Business Desk – Fevicol Price Hike : फेविकोल बनाने वाली कंपनी पिडिलाइट इंडस्ट्रीज ने अक्टूबर में अपने कई उत्पादों की कीमतें बढ़ा दी हैं। कंपनी ने फेविकोल के दाम 5 रुपए प्रति किलो बढ़ाए हैं। कच्चे माल की बढ़ती लागत के बीच इस साल कंपनी ने तीसरी बार कीमतों में बढ़ोतरी की है।

पिडिलाइट ने फेविकोल MR, SH, मरीन और प्रोबॉन्ड जैसे उत्पादों की कीमतों में 5 रुपए प्रति किलो की बढ़ोतरी की है। इनका इस्तेमाल लकड़ी के फर्नीचर, दरवाजे और अलमारी बनाने में होता है।
कीमतें बढ़ने से दुकानदारों और कारीगरों की लागत बढ़ सकती है। हालांकि, ग्राहकों को मिलने वाली कीमत में अंतर पैक के आकार और दुकानदार के हिसाब से अलग हो सकता है।
कंपनी ने 2026 में इससे पहले भी कीमतों में बदलाव किए थे। मई-जून में दाम 10 रुपए प्रति किलो बढ़ाए गए थे। जुलाई में 26 रुपए प्रति किलो की और बढ़ोतरी हुई, जबकि अगस्त में 10 रुपए प्रति किलो की छूट दी गई थी। अब अक्टूबर में कीमतें फिर बढ़ा दी गई हैं।
कच्चे माल की कीमतों में 50% तक उछाल
फेविकोल के दाम बढ़ने की प्रमुख वजह कच्चे माल की महंगाई बताई जा रही है। बाजार से मिली जानकारी के मुताबिक, कुछ जरूरी कच्चे माल की कीमतें 40 से 50% तक बढ़ी हैं। इनमें विनाइल एसीटेट मोनोमर (VAM) भी शामिल है, जिसका इस्तेमाल चिपकाने वाले उत्पाद बनाने में होता है।
अक्टूबर में कीमतें बढ़ाने के ताजा फैसले पर पिडिलाइट की ओर से अभी कोई टिप्पणी नहीं आई है। इससे पहले कंपनी ने जून तिमाही के दौरान अपने उत्पादों की कीमतों में करीब 12% बढ़ोतरी की बात कही थी। उस समय मध्य पूर्व में संघर्ष के कारण बढ़ती लागत को इसकी वजह बताया गया था।
कंपनी की लागत और मुनाफे पर नजर
कच्चे माल की महंगाई के बीच कंपनी के सामने लागत संभालने की चुनौती है। अब देखना होगा कि बढ़ी हुई कीमतों से कंपनी को लागत की भरपाई करने में कितनी मदद मिलती है और आने वाली तिमाहियों में उसके मुनाफे पर इसका क्या असर पड़ता है।

