दिल्ली में हाल के दिनों में आग लगने की बड़ी घटनाओं के बाद अब प्रत्येक घर का फायर सेफ्टी ऑडिट (Fire Safety Audit) कराने की तैयारी की जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दिल्ली नगर निगम (MCD) को इसके लिए विस्तृत खाका तैयार करने के निर्देश दिए हैं। निगम को अक्टूबर महीने में ही मंत्रालय को बताना होगा कि इस अभियान को पूरा करने में कितना समय लगेगा, कितनी धनराशि की आवश्यकता होगी और कितने कर्मचारियों की जरूरत पड़ेगी।

अक्टूबर में सौंपनी होगी रिपोर्ट

गृह मंत्रालय के निर्देश के मुताबिक, MCD को फायर सेफ्टी ऑडिट की पूरी योजना तैयार कर इसी महीने रिपोर्ट सौंपनी होगी। इसमें ऑडिट की संभावित समयसीमा, बजट और कर्मचारियों की जरूरत का आकलन शामिल होगा। निगम की रिपोर्ट के आधार पर गृह मंत्रालय आगे ऑडिट कराने के लिए आदेश जारी करेगा। इसके बाद अभियान की प्रक्रिया और कार्ययोजना स्पष्ट होने की उम्मीद है।

आग की घटनाओं के बाद उठाया जा रहा कदम

दिल्ली में बीते दिनों पालम, मालवीय नगर और विवेक विहार समेत कई इलाकों में आग लगने की बड़ी घटनाएं सामने आई थीं। इन हादसों में कई लोगों की जान चली गई थी। इन घटनाओं ने घरों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में प्रत्येक घर का फायर सेफ्टी ऑडिट कराने की योजना बनाई जा रही है, ताकि आग से बचाव के इंतजामों का आकलन किया जा सके।

 अनधिकृत कॉलोनियों में भी होगा ऑडिट

दिल्ली में आग लगने की घटनाओं के बाद सरकार अग्नि सुरक्षा के बेहतर इंतजाम करने में जुटी है। इसी सिलसिले में हाल ही में केंद्रीय गृह सचिव गोविन्द मोहन की अध्यक्षता में गृह मंत्रालय में एक बैठक आयोजित की गई। इसमें दिल्ली सरकार, दिल्ली नगर निगम (MCD), दमकल विभाग, दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए।

बैठक में नगर निगम को निर्देश दिया गया कि वह दिल्ली के सभी घरों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने और अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुपालन की स्थिति का आकलन करने के लिए घर-घर जाकर जांच करने की योजना तैयार करे। इस अभियान के दायरे में दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों को भी शामिल किया जाएगा। नगर निगम को ऑडिट से जुड़ी विस्तृत योजना गृह मंत्रालय के समक्ष पेश करनी होगी। इसमें जांच की प्रक्रिया और आवश्यक संसाधनों का आकलन शामिल होगा। रिपोर्ट मिलने के बाद गृह मंत्रालय यह तय करेगा कि दिल्ली के घरों में स्ट्रक्चरल और फायर सेफ्टी ऑडिट किस तरह कराया जाएगा।

तीन साल में मजबूत होगा दमकल विभाग

दिल्ली में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दमकल विभाग के संसाधनों में भी बढ़ोतरी की जाएगी। गृह मंत्रालय में हुई बैठक के दौरान निर्देश दिए गए कि अगले तीन वर्षों में दमकल विभाग में कर्मचारियों की संख्या, दमकल केंद्रों और अत्याधुनिक उपकरणों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए काम किया जाए। इसके लिए चरणबद्ध कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है। इस योजना के लिए बजट दिल्ली सरकार उपलब्ध कराएगी। साथ ही, दमकल विभाग को बेंगलुरु, मुंबई और अन्य राज्यों में इस्तेमाल किए जा रहे आधुनिक उपकरणों और आग बुझाने के तरीकों का अध्ययन करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य दिल्ली में आग लगने की घटनाओं से निपटने के लिए अधिक प्रभावी और मजबूत व्यवस्था तैयार करना है।

दिल्ली में आग की बड़ी घटनाएं

दिल्ली में पिछले कुछ वर्षों के दौरान आग लगने की कई बड़ी घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है।

जून 2026: मालवीय नगर इलाके में ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट रेस्तरां में आग लगने से 23 लोगों की मौत।

मार्च 2026: पालम इलाके में आग लगने से 9 लोगों की जान गई।

मई 2024: विवेक विहार के एक अस्पताल में आग लगने से 8 नवजात बच्चों की मौत।

मई 2022: मुंडका की एक फैक्ट्री में आग लगने से 27 लोगों की जान गई।

इन घटनाओं के मद्देनजर घरों का स्ट्रक्चरल और फायर सेफ्टी ऑडिट कराने के साथ दमकल विभाग के संसाधनों को मजबूत करने की योजना पर काम किया जा रहा है।

घरों में बिजली के लोड से लेकर निकास के रास्तों तक की होगी जांच

दिल्ली सरकार से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, फायर सेफ्टी ऑडिट के दौरान घरों में कई अहम पहलुओं का आकलन किया जाएगा। इसमें बिजली के कनेक्शन पर कितना लोड है, मकान कितना पुराना है और आग से बचाव के लिए किस तरह के इंतजाम किए गए हैं, इसकी जांच होगी। इसके अलावा, घर में प्रवेश से लेकर बाहर निकलने तक के रास्तों की स्थिति भी देखी जाएगी। आसपास मौजूद बिजली के तारों से आग लगने की संभावनाओं का भी आकलन किया जाएगा। इस जांच का उद्देश्य घरों में आग लगने के संभावित जोखिमों की पहचान करना और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत का पता लगाना है।

नए दमकल केंद्रों के लिए DDA देगा जमीन

दिल्ली में दमकल विभाग की क्षमता बढ़ाने के लिए नए दमकल केंद्र खोलने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। इस संबंध में हुई बैठक में दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) को निर्देश दिया गया कि वह प्रस्तावित दमकल केंद्रों के लिए जल्द से जल्द जमीन उपलब्ध कराए। दिल्ली में दमकल केंद्रों की संख्या बढ़ाने के लिए सरकार ने DDA से भूमि मांगी है। नए केंद्र खुलने से दमकल विभाग के संसाधनों का विस्तार करने और आग लगने की घटनाओं पर समय रहते कार्रवाई करने की क्षमता बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m