
गांधी सागर में बढ़ेगा चीतों का कुनबा; अब होंगे 2 नर और 2 मादा चीते
अब सीसीबी-2 ‘प्रोजेक्ट चीता’ के अगले और महत्वपूर्ण चरण का हिस्सा बनने जा रही है। गांधी सागर वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी में इसके पहुंचने से वहां मौजूद चीतों का कुनबा और मजबूत होगा। सीसीबी-2 की शिफ्टिंग के बाद गांधी सागर में कुल 2 नर और 2 मादा चीते हो जाएंगे, जिससे आने वाले समय में चीतों की वंश-वृद्धि और आबादी के विस्तार को बड़ी मदद मिलेगी।
मेटापॉपुलेशन डेवलपमेंट का लक्ष्य; कूनो-गांधी सागर बेल्ट में 60-70 चीतों की तैयारी
केंद्र सरकार के आधिकारिक प्रोजेक्ट फ्रेमवर्क के तहत देश में दीर्घकालिक चीता ‘मेटापॉपुलेशन’ विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत कूनो नेशनल पार्क और गांधी सागर सैंक्चुरी के संयुक्त परिदृश्य में भविष्य में 60 से 70 चीतों को बसाने और उनका प्राकृतिक आवास तैयार करने की योजना है। सीसीबी-2 की यह शिफ्टिंग मध्य प्रदेश को दुनिया में चीतों के प्रमुख संरक्षण केंद्र के रूप में स्थापित करने में मील का पत्थर साबित होगी।
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