मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. श्रीराम जन्मभूमि पर बन रहे भव्य राम मंदिर को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. राम मंदिर भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अहम सदस्य नृपेंद्र मिश्रा तीन दिवसीय समीक्षा बैठक के लिए अयोध्या पहुंचे हैं. अयोध्या पहुंचते ही उन्होंने सबसे पहले हनुमानगढ़ी में हनुमान जी के दर्शन-पूजन किए और उसके बाद सीधे राम मंदिर परिसर का निरीक्षण करने पहुंचे. परिसर में चल रहे कार्यों की समीक्षा के बाद नृपेंद्र मिश्रा ने मीडिया को महत्वपूर्ण जानकारी दी.

नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि राम मंदिर परिसर का मुख्य निर्माण कार्य अब पूरी तरह से संपन्न हो चुका है. मंदिर का गर्भगृह, शिखर, परकोटा और परिसर के अन्य प्रमुख भवन तैयार हैं. अब केवल एक औपचारिक कार्य शेष है – पूर्ण स्मृति स्तंभ के शीर्ष पर ट्रस्ट का कांस्य लोगो लगाया जाना बाकी है. इसके लिए ट्रस्ट के मौजूदा लोगो को ही अंतिम मंजूरी दे दी गई है. जल्द ही इसे स्थापित कर दिया जाएगा, जिसके साथ ही निर्माण का अध्याय औपचारिक रूप से पूरा हो जाएगा.ट्रस्ट सूत्रों के मुताबिक मुख्य मंदिर के अलावा बाउंड्री वॉल और ऑडिटोरियम जैसे दो प्रोजेक्ट पर काम अभी भी जारी है, जिन्हें इस साल के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.

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निर्माण पूरा होने के बाद अब ट्रस्ट का पूरा फोकस रामकथा संग्रहालय पर है. नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि संग्रहालय को विश्व स्तरीय बनाने की तैयारी है.उन्होंने जानकारी दी कि संग्रहालय की सभी 20 गैलरियों की स्क्रिप्ट और स्टोरीलाइन पूरी तरह से तैयार हो चुकी है. इन गैलरियों में भारत की पवित्र नदियों से राम की यात्रा और ‘दिव्य दर्शन’ जैसी इमर्सिव गैलरी शामिल होंगी.अब अगला चरण इन स्क्रिप्ट को वीडियो और 3D इमर्सिव फॉर्मेट में विकसित करने का है. इसके लिए अत्याधुनिक तकनीक और डिस्प्ले सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा.यह तीन दिवसीय बैठक बेहद अहम मानी जा रही है. इस बैठक में वेंडर्स के भुगतान, तैयार भवनों के डॉक्यूमेंट्स का ट्रस्ट को हस्तांतरण और संग्रहालय की गैलरी डिजाइन, डिस्प्ले तकनीक पर गहन चर्चा होगी.

बैठक में ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण गोपाल , L&T, TCE और सोमपुरा जैसी कार्यदायी एजेंसियों के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे. कुल मिलाकर, राम मंदिर अब निर्माण से आगे बढ़कर दर्शन, सुरक्षा और अपनी दिव्य कथा को दुनिया तक पहुंचाने के नए युग में प्रवेश कर रहा है.