अविनाश श्रीवास्तव, सासाराम। प्रकाश के पर्व दीपावली और लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर रोहतास जिला मुख्यालय सासाराम में अग्निशमन विभाग पूरी तरह मुस्तैद और अलर्ट मोड में आ गया है। त्योहारी सीजन में संभावित अग्नि दुर्घटनाओं को रोकने और आम जनता को जागरूक करने के लिए विभाग की ओर से एक विशेष जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य लोगों को आग से होने वाले खतरों के प्रति सचेत करना और त्योहारों को सुरक्षित तरीके से मनाना है।

​गांव-गांव नुक्कड़ नाटक

​त्योहारी सीजन के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में अगलगी की घटनाएं अक्सर सामने आती हैं, जिन्हें रोकने के लिए विभाग ने जमीनी स्तर पर प्रयास तेज कर दिए हैं। सासाराम के ग्रामीण इलाकों में विशेष नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से कलाकारों द्वारा लोगों को आग से बचाव के व्यावहारिक तरीके बताए जा रहे हैं। नुक्कड़ नाटक के जरिए ग्रामीणों को समझाया जा रहा है कि किस प्रकार छोटी सी लापरवाही भारी नुकसान का कारण बन सकती है और वे अपनी तथा अपने परिवार की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित कर सकते हैं।

​अधिकारियों की अपील

​अग्निशमन विभाग के अधिकारी अनिल वर्मा ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि इस मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों की पराली, सूखे पत्तों और अन्य कारणों से आग लगने का खतरा बढ़ जाता है। इसे ध्यान में रखते हुए विभाग ने लोगों से पुरजोर अपील की है कि वे दीपावली और छठ के दौरान पटाखों, मोमबत्तियों (कैंडल) और दीयों का प्रयोग बेहद संयमित और सावधानीपूर्वक करें।

​अधिकारी ने विशेष रूप से सलाह दी है कि:

  • ​दीपक और मोमबत्ती जलाते समय: इन्हें हमेशा ज्वलनशील वस्तुओं (जैसे पर्दे, कपड़े या सूखे भूसे) से दूर रखें और कभी भी इनकी निगरानी करना न छोड़ें।
  • ​पटाखे फोड़ते समय: बच्चों को अकेले पटाखे न चलाने दें और खुला स्थान चुनें, जहां आसपास आग पकड़ने वाली कोई सामग्री न हो।
  • ​भोजन बनाते या चूल्हा जलाते समय: छठ महापर्व के दौरान पारंपरिक रूप से चूल्हे का उपयोग करते समय पूरी सतर्कता बरतें और काम पूरा होने के बाद आग को पूरी तरह बुझा दें।

​सतर्कता से ही मनेगा सुरक्षित ज्त्योहार

​अग्निशमन विभाग का यह अभियान रोहतास जिले के विभिन्न गांवों में चर्चा का विषय बना हुआ है। विभाग का मानना है कि जागरूकता ही किसी भी आपदा से बचाव का सबसे बड़ा साधन है। अग्निशमन विभाग ने आम जनता से यह भी आग्रह किया है कि किसी भी आपात स्थिति या आग लगने की घटना की सूचना तुरंत नजदीकी अग्निशमन केंद्र को दें, ताकि समय रहते तुरंत कार्रवाई की जा सके और किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान को टाला जा सके। प्रशासन की इस सक्रियता से उम्मीद है कि इस बार का दीपोत्सव और छठ महापर्व पूरी तरह सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न होगा।