सोहराब आलम, मोतिहारी। जिले में यूरिया तस्करी और अवैध कालाबाजारी के खिलाफ प्रशासन की ताबड़तोड़ कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में सिविल और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने बंजरिया थाना क्षेत्र के लक्ष्मण चौक पर स्थित एक बड़े उर्वरक गोदाम पर छापेमारी कर उसे सील कर दिया है। इस बड़ी कार्रवाई से खाद के अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
गुप्त सूचना पर प्रशासन की संयुक्त छापेमारी
प्रशासन को यह पुख्ता सूचना मिली थी कि लक्ष्मण चौक स्थित एक गोदाम में अवैध तरीके से यूरिया और अन्य उर्वरकों का भारी मात्रा में भंडारण किया जा रहा है। पुलिस को यह भी जानकारी मिली थी कि तस्कर सुबह-सवेरे ट्रकों के जरिए गोदाम में खाद डंप कर रहे हैं। सूचना मिलते ही अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, बंजरिया प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) और स्थानीय पुलिस बल की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर छापेमारी की। अधिकारियों ने गोदाम का ताला खुलवाकर वहां मौजूद उर्वरक स्टॉक की भौतिक जांच शुरू की।
स्टॉक में भारी अंतर और लाइसेंस पर संशय
जांच के दौरान अधिकारियों को स्टॉक का मिलान करने में भारी कठिनाई हुई। गोदाम मालिक द्वारा बताए गए आंकड़ों और गोदाम के भीतर असल में मौजूद उर्वरक के स्टॉक में जमीन-आसमान का अंतर पाया गया।
मामला तब और अधिक संदिग्ध हो गया जब दस्तावेजों की पड़ताल की गई:
- लाइसेंस का पेंच: यह उर्वरक गोदाम सुनील कुमार का है। इससे पहले यह लाइसेंस उनके पिता के नाम पर था, जिनकी मृत्यु के बाद उसे ब्लॉक कर दिया गया था।
- नया लाइसेंस और पुरानी मैन्युफैक्चरिंग: इसी महीने की 10 तारीख को यह लाइसेंस सुनील कुमार के नाम पर नया निर्गत किया गया है।
- बड़ा सवाल: प्रशासन के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब लाइसेंस ब्लॉक था और इसी महीने की 10 तारीख को नया लाइसेंस मिला, तो गोदाम के अंदर मई 2026 में बनी यूरिया की खेप पहले से कहां से और कैसे आ गई?
अवैध कारोबारियों में मचा हड़कंप
इन्हीं तमाम गंभीर बिंदुओं, स्टॉक में गड़बड़ी और लाइसेंस की संदिग्ध टाइमिंग को आधार बनाते हुए प्रशासन ने तुरंत प्रभाव से गोदाम को सील कर दिया। फिलहाल, कृषि विभाग और पुलिस की टीम कागजातों की गहनता से जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस अवैध नेटवर्क के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं। प्रशासन के इस सख्त कदम से मोतिहारी और आसपास के इलाकों में खाद की कालाबाजारी करने वालों के बीच भारी खलबली मच गई है।



