जमशेदपुर। झारखंड आंदोलन के महानायक और पद्मभूषण दिशोम गुरु शिबू सोरेन की स्मृति में जमशेदपुर में पहली बार उनकी प्रतिमा स्थापित की गई। सोनारी ईस्ट क्षेत्र में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की ओर से आयोजित कार्यक्रम में आदिवासी परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना कर प्रतिमा का अनावरण किया गया और उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए गए।

आदिवासी परंपरा के साथ हुआ प्रतिमा अनावरण
सोनारी ईस्ट क्षेत्र में आयोजित समारोह में झामुमो के नेता, कार्यकर्ता और आदिवासी-मूलवासी समाज के बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रतिमा का अनावरण किया गया।

गूंजे ‘जोहार दिशोम गुरु’ के नारे
कार्यक्रम के दौरान “दिशोम गुरु अमर रहें”, “जोहार दिशोम गुरु” और “झारखंड के जननायक अमर रहें” जैसे नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। उपस्थित लोगों ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

संघर्ष और योगदान को किया याद
वक्ताओं ने कहा कि शिबू सोरेन ने अलग झारखंड राज्य आंदोलन को नई दिशा देने के साथ आदिवासी, मूलवासी, दलित और वंचित समाज के अधिकारों की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाया। उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।

नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनेगी प्रतिमा
नेताओं ने कहा कि सोनारी में स्थापित यह प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगी। यह दिशोम गुरु के संघर्ष, त्याग और सामाजिक न्याय के प्रति उनके समर्पण की याद हमेशा दिलाती रहेगी।